Nation- लड़की बनने की ख्वाहिश में काटा प्राइवेट पार्ट, अब हुआ पछतावा… पहले जैसा होने के लिए करवा रहा सर्जरी- #NA

प्रयागराज में लड़का से लड़की बनने की चाहत में अपना प्राइवेट पार्ट काट डालने वाले प्रतियोगी छात्र को अपनी गलती का अहसास हुआ है. परिजनों के समझाने और अपनी भूल का अहसास होने के बाद प्रतियोगी छात्र को दुबारा उसके पहले वाले रूप में लाने के लिए शहर के स्वरूप रानी नेहरू सरकारी अस्पताल की डॉक्टरों की टीम लग गई है. अमेठी का रहने वाला छात्र अब प्रयागराज शहर के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के एक वार्ड में अपनी लंबी सर्जरी का इंतजार कर रहा है. अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ संतोष सिंह ने बताया कि पीड़ित को अब अपनी गलती का एहसास हुआ. पीड़ित और परिजनों की सहमति के बाद उसे प्लास्टिक सर्जरी विभाग में रेफर किया गया है.
डॉक्टरों के मुताबिक, पीड़ित अब खुद अपने प्रारंभिक स्वरूप में आना चाहता है. इसके लिए सभी संबंधित विभागों के विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है. एसआरएन अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ मोहित जैन ने कहा कि सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास कर रहे हैं. कोशिश की जा रही है कि लड़के को वापस पहले की तरह सामान्य स्थिति में लाया जा सके. लड़के के निजी अंग पूरी तरह बॉडी से अलग नहीं हुए हैं, बल्कि डैमेज हुए हैं. इसलिए उम्मीद है कि प्रयास के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे.
खुद ही बन गया सर्जन
मेडिकल हिस्ट्री का यह अनोखा मामला है जिसमें मरीज खुद ही सर्जन बन बैठा और अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया. पीड़ित छात्र ने बताया कि 14 साल की उम्र से वह लड़का होकर भी लड़की की तरह सोचता था. लड़कियों के साथ वह ज्यादा कंफर्टेबल था. अपनी इच्छाओं को वह दबा नहीं सका और एक दिन वह एक सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर के पास सलाह लेने पहुंच गया. डॉकटर से उसने पूछा कि एक लड़का लड़की बनना चाहे तो उसके क्या विकल्प हैं.
क्या बोले डॉक्टर?
डाक्टर ने बताया कि सबसे पहले तो लड़के को अपने प्राइवेट पार्ट को सर्जरी से अलग करना होगा. लड़के ने डॉक्टर से इसका पूरा तरीका पूछा और फिर मेडिकल स्टोर से सर्जिकल ब्लेड, एनेस्थीसिया का इंजेक्शन, रुई और पेन किलर टैबलेट ले आया. उसने कमरे पर ही स्वयं एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाने के बाद अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया. एनेस्थीसिया का असर खत्म होने के बाद जब वह दर्द से व्याकुल हो उठा तो मकान मालिक की मदद से अस्पताल पहुंचा. यह पहला केस था जिसमें मरीज खुद ही सर्जन बन गया.
प्राइवेट पार्ट काटने से पहले देखे थे वीडियो
पीड़ित लड़के ने पूरे होमवर्क के साथ इस काम को अंजाम दिया. पीड़ित बताता है कि खुद अपने निजी अंग काटने के पहले अक्सर वह गूगल और यू-ट्यूब पर लड़का से लड़की बनने की जानकारी लेता था. डाक्टरों के कई वीडियो चैनल भी देखता था और ऐसे लोगों के कमेंट भी वह पढ़ता था. इस तरह का कंटेंट देखते-देखते उसके अंदर इतना भरोसा पैदा हो गया कि उसने सर्जरी के लिए किसी अस्पताल या नर्सिंग होम जाने की जगह खुद ही अपने को ऑपरेट कर लिया.
लड़की बनने की ख्वाहिश में काटा प्राइवेट पार्ट, अब हुआ पछतावा… पहले जैसा होने के लिए करवा रहा सर्जरी
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