दिल्ली में पटाखों के चलते प्रदूषण बढ़ा, सांस लेना मुश्किल:400 पार पहुंचा एअर क्वालिटी इंडेक्स; सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद रातभर आतिशबाजी हुई- INA NEWS

दीपावली की रात राजधानी दिल्ली में लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। इसकी वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण काफी ज्यादा बढ़ गया है। ज्यादातर जगह रेड जोन यानी खतरनाक स्थिति में हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी में रात 10 बजे तक ही एअर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 344 पार पहुंच गया। यह गंभीर स्थिति है। वहीं द्वारका में AQI 417, अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 रहा। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में रात 8 बजे से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी थी। लेकिन लोगों ने देर रात तक पटाखे फोड़े हैं। इससे 38 में से 36 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर रेड जोन में रिकॉर्ड हुआ। जाने ग्रैप के स्टेज दिवाली के एक दिन पहले से कोयला-लकड़ी जलाना बैन था लगातार बढ़ते AQI के बीच दिल्ली-NCR में रविवार से ही ग्रैप-2 (GRAP-2) के तहत प्रदूषण-रोधी प्रतिबंध लागू कर दिए गए थे। इस सीजन में ग्रैप-1 (GRAP-1) के तहत प्रतिबंध पहली बार 14 अक्टूबर को लागू किए गए थे। ग्रैप-2 के तहत दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। डीजल जनरेटर सेट्स का इस्तेमाल भी सीमित किया गया है। दिल्ली में प्रदूषण की 2 फोटो… GRAP-I लागू, N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह GRAP-I तब सक्रिय होता है जब AQI 200 से 300 के बीच होता है। इसके तहत, एनसीआर में सभी संबंधित एजेंसियों को 27 निवारक उपायों को सख्ती से लागू किया जाना है। इनमें एंटी-स्मॉग गन का उपयोग, पानी का छिड़काव, सड़क निर्माण, मरम्मत परियोजनाओं और रखरखाव गतिविधियों में धूल नियंत्रण करना शामिल हैं। गाजियाबाद के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. शरद जोशी ने बचाव के लिए सभी को बाहरी गतिविधियों के दौरान N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है। दिल्ली में दिवाली के अगले दिन कृत्रिम बारिश की तैयारी पूरी तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली में क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। सिरसा ने कहा चुनिंदा इलाकों में दिवाली के एक दिन बाद कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है। मौसम विभाग अगले 2-3 दिनों में जब हरी झंडी देगा तो ब्लास्टिंग/स्प्रे के बाद क्लाउड सीडिंग का एक सैंपल लिया जाएगा। हम जल्द बादलों के छाने का इंतजार कर रहे हैं। प्रदूषण की वजह पराली जलाना, इसे रोकने के लिए कानून भी बना उत्तर और मध्य भारत में दिवाली के बाद पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस वजह से प्रदूषण बढ़ने की रफ्तार भी तेज होने लगती है। दिल्ली के सबसे नजदीक हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाई जाती है। 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इससे किसानों को पराली का सफाया करने में परेशानी होने लगी। केंद्र सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अधिनियम 2021 के तहत पराली जलाने पर नियम लागू किए। इसके मुताबिक 2 एकड़ से कम जमीन पर पराली जलाने पर 5,000 रुपए जुर्माने का प्रावधान है। 2 से 5 एकड़ जमीन पर 10,000 रुपए और 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर पराली जलाने पर 30,000 रुपए का जुर्माना लगता है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखे बेचने-फोड़ने की इजाजत:18 से 21 अक्टूबर तक परमिशन; CJI बोले- पर्यावरण से समझौता नहीं, बैलेंस अप्रोच अपनानी होगी सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखे बेचने और फोड़ने की इजाजत दे दी। हालांकि, ये परमिशन 18 से 21 अक्टूबर तक के लिए है। इस दौरान, लोग सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात में 8 बजे से 10 बजे तक, यानी कुल तीन घंटे ही ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

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यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

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