Political – अनंत सिंह या सूरजभान…बिहार के मोकामा में कौन हैं सबसे पावरफुल बाहुबली?- #INA

अनंत सिंह या सूरजभान…कौन ज्यादा पावरफुल?
बिहार चुनाव 2025 की पहली राजनीतिक हत्या ने मोकामा विधानसभा को फिर से सुर्खियों में ला दिया है. इस सीट पर बिहार के 2 कुख्यात बाहुबली अनंत कुमार सिंह और सूरजभान सिंह की पत्नी चुनाव लड़ रहे हैं. अनंत को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) तो सूरजभान की पत्नी वीणा को महागठबंधन का सपोर्ट है.
मुंगेर जिले का मोकामा विधानसभा गंगा के किनारे स्थित है. इसके अधिकांश भाग को स्थानीय भाषा में टाल कहते हैं. टाल का मतलब होता है- पानी के किनारे वाला दलदल इलाका. साल 2000 के चुनाव को छोड़ दिया जाए, तो 1990 से इस सीट पर अनंत सिंह परिवार का कब्जा है. अनंत सिंह 2005 से यहां पर चुनाव जीत रहे हैं.
2020 में अनंत सिंह आरजेडी के सिंबल पर चुनाव जीते थे, लेकिन 2024 से पहले उन्होंने पाला बदल लिया. आरजेडी ने अनंत की घेराबंदी के लिए इस बार मोकामा में सूरजभान की पत्नी को उतारा है. दोनों के मैदान में उतरने से मोकामा की लड़ाई दिलचस्प हो गई है.
पहले मोकामा का सियासी समीकरण समझिए
मुंगेर के मोकामा विधानसभा सीट पर करीब 2 लाख 80 हजार वोटर्स हैं. जातीय समीकरण की बात करें तो मोकामा में करीब 40 प्रतिशत आबादी भूमिहार और ब्राह्मणों की है. संख्या के लिहाज से दोनों जातियों का कुल वोट 1 लाख 10 हजार है. राजपूत मतदाता यहां पर करीब 10 हजार हैं.
धानुक जातियों का इसके बाद मोकामा में दबदबा है. मोकामा में धानुक मतदाताओं की संख्या 50 हजार है. वहीं दलित वोटरों की संख्या मोकामा में 40 हजार के आसपास है. यादव यहां पर 15 हजार तो मुसलमान 5 हजार हैं. 40 हजार वोटर्स ऐसे हैं, जिसे मोकामा में पंचफोड़ना कहा जाता है. यानी छोटे-छोटे समुदाय को मिलाकर.
सूरजभान या अनंत…मोकामा में कौन ज्यादा मजबूत?
1. अनंत सिंह- 2005 में अनंत सिंह मोकामा से जेडीयू के सिंबल पर यहां से जीते. मोकामा को अनंत सिंह का गढ़ कहा जाता है. अनंत सिंह यहीं के लदना गांव के रहने वाले हैं. अनंत की पहचान काम कराने वाले नेता के रूप में है. अनंत सिंह ने पिछले 20 सालों में मोकामा में अपना एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है. इसी के बूते अनंत चुनाव जीतते रहे हैं. अनंत मोकामा सीट पर निर्दलीय, जेडीयू और आरजेडी के सिंबल पर चुनाव जीत चुके हैं.
बकौल अनंत सिंह उन्हें मोकामा जीतने के लिए पार्टी की जरूरत नहीं है. अनंत सिंह को मोकामा में भूमिहार, दलित, धानुक और मुसलमानों का भी वोट मिलता है. पिछले 4 चुनाव को देखा जाए तो हर चुनाव में अनंत सिंह की जीत का मार्जिन बढ़ता गया. जनबल के साथ-साथ अनंत के साथ धनबल और बाहुबल भी है.
चुनाव आयोग के हलफनामे के मुताबिक अनंत सिंह के पास 37 करोड़ रुपए की संपत्ति है. अनंत सिंह पर 28 क्रिमिनल केस दर्ज है. इनमें हत्या, रंगदारी और आर्म्स सप्लाई जैसे गंभीर आरोप हैं.
2. सूरजभान सिंह- 60 साल के सूरजभान सिंह अपराध की दुनिया से राजनीति में आए. सूरजभान विधायक और सांसद रह चुके हैं. सूरजभान की पत्नी वीणा देवी इस बार आरजेडी के सिंबल पर मैदान में है. वीणा 2014 में लोजपा के टिकट पर मुंगेर से लोकसभा की सांसद भी रह चुकी हैं. सूरजभान का भाई चंदन नवादा से सांसद रह चुके हैं.
बेगूसराय, नवादा और मुंगेर जिले में सूरजभान की मजबूत पकड़ है. हालांकि, कागजी आंकड़ों पर मोकामा में अनंत सिंह के मुकाबले सूरजभान कमजोर दिख रहे हैं. भूमिहार वोटों में बड़ी टूट नहीं होती है तो सूरजभान का विजयी रथ मोकामा के दलदल में फंस सकता है.
अनंत सिंह की तरह सूरजभान भी धनबल और बाहुबल में काफी मजबूत हैं. मोकामा में सूरजभान के साथ सोनू-मोनू गैंग, अशोक सरदार गैंग साथ में है. वहीं सूरजभान के पास 11 करोड़ की अपनी संपत्ति भी है. ऐसे में सूरजभान ने इस चुनाव को काफी दिलचस्प बना दिया है.
अनंत सिंह या सूरजभान…बिहार के मोकामा में कौन हैं सबसे पावरफुल बाहुबली?
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