SIR-भारत से रोज 150 अवैध बांग्लादेशी लौट रहे:BSF का दावा- बंगाल के 3 जिलों की बॉर्डर पर संख्या अचानक बढ़ी, इनके पास दस्तावेज नहीं- INA NEWS

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात BSF ने दावा किया है कि बॉर्डर पार करने की कोशिश करने वाले अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ गई है, यह वापसी राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी है। BSF के एक अधिकारी के मुताबिक नॉर्थ 24 परगना, मुर्शिदाबाद और मालदा में बॉर्डर के बिना फेंसिंग वाले हिस्सों से लौटने की कोशिश कर रहे बांग्लादेशी इमिग्रेंट्स के फ्लो में क्वांटम जंप देखा गया है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक BSF अधिकारी ने बताया कि पहले, ऐसे मामले मुश्किल से डबल डिजिट में आते थे। अब यह आंकड़ा हर दिन लगातार तीन डिजिट में है। बॉर्डर पर तैनात BSF के जवानों ने कहा कि चेक पोस्ट पर छोटे बैग और सामान लेकर लोगों की लाइन लग रही है, जो खुलेआम मान रहे हैं कि वे बांग्लादेशी हैं और सालों पहले गैर-कानूनी तरीके से भारत में आए थे। अवैध बांग्लादेशियों की अचानक बढ़ोतरी से BSF और स्टेट पुलिस पर प्रेशर बढ़ गया है, जिन्हें बॉर्डर के दोनों तरफ हर पकड़े गए व्यक्ति का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, पूछताछ और क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक करना होता है। चुनाव आयोग ने 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 51 करोड़ वोटरों में से 50.35 करोड़ से ज्यादा लोगों को वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत गिनती के फॉर्म मिल गए हैं। SIR से जुड़ी 3 तस्वीरें… SIR या पुलिस वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान पकड़े जाने का डर BSF अधिकारियों ने कहा कि वापस जाने की कोशिश करने वाले लोगों के पास कोई वैलिड ट्रैवल पेपर्स नहीं हैं।सिर्फ वही लोग गैर-कानूनी तरीके से घुसने की कोशिश करते हैं जिनके पास डॉक्यूमेंट्स नहीं होते। कई लोग सालों पहले आए थे, ज्यादा समय तक रुके। अब SIR या पुलिस वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान पकड़े जाने से डरते हैं। BSF के मुताबिक अवैध बांग्लादेशियों की इतनी बड़ी संख्या ने लॉजिस्टिक मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कोई भी एजेंसी हजारों लोगों को लंबे समय तक हिरासत में नहीं रख सकती। वेरिफिकेशन के बाद, अगर उनका कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं है, तो BGB- बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के साथ कोऑर्डिनेट करना और उनकी वापसी में मदद करना ही इकलौता ऑप्शन है।
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