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SIR प्रक्रिया को बताया छलावा-कांग्रेस, माले ने भाजपा पर उठाए सवाल... बिहार सियासत की बड़ी खबरें

तेजस्वी यादव, राहुल गांधी और अमित शाह.

बिहार में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गठजोड़ और मुद्दों पर जोर-आज़माइश शुरू हो गई है. मंगलवार का दिन भी सियासी उठापटक के लिहाज से गर्म रहा. विपक्षी दल (राजद, कांग्रेस, माले) भाजपा-जद(यू) गठबंधन पर भ्रष्टाचार, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में छल और जनता के असली मुद्दों (बेरोजगारी, पलायन आदि) से ध्यान भटकाने के आरोप लगा रहे हैं. वहीं, भाजपा ने प्रशांत किशोर की नई पार्टी ‘जन सुराज’ पर व्यक्तिगत हमला किया. आइये जानते हैं मंगलवार की बड़ी खबरे क्या हैं.

बीजेपी का सपना, सपना ही रहेगा: राजद

राजद ने रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और भोजपुरी स्टार पवन सिंह की मुलाकात पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने मंगलवार को कहा कि भाजपा तिनके तिनके जोड़कर महल बनाना चाहती है, लेकिन उनका यह सपना सपना ही रह जाएगा. यह सब को पता है कि भाजपा ने किस तरह का खेल लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा के साथ किया था. जिसकी चर्चा आज भी उपेंद्र कुशवाहा रह रहकर करते हैं.

बिहार में SIR प्रक्रिया एक छलावा: कांग्रेस

बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने मंगलवार को कहा कि हाल ही में बिहार में हुई SIR अर्थात स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कवायद, शुरू से ही एक छलावा रही है. यह वह प्रक्रिया थी जिसकी न तो जनता, न ही राजनीतिक दलों ने कोई मांग की थी. इसके बावजूद इसे इतनी लापरवाही और अपारदर्शिता के साथ किया गया कि बार-बार भारत के सर्वोच्च न्यायालय को दखल देना पड़ा, ताकि कम-से-कम प्राकृतिक न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का पालन तो हो सके.

मंत्रियों पर लगते भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप पर भाजपा-जदयू चुप क्यों: भाकपा माले

माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि बिहार में संस्थागत भ्रष्टाचार बढ़ने की लगातार शिकायत मिलती रही है. कोई भी काम बिना घूस दिए नहीं होता. हाल ही में सीएजी ने कहा कि बिहार सरकार 70 हजार करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं दे नहीं रही, इन आरोपों पर अब तक सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. लेकिन अब, प्रशांत किशोर ने सरकार के मंत्रियों और अफसरों पर भ्रष्टाचार के गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, लेकिन सरकार, भाजपा या जदयू की तरफ से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

प्रशांत किशोर को इन सवालों के जवाब स्पष्ट रूप से जनता के बीच रखना चाहिए कि किन पार्टियों और किस तरह की कंपनियों से उन्हें पैसा मिला, तो अच्छा रहेगा.
अन्यथा, इससे केवल सनसनी फैलेगी और इसमें बिहार विधानसभा चुनाव के असली मुद्दे – जैसे कि पलायन, कर्ज, बेरोजगारी, अपराध, गरीब, शिक्षा कहीं खो जाएगी. चुनाव, सनसनी के लिए नहीं होते। इस बार का चुनाव सरकार व बिहार बदलने के लिए है.

चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट का अन्तिम प्रकाशन, जांच के बाद देंगे प्रतिक्रया: राजद

चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन के बाद राजद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर के बाद मतदाता सूची का आज अन्तिम प्रकाशन कर दिया गया है. जिसमें एक अगस्त 2025 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में 21. 53 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं और 3.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।. प्रारुप मतदाता सूची में कुल 7.24 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे, जो अन्तिम सूची में बढ़कर 7.42 करोड़ हो गया है.

जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह सबसे बड़े ‘उम्र चोर’: बीजेपी

बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने मंगलवार को प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को कटघरे में खड़ा करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह उर्फ पप्पू को सबसे बड़ा राजनीतिक उम्र चोर बताया.

उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने भाजपा के नेताओं पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि को धूमिल करने का नाकाम कोशिश की लेकिन खुद के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर कुछ नहीं कहा. जब प्रशांत किशोर आरोप लगा रहे थे उन्हीं के बगल में उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह बैठे होते हैं, जो सबसे बड़े जालसाज हैं.

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