IAS सविन बंसल पर महिला अधिकारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप

उत्तराखंड कैडर के IAS अधिकारी एवं जिलाधिकारी सविन बंसल पर महिला अधिकारियों को मानसिक रूप से परेशान करने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। आरोप है कि डीएम सविन बंसल द्वारा एक महिला अधिकारी का वेतन रोका गया, जबकि दूसरी महिला अधिकारी से बार-बार स्पष्टीकरण मांगकर उसे मानसिक दबाव में रखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, लगातार स्पष्टकरण मांगने की प्रक्रिया को प्रशासनिक कार्यवाही से अधिक उत्पीड़न के रूप में देखा जा रहा है। संबंधित महिला अधिकारी का कहना है कि बिना ठोस कारण बार-बार नोटिस और जवाब तलब करना मानसिक प्रताड़ना की श्रेणी में आता है।
इतना ही नहीं, डीएम सविन बंसल पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि वे महिला अधिकारियों को निशाना बनाकर अपनी सख्त और ‘एक्शन मोड’ वाली छवि को चमकाने का प्रयास करते हैं। एक मामले में महिला अधिकारी को मीडिया के माध्यम से बदनाम किए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे उसकी सामाजिक और पेशेवर छवि को नुकसान पहुँचा।
महिला अधिकारों से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के नियमों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
फिलहाल, इन आरोपों की किसी भी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। डीएम सविन बंसल या जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे प्रकरण पर अब तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि शासन स्तर पर इस मामले को कितनी गंभीरता से लिया जाता है और क्या महिला अधिकारियों को न्याय मिल पाता है। यह खबर आरोपों और सूत्रों पर आधारित है। कुछ मामलो में प्रमाण भी मौजूद है संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है | लगातार तीन दिनों से डीएम ऑफिस और उनके कैम्प सहित सूचना विभाग से इस मामले में बयान के लिए सम्पर्क किया गया लेकिन अभीतक कोई जवाब नहीं आया है





