Political – फ्रीबीज, विकास और अपराध… क्या तय हो गया बिहार चुनाव का एजेंडा?- #INA

फ्रीबीज, विकास और अपराध... क्या तय हो गया बिहार चुनाव का एजेंडा?

पीएम मोदी, नीतीश, तेजस्वी और राहुल गांधी.

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है और राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जमीन पर पकड़ मजबूत करने की तैयारी भी शुरू कर दी है. बिहार में चुनाव की दस्तक के साथ ही सीएम नीतीश कुमार लगातार फ्रीबीज का ऐलान कर रहे हैं और नई-नई परियोजनाओं को उद्घाटन और शिलान्यास हो रहा है. वहीं, हर रोज हो रही हत्याओं ने सरकार की नींद उड़ा दी है. राज्य में बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था की स्थिति की तुलना विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव तालिबान से की है और लालू प्रसाद यादव के शासन में लगे जंगलराज के आरोप का जवाब दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल पांच बार बिहार दौरा पर आ चुके हैं और शुक्रवार को मोतिहारी की रैली में पीएम मोदी ने नया चुनावी नारा लॉन्च किया, जिसमें उन्होंने RJD पर जोरदार हमला करते हुए गरीबों की जमीन हड़पने का आरोप लगाया और कहा कि बिहार की तरक्की पूरब भारत के विकास की नींव है. उन्होंने कहा कि ‘बनाएंगे नया बिहार, फिर से एनडीए सरकार’. केंद्र सरकार न केवल बजट में बिहार के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया था, बल्कि और अब कई कल्याणकारी योजनाओं का लगातार शिलान्यास और उद्घाटन किया जा रहा है.

हालांकि पिछले कुछ महीनों की घटनाएं, राजनीतिक गठजोड़, नीतियों की घोषणाएं और लगातार हो रहे अपराध यह स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि इस बार के चुनाव में मुख्य फोकस तीन प्रमुख मुद्दों पर रहने वाला है फ्रीबीज (लोकलुभावन घोषणाएं), विकास और कानून व्यवस्था यानी अपराध.

फ्रीबीज: मुफ्त योजनाओं की सियासत

लोकलुभावन घोषणाएं या फ्रीबीज अब चुनावी राजनीति का स्थायी हिस्सा बन चुकी हैं. दिल्ली, पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सफलता पाने के बाद अब यह ट्रेंड बिहार में भी पूरी मजबूती से उभर कर सामने आया है, हालांकि नीतीश कुमार पहले फ्रीबीज देने के खिलाफ रहे थे, लेकिन बिहार में चुनावी दस्तक के साथ ही नीतीश कुमार ने फ्रीबीज की सौगातों की बौछार कर दी है.

नीतीश कुमार की सरकार लंबे समय से छात्रों को साइकिल, पोशाक योजना, छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन, नल-जल योजना जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण और शहरी गरीब तबकों को साधने में लगी है. इन योजनाओं ने उन्हें ‘सुशासन बाबू’ की छवि दी. अब चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने सौगातों की बौछार कर दी है. एक अगस्त से राज्य के लोगों को 125 यूनिट प्री बिजली देने का ऐलान कर दिया है.

Niitih Freebeez

नीतीश ने हाल ही घोषणा की अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करेगी, जिसमें से अब तक करीब 50 लाख लोगों को लाभ मिल चुका है. उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि विद्यालयों में रिक्तियों की गणना कर TRE-4 परीक्षा के माध्यम से शिक्षकों की नई भर्ती शीघ्र शुरू की जाए. इस बहाली में 35% आरक्षण बिहार की महिलाओं के लिए तय किया गया है.

रोजगार और विकास पर घमासान

इसके साथ ही नीतीश कुमार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दिया है, जिससे 1.11 करोड़ लाभार्थी सीधे प्रभावित होंगे. नीतीश की रणनीति स्पष्ट है—महिला मतदाताओं और जीविका दीदियों के दम पर चुनावी जमीन मजबूत करना. 2024 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू को 12 सीटें मिली थीं, जिसे इसी महिला समर्थन का परिणाम माना गया.

वहीं, विपक्षी दल, खासकर आरजेडी और तेजस्वी यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान हर बेरोजगार को भत्ता, महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवा रोजगार गारंटी जैसी घोषणाएं कर इस चुनावी विमर्श को और मजबूत किया है. तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री रहते 10 लाख नौकरियों की योजना शुरू की थी, जिसे वह अब फिर से मुद्दा बना रहे हैं और यह दावा कर रहे हैं कि नीतीश कुमार उनकी योजनाओं की कॉपी कर रहे हैं.

हत्याओं से दहला बिहार, विपक्ष ने बनाया मुद्दा

दूसरी ओर, बिहार में लालू प्रसाद यादव के शासन के दौरान एनडीए जंगलराज का आरोप लगाता रहा है. एडीए की पार्टियां कानून व्यवस्था की स्थिति पर पूर्व सरकार की आलोचना करती रही है, लेकिन केवल जुलाई में ही बिहार में दर्जन से अधिक हत्या के आरोप लगे हैं. इन हत्याओं को लेकर विपक्ष नीतीश सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठा रहा है.

Bihar Murder

राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं और कानून-व्यवस्था को मुद्दा बना रहे हैं. नीतीश कुमार को लाचार और बीमार करार दे रहे हैं. राज्य भर में हत्याओं और हिंसक घटनाओं की एक श्रृंखला के बाद कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का उन्होंने आरोप लगाया. उन्होंने भाजपा पर बिहार को तालिबान बनाने का आरोप लगाया है.

कुछ दिन पहले, पटना के रामकृष्ण नगर इलाके में विक्रम झा नाम के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस महीने की शुरुआत में, जाने-माने व्यवसायी गोपाल खेमका की भी इसी तरह दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उसके बाद शहर में एक रेत व्यापारी की उसके घर के बाहर हत्या कर दी गई. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मोदी-नीतीश सरकार बेबस है और अपराधी बेखौफ होकर काम कर रहे हैं. उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन पर कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए लिखा, “कर-संरक्षित गुंडे और अपराधी बेलगाम हैं.” इस तरह से विपक्ष के निशाने पर नीतीश सरकार है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बेहाल होने का आरोप लगा रहे हैं.

फ्रीबीज, विकास और अपराध… क्या तय हो गया बिहार चुनाव का एजेंडा?

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