UGC हेडक्वार्टर के बाहर सुरक्षा बढ़ी:जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स आज प्रदर्शन करेंगे; जातीय भेदभाव को लेकर नए नियमों का विरोध, यूपी में मजिस्ट्रेट का इस्तीफा- INA NEWS

दिल्ली में जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स मंगलवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) के हेडक्वार्टर के बाहर विरोध-प्रदर्शन करने वाले हैं। इसको लेकर UGC हेडक्वार्टर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शनकारियों को कैंपस के अंदर घुसने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में बैरिकेड्स लगाए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स जातीय भेदभाव को लेकर UGC के नए नियमों को विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नए नियम उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं और इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। नए नियमों के विरोध में यूपी में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी इस्तीफा दे दिया है। दरअसल, UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को अधिसूचित किया था। इसका नाम है ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हाइअर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।’ इसके तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। SC-ST और OBC छात्रों के लिए बनेंगी मॉनिटरिंग टीमें विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, इन नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया पर ‘Rollback UGC’ ट्रेंड कर रहा है। विरोध करने वालों का कहना है कि नए नियमों के चलते सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। स्टूडेंट्स ने ‘नो टू UGC डिस्क्रीमिनेशन’ का नारा देते हुए UGC हेडक्वार्टर के बाहर बड़ी संख्या में पहुंचकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है। दो स्टूडेंट्स की आत्महत्या के बाद बने नए नियम 17 दिसंबर 2012 से UGC से मान्यता प्राप्त सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में जातीय भेदभाव रोकने के लिए कुछ नियम लागू किए गए थे। ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस’ नाम के ये नियम सिर्फ सुझाव और जागरूकता के लिए थे। इनमें कोई सजा या अनिवार्यता नहीं थी। 17 जनवरी 2016 को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट रोहित वेमुला ने जातीय उत्पीड़न के चलते आत्महत्या कर ली। इसी तरह 22 मई 2019 को महाराष्ट्र में दलित डॉक्टर पायल तडवी ने भी आत्महत्या कर ली। दोनों ने कॉलेज में जातीय उत्पीड़न से तंग आकर ये कदम उठाया। 29 अगस्त 2019 को रोहित वेमुला और पायल तडवी के परिजनों ने कॉलेज में जातीय भेदभाव के नियमों को सख्त बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने UGC को नए नियम बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद UGC ने पुराने नियमों में कई बदलाव किए और 13 जनवरी 2026 को नए नियम नोटिफाई कर दिए।

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