Political – सोशल मीडिया के किन प्लेटफॉर्म पर है अकाउंट? नामांकन पत्र में दें जानकारी… बंगाल चुनाव में फेक न्यूज रोकने के लिए EC का फरमान- #INA

बंगाल चुनाव के लिए नामांकन शुरू होने से पहले चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया को लेकर निर्देश जारी किया गया है. चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार उम्मीदवारों को अपने नॉमिनेशन पेपर में अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की पूरी जानकारी देनी होगी. उन्हें एफिडेविट में बताना होगा कि सोशल मीडिया पर उनके कितने अप्रूव्ड अकाउंट हैं, कौन-कौन से अकाउंट हैं और किन प्लेटफॉर्म पर हैं.
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया. इसके साथ ही नए नियमों का भी जिक्र किया गया है. आयोग ने यह कदम चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर गलत प्रचार को रोकने के लिए उठाया है.
राजनीतिक दलों के कैंपेन से जुड़े विज्ञापन पर भी सख्ती की जा रही है. आयोग ने कहा कि विज्ञापन देने से पहले संबंधित कमेटी से अप्रूवल लेना होगा. अगर बिना अप्रूवल के कोई विज्ञापन सोशल मीडिया या इंटरनेट पर कहीं भी दिया जाता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
पॉलिटिकल एडवर्टाइजमेंट के लिए लेनी होगी मंजूरी
आयोग के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि किसी भी पार्टी या उम्मीदवार या ऑर्गनाइजेशन को पॉलिटिकल एडवर्टाइजमेंट के लिए मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) से अप्रूवल लेना होगा. यह नियम सोशल मीडिया पर एडवर्टाइजमेंट के लिए भी लागू है. उम्मीदवार जिले की MCMC में एडवर्टाइजमेंट की अप्रूवल के लिए अप्लाई कर सकते हैं. अप्लाई पार्टी हेडक्वार्टर से तय समय के अंदर करना होगा.
कमीशन ने कहा कि राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) की लीडरशिप में एक अपील कमेटी भी बनाई गई है. अगर किसी को एडवर्टाइजमेंट के बारे में MCMC के फैसले पर एतराज है, तो उस कमेटी के पास काउंटर-अपील फाइल की जा सकती है. हालांकि, बिना मंजूरी के किसी भी इंटरनेट मीडिया या वेबसाइट पर पॉलिटिकल एडवर्टाइजमेंट नहीं डाले जा सकते.
कमीशन ने कहा कि MCMC इस बात पर कड़ी नजर रखेगी कि चुनाव से पहले मीडिया में पैसे लेकर कोई खबर तो नहीं छप रही है. कैंडिडेट को अपने नॉमिनेशन पेपर में एक एफिडेविट में अपने सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल्स बतानी होंगी.
सोशल मीडिया पर रहेगी चुनाव आयोग की पैनी नजर
इसके अलावा, अलग-अलग पार्टियों को चुनाव खत्म होने के 75 दिनों के अंदर इंटरनेट या सोशल मीडिया के जरिए कैंपेन के खर्च की जानकारी कमीशन को देनी होगी.
इस बारे में कमीशन ने गुरुवार को CEO, पुलिस नोडल ऑफिसर और दूसरे अधिकारियों के साथ मीटिंग की. जिसमें फेक प्रोपेगैंडा पर चर्चा हुई. मीटिंग में अलग-अलग सोशल मीडिया अथॉरिटी भी मौजूद थीं. कमीशन के सूत्रों के मुताबिक, चुनाव से पहले कई लोग फेक न्यूज फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. इससे आम लोग कन्फ्यूज होते हैं. इस बार कमीशन ने फेक प्रोपेगैंडा रोकने के लिए एक्शन लिया है.
पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो फेज में असेंबली इलेक्शन होंगे. इलेक्शन के रिजल्ट 4 मई को आएंगे. लंबे समय के बाद इस राज्य में इतने कम फेज में वोटिंग हो रही है. कमीशन ने पोलिंग शेड्यूल अनाउंस करते हुए कहा था कि वे पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण, फेयर और फ्री इलेक्शन पक्का करने के लिए पक्का इरादा रखते हैं, भले ही फेज की संख्या कम कर दी जाए. उसी के आधार पर कई कदम उठाए जा रहे हैं.
ये भी पढ़ें-फेक न्यूज और डीपफेक वालों की अब खैर नहीं सख्ती से निपटेगी सरकार- अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान
सोशल मीडिया के किन प्लेटफॉर्म पर है अकाउंट? नामांकन पत्र में दें जानकारी… बंगाल चुनाव में फेक न्यूज रोकने के लिए EC का फरमान
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,






