Political – पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण में कटे सबसे ज्यादा वोट, 25 सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा है संख्या- #INA

पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण में कटे सबसे ज्यादा वोट, 25 सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा है संख्या

बिहार के तीन जिलों में कटे सबसे ज्यादा वोटर

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटिंग लिस्ट के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया गया, जिस पर विपक्ष हमलावर है. इस बीच चुनाव आयोग ने 18 अगस्त को वोटर लिस्ट जारी की और बताया कि 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं. अब जानकारी सामने आई है कि पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण जिलों में सबसे ज्यादा वोट हटाए गए, जिनमें पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या ज्यादा है. साथ ही साथ 18 से 40 साल की उम्र के वोटर हटाए गए मतदाताओं का एक तिहाई से अधिक हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण जिले से कुल 10.63 लाख वोटर लिस्ट से नाम हटाए गए, जोकि राज्य के 38 जिलों में हटाए गए 65 लाख वोटरों का 16.35 फीसदी है. ये तीन जिले सूबे के चार सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में शामिल हैं. इन तीनों जिलों में 36 विधानसभा सीटें आती हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में इन 36 सीटों में से बीजेपी-जेडीयू गठबंधन ने 22 सीटें जीती थीं, जबकि विपक्षी महागठबंधन के खाते में 14 सीटें गई थीं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण जिले की 36 सीटों में से 25 सीटें ऐसी हैं जहां हटाए गए वोटरों की संख्या निर्वाचित उम्मीदवार के जीत के अंतर से अधिक है. एनडीए गठबंधन के पास इन 25 सीटों में से 18 सीटें हैं.

चुनाव आयोग ने वोट हटाने के चार कारण बताए

पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण जिले में 40 साल से कम उम्र के 4.02 लाख वोटर हटाए गए, जोकि इन जिलों में हटाए गए कुल वोटरों का 37.87 फीसदी हैं. ये वे मतदाता हैं, जिन्हें एसआईआर के दौरान नागरिकता प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक था क्योंकि इन्होंने ये 2003 की वोटर लिस्ट का हिस्सा नहीं थे. इन जिलों में पुरुषों की तुलना में महिला वोटर ज्यादा काटे गए. उनकी संख्या 5.67 लाख है.

Bihar Sir

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के चार कारण बताए हैं, जिसमें स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, अनुपस्थित और पहले से नामांकित शामिल हैं. इन तीनों जिलों में स्थायी रूप से स्थानांतरित सबसे ज्यादा 3.9 लाख वोटर हैं. इसके बाद 3.42 लाख वोटरों की मौत हो गई है. वहीं, 2.25 लाख अनुपस्थित रहे हैं और 1.04 लाख वोटर कहीं दूसरी जगह रजिस्टर्ड हैं.

महिलाओं के ट्रांसफर के मामले ज्यादा

अधिकारियों के अनुसार, स्थायी रूप से स्थानांतरित का अर्थ उन वोटरों से है जो राज्य से बाहर चले गए हैं, पहले से रजिस्टर्ड का अर्थ उन मतदाताओं से है जो राज्य के भीतर कहीं और मतदान के लिए रजिस्टर्ड हैं, जबकि अनुपस्थित वे मतदाता हैं जो उस पते पर उपलब्ध नहीं हैं जहां वे मतदान के लिए रजिस्टर्ड हैं. तीनों जिलों में महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा बड़ा कारण स्थायी रूप से स्थानांतरित था, जबकि पुरुषों के लिए यह मृत था. हालांकि बिहार में बाहर जाने वाले प्रवासियों की सबसे ज्यादा आबादी है. 2011 की जनगणना से पता चला है कि रोजगार प्रवास का सबसे आम कारण था.

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