Political – राहुल गांधी की तरह हारेंगे तेजस्वी यादव… राघोपुर जाने से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा हमला- #INA

प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव.
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को दावा किया कि राजद नेता तेजस्वी यादव आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में अपनी राघोपुर विधानसभा सीट हार जाएंगे. ठीक उसी तरह जैसे छह साल पहले उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के राहुल गांधी को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा था.
किशोर ने लगभग 50 किलोमीटर दूर राघोपुर से अपनी पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करने से पहले पटना में पत्रकारों से बात की, लेकिन खुद चुनाव लड़ने की संभावना पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की.
किशोर ने आरोप लगाया, “मैं राघोपुर निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से प्रतिक्रिया लेने जा रहा हूं, जो एक परिवार के वर्चस्व को खत्म करना चाहते हैं. दूसरी बार विधायक बने तेजस्वी यादव से पहले, उनके पिता लालू प्रसाद और राबड़ी देवी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके थे. फिर भी, यह सीट बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है.”
राघोपुर पर पार्टी लेगी फैसला
उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक रविवार को होनी है और राघोपुर से मिलने वाली प्रतिक्रिया पर भी चर्चा की जाएगी. किशोर ने कहा, “इसके आधार पर सबसे उपयुक्त उम्मीदवार का फैसला किया जाएगा. मैं यह नहीं कह सकता कि वह मैं ही हूंगा या नहीं. यह फैसला पार्टी को करना है.”
47 वर्षीय किशोर उस समय मुस्कुरा उठे जब पत्रकारों ने बताया कि ऐसी अफवाहें चल रही हैं कि तेजस्वी यादव आगामी चुनाव एक से ज्यादा सीटों से लड़ सकते हैं.
किशोर ने कहा, “फिलहाल, सिर्फ अटकलें हैं कि जन सुराज पार्टी राघोपुर में एक मजबूत उम्मीदवार देगी, और तेजस्वी यादव बहुत डरे हुए हैं. उन्हें दो सीटों से चुनाव लड़ने दीजिए. राघोपुर में उनका हश्र 2019 में राहुल गांधी जैसा ही होगा, जब कांग्रेस नेता दो सीटों से लड़े थे, लेकिन अमेठी का अपना गढ़ हार गए थे.” वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 2019 में वायनाड लोकसभा सीट जीतने में कामयाब रहे थे.
राहुल की तरह हार जाएंगे तेजस्वी यादव
पिछले साल लोकसभा चुनाव में, उन्होंने फिर से दो सीटों, वायनाड और रायबरेली से चुनाव लड़ा था, जहाँ से उनकी मां सोनिया गांधी कई बार प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. दोनों सीटें जीतने के बाद, गांधी ने वायनाड सीट छोड़ दी, जहां से उपचुनाव में उनकी बहन प्रियंका वाड्रा निर्वाचित हुईं.
कांग्रेस ने अमेठी सीट भी वापस जीत ली, जहां कम चर्चित उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद स्मृति ईरानी को हराया.
किशोर से यह भी पूछा गया कि क्या भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने “डर” के कारण विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया होगा, जबकि एक दिन पहले ही पवन सिंह की पत्नी ज्योति ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक से मुलाकात की थी.
पवन सिंह को लेकर पीके ने कही ये बात
उन्होंने जवाब दिया, “पवन सिंह दुश्मन नहीं हैं. वह मेरे निजी दोस्त हैं, और मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि वह भाजपा में हैं. जब उनकी पत्नी अपनी असुरक्षाओं को साझा करने मेरे पास आईं, तो मैंने उन्हें एक भाई की तरह आश्वासन दिया. हम इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि न तो मैं और न ही जन सुराज पार्टी उनके वैवाहिक विवाद में दखल देंगे.”
ऐसा माना जा रहा है कि ज्योति ने किशोर से टिकट के लिए संपर्क किया था, हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया.
राहुल गांधी की तरह हारेंगे तेजस्वी यादव… राघोपुर जाने से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा हमला
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