यूपी – लापरवाही की तस्वीर: महिला अस्पताल में बेंच पर घंटों तड़पी रही प्रसूता, एंबुलेंस न मिली; पति ऑटो से ले गया घर – INA

आगरा के लेडी लायल अस्पताल में सोमवार को सरकारी स्वास्थ्य दावों की पोल खुल गई। एक प्रसूता को अस्पताल परिसर में बेंच पर घंटों तड़पना पड़ा। उसे समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी, जिससे परिजन ऑटो से घर ले गए।

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धनौली निवासी काजल की 28 मई को सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भीषण गर्मी के कारण उनके टांकों में संक्रमण हो गया। सोमवार को काजल को घबराहट और चक्कर आने लगे। पति कैलाश और सास उन्हें लेकर वापस अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी काजल की हालत लगातार बिगड़ती रही। उन्हें तत्काल एंबुलेंस की आवश्यकता थी लेकिन वह उपलब्ध नहीं हुई।

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कैलाश ने कई बार एंबुलेंस के लिए फोन किया। घंटों इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली। इस बीच काजल को तेज चक्कर आने लगे। सास ने उन्हें अस्पताल की बेंच पर लिटा दिया। वह तड़पती रही। कैलाश ने बार-बार फोन किया लेकिन एंबुलेंस स्टाफ ने बिचपुरी क्षेत्र में फंसे होने की बात कह मदद से इन्कार कर दिया।

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पति को लाना पड़ा ऑटो

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अस्पताल परिसर में पीड़ित परिवार की मदद के लिए कोई . नहीं आया। मजबूरन कैलाश अपनी बीमार पत्नी और बुजुर्ग मां को अकेला छोड़कर मुख्य मार्ग की ओर दौड़ा। कैलाश बाहर से एक निजी ऑटो कर पत्नी को घर ले गया।

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सेवा प्रदाता से जवाब-तलब

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अधीक्षक लेडी लायल डॉ. पुष्पलता ने बताया कि मरीज काजल को डॉक्टरों ने देखा था। उनकी स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस बुलाई गई थी लेकिन वह बिचपुरी क्षेत्र में किसी कारणवश फंस गई थी। अस्पताल स्तर पर इलाज में कोई कोताही नहीं बरती गई। एंबुलेंस आने में देरी क्यों हुई, इस संबंध में संबंधित सेवा प्रदाता से जवाब-तलब किया जा रहा है।


Credit By Amar Ujala

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