Political – Bihar Election Bulletin: भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर तेजस्वी यादव का वार, BJP ने शिक्षा पर उठाए सवाल- #INA

Bihar Election Bulletin: भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर तेजस्वी यादव का वार, BJP ने शिक्षा पर उठाए सवाल

राजद नेता तेजस्वी यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए.Image Credit source: Facebook

बिहार विधानसभा के मद्देनजर सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच तकरार जारी है. रविवार को राजद के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ दल पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के आरोप लगाये, तो बीजेपी ने तेजस्वी यादव के शिक्षा पर सवाल पूछा.

तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार के अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार में एनडीए सरकार ये क्यों नहीं बताती है कि वह प्रतिदिन बिहार के तिजोरी से 65 करोड़ रुपए कर्ज के रूप में अदा कर रही है.

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस बात का जवाब मांगा है कि वो स्वयं सामने आकर जवाब दें कि घोषणा पर घोषणा कर रहे हैं और बिहार की जनता पर बोझ भी डाल रहे हैं. बिहार की जनता यह जानना चाहती है कि नकलची सरकार तेजस्वी के विजन का नकल तो कर रही है, लेकिन उसके लिए उनके पास पूरा डाटा और प्लान क्या है, यह स्पष्ट नहीं कर रही है. जहां डबल इंजन सरकार ने 20 साल बाद महिलाओं को प्रतिदिन के हिसाब से 1.38 पैसा दिया है.

नीतीश पर तेजस्वी का हमला, बताया नकलची सरकार

तेजस्वी ने कहा कि नकलची सरकार बताए कि बिहार का बजट जब 03 लाख 17 हजार करोड़ का था और जुलाई में 58 हजार करोड़ के सप्लीमेंटली बजट को जोड़ दें तो दोनों मिलाकर बिहार का टोटल बजट 03 लाख 95 हजार करोड़ हो गया है, जिसमें 02 लाख करोड़ का कमिटेड एक्सपेंडीचर है. जब टोटल फंड 01 लाख 95 हजार करोड़ का बना है तो स्कीम चलाने के लिए राजस्व प्राप्ति कितना है? 01 लाख 95 हजार करोड़ रुपए से पुल, पुलिया, रोड, बिल्डिंग बनाने में क्या खर्च हुए?

उन्होंने कहा किमई, 2025 से लेकर सितंबर, 2025 तक प्रधानमंत्री द्वारा 01 लाख 15 हजार करोड़ की योजना की घोषणा की गई है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिसंबर, 2024 में अपनी यात्रा के क्रम में 50 हजार करोड़ की घोषणा की थी. अब विगत महीने में मुख्यमंत्री ने जो घोषणाएं की हैं उन पर कुल लाख 08 हजार 729 करोड़ रुपए का व्यय होगा. उनका विजन क्या है, इस बजट का प्रबंधन नीतीश कुमार कैसे करेंगे? इसका जवाब मुख्यमंत्री अवश्य दें. बिहार में राजस्व कैसे बढ़ेगा, इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बुद्धिजीवी मीडिया और अन्य लोग पूछकर बताएं कि सरकार के स्तर से राजस्व बढ़ाने के लिए कौन से उपाय किये जा रहे हैं?

तेजस्वी पढ़े-लिखे होते तो विकास समझ में आता, बीजेपी का वार

तेजस्वी यादव की आलोचना का बीजेपी ने जवाब दिया. बीजेपी के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि तेजस्वी यादव द्वारा बिहार सरकार और केंद्र की 7 लाख करोड़ से अधिक की विकास योजना पर सवाल उठाना उनके राजनीतिक दिवालियापन और हताशा को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि वार्षिक बजट के साथ राज्य के विकास और आम लोगों की आवश्यकताओं को पूरी करने की जिम्मेदारी के तहत तथा संकल्प पुरा करने के लिए सरकार काम कर रही है, जो सात लाख करोड़ से अधिक की योजना बहुवर्षीय निवेश एवं विकास रोडमैप है.

उन्होंने कहा कि इसमें केंद्र-राज्य का संयुक्त सहयोग, निजी निवेश, PPP मॉडल और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं. रेलवे, हाइवे, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में चरणबद्ध निवेश होगा.

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को बताना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तब, बिहार के युवाओं को पलायन से रोकने के लिए क्या किया? बेरोजगारी दर क्यों चरम पर रही?, शिक्षा-स्वास्थ्य की स्थिति क्यों बदतर हुई? भ्रष्टाचार और परिवारवाद क्यों चरम पर था? दरअसल, जिनके पास न विजन है, न विकास का रोडमैप, वे सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से जनता को गुमराह करते हैं.

घोर अज्ञानता में डूबे हैं तेजस्वी…जदयू का हमला

बिहार जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा नीतीश सरकार पर सात निश्चय पार्ट-2 के तहत मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के वादे को पूरा न करने के आरोप का कड़ा खंडन किया.

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तेजस्वी यादव तथ्यों से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं और उन्हें न तो योजनाओं की सही जानकारी है और न ही हकीकत का अंदाजा. उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 18 जुलाई 2021 को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना की शुरुआत की थी.

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रतिवर्ष चयनित महिला लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 50 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में होती है. उन्होंने यह भी बताया कि जून 2025 तक 8,826 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जो तेजस्वी यादव के आधारहीन आरोपों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक साबित करता है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक हताशा और निराशा में तेजस्वी यादव अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं, जिसका तथ्यों से कोई वास्ता नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सजग है और हकीकत से भलीभांति अवगत है, इसलिए झूठ फैलाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किसी भी कीमत पर सफल नहीं होगा.

भगत सिंह अपने दौर के GEN-G थे: भाकपा माले

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि भगत सिंह सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज भी वे हर न्यायप्रिय और क्रांतिकारी सोच रखने वाले नौजवानों के दिल की धड़कन हैं. भगत सिंह अपने दौर के GEN-G थे, जिन्होंने अन्याय और शोषण को खुलकर चुनौती दी थी. आज की GEN-G पीढ़ी के लिए भी वे सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं.

गांधी मैदान स्थित भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दीपंकर ने कहा कि आज बिहार में एनडीए सरकार के भ्रष्टाचार, झूठ और विश्वासघात से नौजवानों का आक्रोश चरम पर है. युवाओं की यह बेचैनी और गुस्सा एक न्यायपूर्ण दिशा की तलाश में है. हमारा पहला और अहम कार्य यह है कि इस गुस्से को सकारात्मक ताकत में बदलकर एनडीए को बिहार की सत्ता से बाहर किया जाए. बिहार इस समय एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है.

उन्होंने कहा किभाजपा हर हाल में बिहार को अपने कब्जे में लेना चाहती है. यह वही ताक़त है जो आरक्षण पर हमला करती है, वोट चुराती है, जनता के अधिकार छीन लेती है और किसानों की जमीन अदानी जैसे कारपोरेट घरानों को सौंप देती है. भाजपा और उसके सहयोगियों का यही असली चेहरा है. हमें इस चेहरे को उजागर करना है और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष को तेज करना है.

तेजस्वी के झांसे में नहीं आएगा अतिपिछड़ा समाज: रालोमो

राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार के प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने कहा कि बिहार का अतिपिछडा समाज राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के झांसे में कभी आने वाले नहीं है. 1990 से 2005 में उनके माता-पिता के शासनकाल में सबसे ज्यादा शोषण पिछड़ा और अतिपिछड़ा समाज का हुआ था.

सिन्हा ने कहा कि राजद अतिपिछड़ा समाज को सीट का लालच देकर वोट बटोरना चाहती है, लेकिन बिहार में अतिपिछड़ा समाज की पहचान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिलाई है. पंचायती राज चुनाव में आरक्षण देकर मुखिया, प्रमुख, जिला पार्षद एवं जिला परिषद अध्यक्ष के पद को सुशोभित करवाने का कार्य नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल के NDA सरकार में हुई है. तेजस्वी प्रसाद यादव सबसे पहले अपने पार्टी और महागठबंधन से किसी अतिपिछड़ा समाज के बेटा को मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करें तब बिहार की जनता समझेंगी की राजद अतिपिछड़ा समाज का हितैषी है. सिन्हा ने कहा कि बिहार में अतिपिछड़ा समाज का असली हितैषी केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार और बिहार की नीतीश कुमार की NDA सरकार है.

NDA के साथ चल रही है हमारी बातचीत: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शशि भूषण प्रसाद ने रविवार को कहा है कि एनडीए से हमारी बातचीत चल रही है. बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन में रहकर के चुनाव लड़ने के लिए हमारे शीर्ष नेता एनडीए से लगातार बातचीत कर रहे हैं. पूरा विश्वास है कि हम लोग भी एनडीए गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेंगे.

कैमूर में संवाददाताओं से बात करते हुए शशि भूषण प्रसाद ने कहा कि सीट को लेकर के मतभेद नहीं है. सीट को लेकर के अभी अनाउंसमेंट नहीं हुआ है. किस-किस सीटों पर हम लोग मजबूत है, वह मांगा गया है. वह हम लोग भेज चुके हैं. यूपी में हमारी पार्टी एनडीए का मजबूत हिस्सा है. हम लोगों ने 29 सीटों की सूची भेजी है. राज्य के 32 जिलों में हमारा संगठन बहुत मजबूत है. 138 विधानसभा सीटों पर हमारी उपस्थिति है.

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