Political – लालू राज से ज्यादा भ्रष्टाचार नीतीश कुमार की सरकार में, प्रशांत किशोर ने दिए तर्क- #INA

जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले ताबड़तोड़ रैलियों और जनसभाओं के जरिए प्रशांत किशोर हर ओर चर्चा में हैं. वह लालू यादव ही वहीं बल्कि नीतीश कुमार सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं. उन्होंने अपने तर्क में बताया कि लालू राज से ज्यादा भ्रष्टाचार नीतीश कुमार की सरकार में है. वह निजी तौर ईमानदार नेता हैं, लेकिन उनके साथ के लोग बिहार को लूट रहे हैं.
टीवी9 डिजिटल के साथ खास इंटरव्यू में बिहार के राजनीतिक भविष्य और वर्तमान हालात से जुड़े सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा, “बिहार जो आज देश का सबसे गरीब, पिछड़ा और पलायन वाला राज्य है तो देश की इसी संवैधानिक व्यवस्था जो राज्य कभी बिहार से पीछे थे वो आज कहीं आगे निकल गए हैं. अगर बिहार इस दुर्दशा में जी रहा है, तो इसके लिए किसी एक दल की गलती है नहीं.”
बिहार की कुव्यवस्था के लिए हर कोई दोषीः प्रशांत
उन्होंने आगे कहा, “पिछले 35-40 सालों में बिहार की जो कुव्यवस्था है, उसे चलाने वाला हर कोई दोषी है, उसमें प्रशांत किशोर भी शामिल है. इसमें वो नागरिक भी शामिल है, जो इसे सही कर सकता था, लेकिन उसने नहीं किया. पूरा समाज जिम्मेदार है. आखिर ऐसी अव्यवस्था आई कैसे. 1990 में लालू यादव जब मुख्यमंत्री बने तो देश का सबसे गरीब राज्य था बिहार.”
वह आगे कहते हैं, “फिर 2005 में लालू जब हटे और नीतीश कुमार सत्ता में आए तो भी देश का सबसे गरीब और पिछड़ा राज्य था बिहार. आज नीतीश के 20 साल के शासन के बाद भी. केंद्र और राज्य में एक ही सरकार होने के बाद कमोबेश स्थिति वही है. ये ठीक है कि सड़कों की स्थिति कुछ सुधरी है, तो वहीं बिजली में भी सुधार आया है. बस इतना ही हुआ है.”
आजादी के बाद की यह भ्रष्टतम सरकारः प्रशांत
बिहार के हालात पर निराशा जताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “बिहार के बच्चों को 1990 में मजदूरी करने के लिए बाहर जाना पड़ता था, और आज भी उन्हें बाहर जाना पड़ रहा है. जब इतनी बड़ी कुव्यवस्था है, वो कहीं न कहीं इनका दोष भी बहुत बड़ा है.”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए जनसुराज पार्टी के नेता ने कहा, “नीतीश कुमार जब सत्ता में आए तो लोगों को थोड़ी उम्मीद जगी कि वे थोड़े पढ़े-लिखे हैं, ईमानदार व्यक्ति हैं और इनके शासनकाल में शायद बिहार की स्थिति सुधर जाए. 2005 के बाद अगले 5-7 सालों में स्थिति में कुछ बदलाव होती दिखी भी, लेकिन आज के हालात में यह कह सकते हैं कि आज की सरकार को देश की आजादी के बाद भ्रष्टतम सरकार के रूप में देख रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा, “मैं आज भी कह रहा हूं कि नीतीश कुमार व्यक्तिगत तौर पर ईमानदार हैं. लेकिन इतना भ्रष्टाचार इससे पहले कभी नहीं था.
नीतीश आज की तारीख में अचेतन अवस्था मेंः प्रशांत
प्रशांत किशोर ने लालू के शासन से नीतीश के शासन को अधिक भ्रष्ट करार देते हुए कहा, “लालू राज में इतना भ्रष्टाचार नहीं था. तब अपराध ज्यादा था. अपहरण, डकैती और लूटपाट जैसी घटनाएं ज्यादा होती थीं. ये इतना संगठित भ्रष्टाचार इससे पहले कभी नहीं हुआ. नीतीश कुमार आज की तारीख में शारीरिक और मानसिक रूप में अचेतन अवस्था में हैं. और अगल-बगल के लोग जिनके पास कोई जवाबदेही नहीं है, वो पूरे बिहार को लूटने में लगे हुए हैं.”
उन्होंने कहा, “मैं पिछले 3 साल से बिहार में हूं, इस दौरान मैंने भ्रष्टाचार पर किसी पर कोई टीका-टिप्पणी नहीं की. न ही कोई आरोप लगाए, लेकिन अब आजिज आ गए हैं. लोग कह रहे हैं कि आप लोग बोलिए, जो लोग लूट रहे हैं उनके बारे में बताइए.” वह आगे कहते हैं, “बक्से में भरकर लोग डॉक्यूमेंट ला रहे हैं और नेताओं तथा अफसरों के बारे में बता रहे हैं कि सबसे गरीब राज्य के अफसर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में संपत्ति खरीद रहे हैं. ये पूरी तरह से अकल्पनीय बात है.”
लालू राज से ज्यादा भ्रष्टाचार नीतीश कुमार की सरकार में, प्रशांत किशोर ने दिए तर्क
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