Political – Bihar Polls 2025: नए चेहरों पर ज्यादा भरोसा, 41 फीसदी पहली बार लड़ रहे चुनाव, चिराग की पार्टी बनी नंबर वन- #INA

बिहार में एक हजार से ज्यादा नए चेहरे लड़ रहे चुनाव
बिहार में विधानसभा चुनाव प्रचार जोरों पर चल रहा है. चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो पहली बार चुनावी समर में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए की तुलना में महागठबंधन ने नए चेहरों पर ज्यादा दांव चला है, हालांकि इसमें ऐसे प्रत्याशियों की संख्या ज्यादा है जो किसी न किसी राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं. 20 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टियों के आधार पर देखा जाए तो चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने फ्रेश चेहरों पर सबसे अधिक भरोसा जताया है.
पहले चरण के लिए अगले हफ्ते बिहार के 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग होनी है. चुनाव प्रचार जोर पकड़ चुका है. हर कोई वोटर्स को लुभाने में लगा है. प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता चुनाव प्रचार में जुटे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई दिग्गज बिहार में जनसभाएं कर रहे हैं. 2 चरणों में हो रहे चुनाव में दोनों चरणों में 2616 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं. खास बात यह है कि इसमें से करीब 41 फीसदी यानी 1,085 प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि इस लिस्ट में आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे ऐसे कई दलों के प्रत्याशियों को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि ये बिहार चुनाव में बड़े खिलाड़ी नहीं हैं.
Gen Z पीढ़ी से 4 युवा प्रत्याशी
भले ही एक हजार से अधिक प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन इसमें कई चेहरे काफी चर्चित और लोगों के बीच खास पहचान रखते हैं. पहली बार चुनाव लड़ने वालों में Gen Z पीढ़ी (1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोग) के लोग भी हैं. प्रमुख दलों से नाता रखने वाले Gen Z पीढ़ी से जुड़े 4 लोगों के अलावा 10 ऐसे युवा हैं जिनकी उम्र 30 से नीचे है और चुनाव में पहली बार किस्मत आजमा रहे हैं.
पहली बार चुनाव लड़ने वाले बड़े चेहरों में भारतीय जनता पार्टी से गायिका मैथिली ठाकुर (अलीनगर), भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव (छपरा), भोजपुरी गायक रितेश पांडेय (करहर), पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर (मोरवा), पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा राय की पोती करिश्मा राय (परसा), बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब (रघुनाथपुर), प्रख्यात गणितज्ञ केसी सिन्हा (कुम्हरार) और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल (गरखा) और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता (सासाराम) जैसे कई नाम शामिल हैं.
NDA से आगे निकला महागठबंधन
अगर हम पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के गठबंधन के आधार पर देखें तो बिहार में सत्तारुढ़ एनडीए ने 23 फीसदी प्रत्याशियों को पहली बार चुनाव मैदान में उतारा है. इस तरह से एनडीए की ओर से 243 में से 56 प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं.
जबकि महागठबंधन की ओर से मैदान में उतरे 37 फीसदी प्रत्याशी ऐसे हैं जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि 12 सीटों पर फ्रेंडली फाइट भी है. महागठबंधन की ओर से 243 सीटों पर 255 प्रत्याशी उतारे गए हैं. ऐसे में महागठबंधन में 255 में से 37 फीसदी यानी 92 प्रत्याशी पहली बार अपनी चुनाव लड़ रहे हैं.
जन सुराज में 90 फीसदी को टिकट
इसी तरह प्रशांत किशोर की नवगठित जन सुराज पार्टी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. पिछले साल बनाई गई पार्टी खुद पहला चुनाव लड़ रही है. ऐसे में पार्टी के ज्यादातर प्रत्याशी भी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. जन सुराज ने 90 फीसदी यानी 218 टिकट पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को दिए हैं.
सत्तारुढ़ एनडीए में शामिल 5 दलों में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सबसे अधिक भरोसा पहली बार चुनाव लड़ने वालों पर लगाया है. पासवान की पार्टी 29 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और इसमें 19 सीटों पर पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को टिकट दिया है. इस तरह से उसने 65 फीसदी टिकट युवा और पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को दिया है.
बीजेपी-जेडीयू का अनुभव पर भरोसा
एनडीए में बीजेपी 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और सिर्फ 19 टिकट (19 फीसदी) पहली बार चुनाव लड़ रहे नेताओं को दिए हैं. जेडीयू ने भी नए चेहरों पर खास उत्साह नहीं दिखाया है. उसने 101 सीटों में से 15 फीसदी टिकट यानी 15 सीट ही पहली बार चुनाव लड़ रहे चेहरों को दिया है. इनके अलावा 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ रहीं जीतन राम मांझी की हम पार्टी ने 1 सीट (16%) पर तो और उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने 2 नए प्रत्याशियों (33%) को टिकट दिया है.
अगर तेजस्वी यादव की आरजेडी की अगुवाई वाले महागठबंधन पर गौर करें तो आरजेडी सबसे अधिक 143 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन उसने 49 सीटों (34%) पर ही पहली बार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों पर दांव लगाया है. जबकि कांग्रेस ने 61 में से 36% यानी 22 टिकट पहली बार चुनाव लड़ रहे नेताओं को थमाया. इसी तरह तीनों वाम दलों को मिलाकर देखा जाए तो ये 33 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं और 9 सीटों पर ही नए चेहरों पर भरोसा जताया गया है.
महागठबंधन में IIP 100% रिकॉर्ड
इसी तरह महागठबंधन में शामिल सबसे कम चर्चित दल इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) महज 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और तीनों प्रत्याशी पहली बार ही चुनाव लड़ रहे हैं. युवा चेहरों पर भरोसा करने के मामले में आईआईपी का रिकॉर्ड 100 फीसदी है, लेकिन यह नई पार्टी है और महज 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, साथ ही अभी इसके पास धुंरधर नेताओं की जगह उभरते नेताओं की टीम है. असददुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी 5 नए चेहरों को मैदान में उतारा है.
बिहार चुनाव में अगले हफ्ते पहले चरण की वोटिंग होनी है. चुनाव प्रचार जोर पकड़ चुका है. अनुभवी और अनुभवहीन चेहरे दोनों ही चुनाव प्रचार में जुटे हैं. जो अनुभवहीन चेहरे हैं वो किसी न किसी वजह से प्रभावशाली भी हैं. 6 नवंबर और 11 नवंबर की वोटिंग के बाद 14 नवंबर को मतों की गिनती होनी है, तब यह साफ हो पाएगा कि वोटर्स ने अनुभव पर ज्यादा विश्वास किया या नए चेहरों पर.
Bihar Polls 2025: नए चेहरों पर ज्यादा भरोसा, 41 फीसदी पहली बार लड़ रहे चुनाव, चिराग की पार्टी बनी नंबर वन
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