Political – Bihar Elections: फाइनल से पहले कैसे डैमेज कंट्रोल में जुटा महागठबंधन? 5 प्वाइंट में समझें- #INA

Bihar Elections: फाइनल से पहले कैसे डैमेज कंट्रोल में जुटा महागठबंधन? 5 प्वाइंट में समझें

तेजस्वी यादव और राहुल गांधी

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए होने वाली वोटिंग से पहले महागठबंधन सब कुछ ठीक करने की कोशिश में जुटा है. सीट बंटवारे का ऐलान ना करके NDA को हमलावर होने का मौका देने वाला महागठबंधन अब एक-एक कदम मजबूती के साथ रख रहा है. बात चाहे साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की हो या घोषणापत्र की, इससे जनता और विरोधियों में संदेश देने का प्रयास है कि गठबंधन में जो गांठ पड़ी थी उसे सुलझा लिया गया है.

संवाद की कमी को किया गया दूर

महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बन पाई थी. इसके बाद आरजेडी, कांग्रेस और वीआईपी ने अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया था. कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ भी उम्मीदवार उतारे गए. कहा गया संवाद की कमी के कारण ऐसा हुआ. इसको दूर करने के लिए कांग्रेस ने राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत को मैदान में उतारा. उन्हें पटना भेजा गया. उन्होंने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की, जिसकी फोटो भी सामने आई थी. गठबंधन में सब कुछ ठीक करने का ये पहला प्रयास था.

पटना में हुई साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस

लालू और गहलोत की मुलाकात के अगले दिन 23 अक्टूबर को पटना में महागठबंधन की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. इस पीसी में तेजस्वी को महागठबंधन का सीएम फेस बनाने का ऐलान हुआ. कुल मिलाकर जिसपर सबसे ज्यादा पेंच फंसा था, उसको भी सुलझा लिया गया, लेकिन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल की गैरमौजूदी से बीजेपी को हमला करने का एक और मौका मिल गया. यही नहीं पीसी के लिए जो तस्वीर बनी थी, उसमें भी राहुल नहीं थे.

इस बार तस्वीर में राहुल भी

महागठबंधन ने 23 अक्टूबर वाली गलती को सुधारने की कोशिश की है. 28 अक्टूबर यानी मंगलवार को महागठबंधन ने जो घोषणापत्र जारी किया, उसमें तेजस्वी को हाईलाइट तो किया ही गया है, साथ में राहुल की भी तस्वीर है. पिछली बार जब राहुल गांधी की तस्वीर गायब थी, तो बीजेपी ने यह कहते हुए कटाक्ष किया था कि आरजेडी ने कांग्रेस को उसकी जगह दिखा दी है.

एनडीए से पहले आया घोषणापत्र

सीट बंटवारे में महागठबंधन भले ही एनडीए से पीछे रहा हो, लेकिन घोषणापत्र जारी करने में उसने बाजी मारी ली. तेजस्वी के नेतृत्व में मंगलवार (28 अक्टूबर) को गठबंधन ने इसे जारी किया. इसे बिहार का तेजस्वी प्रण नाम दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि गठबंधन अगले 5 सालों में कैसे काम करेगा, घोषणापत्र में इसका ब्लूप्रिंट है.

तेजस्वी के साथ राहुल की रैली

राहुल गांधी आज बुधवार को बिहार में प्रचार के लिए उतरेंगे. इसकी शुरुआत राहुल सकरा से करेंगे. यहां वह कांग्रेस उम्मीदवार के लिए वोट मांगेंगे. इसके बाद राहुल दरभंगा में जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां वह आरजेडी उम्मीदवार के लिए प्रचार करेंगे. इसमें तेजस्वी भी शामिल होंगे. इस रैली से ये बताने की कोशिश होगी कि कई सीटों पर फ्रेंडली फाइट के बाद भी महागठबंधन में सब ठीक है. 10 नवंबर को महागठबंधन की संयुक्त रैली भी है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल होंगे.

कांग्रेस की तरफ से ये भी कोशिश की गई है कि फ्रेंडली फाइट वाली 11 सीटों पर उसके बड़े केंद्रीय नेता प्रचार न करने जाएं, जिसमें आरजेडी, सीपीएम, माले और मुकेश सहनी से फ्रेंडली फाइट वाली 9 सीटों सीटों पर उसने दूरी भी बना ली है. दरअसल, बिहार में राहुल 10, खरगे 3 और प्रियंका 7 यानी कुल 22 रैलियां करने वाले हैं, लेकिन राहुल और खरगे किसी भी फ्रेंडली फाइट वाली सीट पर पार्टी उम्मीदवार का प्रचार नहीं करेंगे.

Bihar Elections: फाइनल से पहले कैसे डैमेज कंट्रोल में जुटा महागठबंधन? 5 प्वाइंट में समझें

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button