Political – ‘हमारी पार्टी को मान्यता मिलनी चाहिए,’ टीवी9 की बैठक में मांझी ने इशारों में बता दी अपनी सीटों की चाहत- #INA

'हमारी पार्टी को मान्यता मिलनी चाहिए,' टीवी9 की बैठक में मांझी ने इशारों में बता दी अपनी सीटों की चाहत

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के मुखिया जीतनराम मांझी

बिहार विधानसभा चुनावों से पहले ‘टीवी-9 डिजिटल बैठक’ का मंच आज सूबे के गया में सजा हुआ है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के मुखिया जीतनराम मांझी शामिल हुए हैं. इस बीच उनसे पूछा गया कि क्या लालू प्रसाद यादव का दौर फिर से आने वाला है और नीतीश कुमार थक गए हैं? तेजस्वी यादव दावा कर रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री बनने वाले हैं. इस पर उन्होंने कहा कि जो किसी में कमी देखता है उसकी दृष्टि दोष होता है.

उन्होंने कहा कि जहां तक नीतीश कुमार की बात है तो हम यही कहेंगे की ‘जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी’. वह कई सालों से सरकार चला रहे हैं और बिहार को आगे ले जा रहे हैं. हम 1980 में विधायक बने. आठ बार विधानसभा का सदस्य रह चुके हैं. जब हम 1980 में चुनाव जीत कर अपने गांव जाते थे तो रात में नींद टूट जाती थी. बिजली नहीं आती थी. 2 से 4 घंटा बिजली रहती थी और 700 मेगावाट बिजली मात्र मिलती थी. आज 8400 मेगावाट बिजली मिलती है. बिजली में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है वह नीतीश कुमार की वजह से हुआ है.

क्या सीट शेयरिंग के दौरान नाराज रहती है HAM?

बिहार में सीट शेयरिंग के दौरान आपकी पार्टी में असंतोष पनपता है, इस सवाल के जवाब में जीतनराम मांझी ने कहा कि एनडीए में सीट को लेकर कोई असंतोष का मामला नहीं है. मैं तो कहता हूं कि यह मीडिया की उत्पत्ति है. हमारे एनडीए में किसी प्रकार का कोई भी मतभेद नहीं है. चट्टान की तरह एनडीए के सब दल तैयार हैं. एक उदाहरण देता हूं कि जब लोकसभा का चुनाव हो रहा था तो जीतनराम मांझी को शीर्ष नेतृत्व की ओर से कहा गया था कि दो लोकसभा की सीटें और एक राज्यसभा की सीट दी जाएगी. क्या मुझे दो सीटें दी गईं? एक सीट गया की मेली. जनता ने आशीर्वाद दिया और हम जीतने में कामयाब हो गए.

जीतनराम मांझी को कितनी चाहिए सीटें? दिया जवाब

उन्होंने कहा कि हम नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं कि हमारी पार्टी के एक मेंबर को भारत में एमएसएमई विभाग दिया. मैं कहता हूं कि एनडीए में कहीं कोई भी मतभेद नहीं है. हमारी पार्टी का जन्म 2025 में हुआ था. 10 साल बीत गए हैं. हम चाहते हैं कि हमारी पार्टी को मान्यता मिलनी चाहिए और उसी हिसाब से सीटें दी जानी चाहिए. मांझी ने इशारों ही इशारों में एनडीए को मैसेज दे दिया है कि वे ज्यादा सीटें चाहते हैं. हालांकि उन्हें कितनी सीटें चाहिए, इस सवाल से किनारा करते हुए कहा कि पर्दा न उठाओ, पर्दे में रहने दो, पर्दो जा अगर उठ गया तो भेद खुल जाएगा.

मान्यता हासिल करने के लिए क्या जरूरी?

एक पॉलिटिकल पार्टी को राज्य में मान्यता हासिल करने के लिए लगातार 5 साल की अवधि में राजनीतिक कामों लगा रहना चाहिए. इसके अलावा राज्य के विधानसभा चुनाव में डाले गए कुल वैध मतों के कम से कम 6 फीसदी वोट मिलने चाहिए. साथ ही राज्य विधानसभा की कुल सीटों में से कम से कम 3 सीटें जीतनी चाहिए. वहीं, लोकसभा चुनाव में 1 सीट जीतनी चाहिए. जब एक बार पार्टी को मान्यता मिल जाती है तो उस दल को चुनाव चिन्ह स्थायी रूप से मिल जाता है और चुनाव प्रचार-प्रसार में निर्वाचन आयोग की ओर से कुछ सुविधाएं दी जाती हैं.

‘हमारी पार्टी को मान्यता मिलनी चाहिए,’ टीवी9 की बैठक में मांझी ने इशारों में बता दी अपनी सीटों की चाहत

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