सिद्धार्थनगर अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा “पुलिस लाइन सिद्धार्थनगर” में जनपद के समस्त थानों से उपस्थित “डिजिटल वॉरियर्स” के साथ में गोष्ठी किया गया ।

सिद्धार्थनगर अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा “पुलिस लाइन सिद्धार्थनगर” में जनपद के समस्त थानों से उपस्थित “डिजिटल वॉरियर्स” के साथ में गोष्ठी किया गया । गोष्ठी कर डिजिटल वॉरियर्स को साइबर अपराधों, सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और फेक न्यूज आदि के बारे मे जागरुक किया गया । पुलिस मुख्यालय लखनऊ द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा पुलिस लाइन सिद्धार्थनगर में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया । इस गोष्ठी में जनपद के समस्त थानों से आए “डिजिटल वॉरियर्स” ने भाग लिया । गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य डिजिटल वॉरियर्स को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और फेक न्यूज को रोकने में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करना तथा समाज में साइबर जागरूकता अभियान को गति प्रदान करना है । अपर पुलिस अधीक्षक ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए डिजिटल वॉरियर्स की भूमिका को रेखांकित किया । उन्होंने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है । सोशल मीडिया के दुरुपयोग से न केवल सामाजिक सौहार्द को खतरा उत्पन्न होता है, बल्कि व्यक्तिगत और आर्थिक नुकसान भी बढ़ रहा है । गोष्ठी के दौरान 1. फर्जी खाता Mule Account, 2.AEPS(Aadhar Enable Payment System), 3. विदेश में फसे व्यक्ति के नाम पर पैसा मांगना, 4. आनलाइन मार्केटिंग (E-Commerce), Flipkart, amazon, misho etc., 5. सर्विस सेन्टर टोल फ्री नम्बर आनलाइन सर्चिग, 6. आनलाइन गेमिंग (Online Gaming) Eg. Freefire, Pubg, BGMI, GTA etc. तथा 7. पोर्न वीडियों (Porn Video) को देखने के एवज में कानूनी कार्रवाही की धमकी देना व पैसों की मांग करना, 8. लोन एप फ्राड (Loan App Fraud) इत्यादि से सम्बन्धित साइबर फ्राड व उससे बचाव के बारे में चर्चा की गयी तथा डिजिटल वॉरियर्स को समाज का एक जिम्मेदार हिस्सा बताते हुए उन्होंने अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान दें । इस तरह के प्रयास न केवल साइबर अपराधों को कम करने में सहायक होंगे, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी बढ़ाएंगे । इनका दायित्व है कि वे अफवाहों को रोकें, फेक न्यूज को पहचानें और बिना सत्यापन के किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें । किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें । गोष्ठी में उपस्थित डिजिटल वॉरियर्स को अपने कर्तव्यों का पालन करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया, साथ ही पुलिस के सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहित करने और आम जनता को साइबर अपराधों से बचाने में सहयोग करने का आह्वान किया गया तथा गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा साइबर जागरूकता हेतु Cyber Dost नाम से संचालित किए जा रहे X(ट्विटर), फेसबुक एवं इंस्टाग्राम अकाउंट एवं उत्तर प्रदेश पुलिस के अकाउंट @UPPolice के बारे में भी जागरूक किया गया । इस दौरान प्रभारी साइबर क्राइम थाना, सभी थानो के साइबर सेल प्रभारी सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे
सिद्धार्थनगर से अब्दुल्लाह की रिपोर्ट


