Political – सम्राट चौधरी ने हलफनामे में बताई अपनी सही उम्र, लेकिन इस वजह से कायम रहेगा सस्पेंस- #INA

सम्राट चौधरी ने हलफनामे में बताई अपनी सही उम्र, लेकिन इस वजह से कायम रहेगा सस्पेंस

सम्राट चौधरी

बिहार के सम्राट चौधरी ने तारापुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे Form 26 में अपनी चल और अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा दिया है. हलफनामे के मुताबिक सम्राट चौधरी के पास करोड़ों की संपत्ति है, जिसमें जमीन-जायदाद के अलावा सोना, निवेश, वाहन और बैंकों जमा राशि शामिल है.

हलफनामे में सम्राट चौधरी की उम्र मतदाता सूची के अनुसार 56 साल बताई गई है, लेकिन उनके द्वारा कोई स्कूल प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया गया है. उनकी उम्र और शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद की गुंजाइश बनी हुई है.

शैक्षिक योग्यता पर उठ रहे सवाल

23 पृष्ठों के हलफनामे में उनकी आयु और शैक्षिक योग्यता से जुड़े अस्पष्ट विवरणों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया है.
सम्राट चौधरी के पास 20 लाख रुपये का सोना है और उनकी पत्नी के पास भी 20 लाख कीमत का सोना है. करीब 75 हजार रुपये की चांदी है. उनकी पत्नी का नाम कुमारी ममता है, जो पेशे से वकील हैं.

हलफनामे के मुताबिक सम्राट चौधरी के पास करीब 9.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. इस तरह से सम्राट चौधरी के पास कुल संपत्ति करीब 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की है. उन्होंने बताया है कि उनके ऊपर कोई बड़ा कर्ज या आपराधिक मामला लंबित नहीं है.
सम्राट चौधरी ने अपने हलफनामे में 10 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति घोषित की है.

कृषि कामों से भी जुड़े हैं सम्राट चौधरी

वहीं, राजनीतिक पेशे के साथ-साथ सम्राट चौधरी कृषि कार्यों से भी जुड़े हैं. उनकी शैक्षणिक योग्यता के तौर पर Doctor of Lit (मानद) और पीएफसी कामराज विश्वविद्यालय का जिक्र है. सम्राट चौधरी की जन्मतिथि और शैक्षणिक योग्यता, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों के कारण हाल के दिनों में सुर्खियों में रही है.

किशोर ने आरोप लगाया था कि चौधरी ने तारापुर में सात लोगों की हत्या से संबंधित 1995 के एक मामले में एक फर्जी प्रमाण पत्र जमा करके मुकदमे से बचने की कोशिश की थी जिसमें घटना के समय उन्हें नाबालिग दिखाया गया था.

किशोर के मुताबिक, “यदि सम्राट चौधरी ने विधान परिषद के लिए दिए अपने 2020 के हलफनामे में अपनी उम्र 51 वर्ष बताई थी, तो 1995 में वह करीब 25-26 वर्ष के रहे होंगे. ऐसे में उन्हें 15 वर्ष का नाबालिग मानकर 7 लोगों की हत्या के मामले में राहत कैसे दी गई? हलफनामे में चौधरी की उम्र मतदाता सूची के अनुसार 56 वर्ष बताई गई है, लेकिन इनके द्वारा कोई स्कूल प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया गया है. उन्होंने मानद डी.लिट प्राप्त करने का उल्लेख है.

प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए आरोपों की लंबी फेहरिस्त में यह आरोप भी शामिल है कि चौधरी ने 10वीं तक पढ़ाई नहीं की है. सम्राट चौधरी ने बताया है कि उन्होंने कामराज विश्वविद्यालय से पीएफसी की पढ़ाई की है.

सम्राट चौधरी ने हलफनामे में बताई अपनी सही उम्र, लेकिन इस वजह से कायम रहेगा सस्पेंस

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