Sport : Explainer: फीफा वर्ल्ड कप चैंपियन बनने वाली टीम को क्यों नहीं दी जाती ट्रॉफी? जानिए इसके पीछे की दिलचस्प वजह #INA

FIFA World Cup Trophy: 12 जून से दुनियाभर के फुटबॉल फैंस के सिर फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खुमार चढ़कर बोलेगा. फुटबॉल फैंस दुनिया के सबसे बड़े टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. पिछली बार 2022 में लियोनेल मेसी की टीम अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर 36 साल के बाद फीफी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम किया था. हालांकि अर्जेंटीना को चैंपियन बनने के बाद भी फीफी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी नहीं मिली थी. मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना की टीम को सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए ट्रॉफी मिली थी और फिर उनसे वापस ले लिया गया था. अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों हुआ, तो आपको बता दें कि फीफा चैंपियन बनने वाली टीम को असली ट्रॉफी नहीं दी जाती है, चलिए जानते हैं कि इसके पीछे की असली वजह क्या है.
चैंपियन बनने वाली टीम को सिर्फ फोटों खिंचवाने के लिए मिलती है असली ट्रॉफी
फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को असली ट्रॉफी नहीं दी जाती है. जो टीम चैंपियन बनती हैं उन्हें सिर्फ स्टेडियम में जश्न मनाने और तस्वीरें खिंचवाने के लिए फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी दी जाती है. सेलीब्रेशन खत्म होते ही फीफा के अधिकारी टीम से असली ट्रॉफी ले लेते हैं.
चैंपियन बनने वाली टीम को मिलती है डुप्लिकेट ट्रॉफी
फीफा वर्ल्ड कप विजेता टीम को असली ट्रॉफी की हूबहू नकल डुप्लिकेट ट्रॉफी (Replica) दी जाती है. इसे फीफा वर्ल्ड कप विंटर्स ट्रॉफी कहा जाता है. इस ट्रॉफी पर सोने की परत चढ़ी होती है और यह पूरा कांस्य का होता है. फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी हमेशा फीफा के पास ही रहती है. इस ट्रॉफी को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में स्थित फीफा संग्रहालय काफी सुरक्षित रखा जाता है.
फीफी की असली ट्रॉफी कब आती है बाहर?
फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी कुछ खास मौके पर ही फीफा संग्रहालय से बाहर आती है. जब को फीफा का ऑफिसियल ग्लोबल ट्रॉफी टूर हो या फिर आधिकारिक ड्रॉ (Draw) समारोह हो तो फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी को निकाला जाता है. वहीं वर्ल्ड कप के उद्घाटन मैच और फाइनल मुकाबले के दिन असली ट्रॉफी की मैदान पर प्रस्तुति होती है.
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फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी को छूने का किसे है अधिकार?
आपको बता दें कि फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी को छूने का अधिकार हर किसी को नहीं है. इस ट्रॉफी को छूने को लेकर भी सख्त नियम है. कोई भी ट्रॉफी को हाथ नहीं लगा सकता है. बिना दस्तानों के ट्रॉफी छूने का आधिकार सिर्फ कुछ लोगों को है, जिसमें वर्ल्ड कप जीतने वाले देश के खिलाड़ी, कोच और स्टाफ और अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष (Heads of State) के अवाला फीफा के कुछ टॉप अधिकारी ही शामिल हैं.
चैंपियन बनने वाली टीम को क्यों नहीं मिलती फीफा वर्ल्ड कप की अलसी ट्रॉफी?
अब इस बारे में जानते हैं कि आखिरी चैंपियन बनने वाली टीम को असली ट्रॉफी क्यों नहीं मिलती है. दरअसल फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी को लेकर पुराना नियम अलग था. तब फीफा की असली ट्रॉफी को जूल्स रिमेट ट्रॉफी कहा जाता था. साल 1930 से लेकर 1970 तक के फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंटों में इसी ट्रॉफी का इस्तेमाल किया जाता था.
2 बार चोरी हो चुकी है फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी
साल 1970 में फीफा के तत्कालीन अध्यक्ष जूल्स रिमेट ने नियम बनाया था कि जो देश 3 बार वर्ल्ड कप का खिताब जीतेगा, वह असली ट्रॉफी हमेशा के लिए अपने पास रखेगा. 1970 में ब्राजील ने तीसरी बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर ‘जूल्स रिमेट ट्रॉफी’ यानी असली ट्रॉफी को अपने पास रख लिया, लेकिन साल 1970 से पहले इस्तेमाल होने वाली ‘जूल्स रिमेट ट्रॉफी’ 2 बार चोरी हो गई थी. साल 1966 में इंग्लैंड और 1983 में ब्राजील से असली ट्रॉफी चोरी हो गई थी. ब्राजील से चोरी होने के बाद चोरों ने उसे पिघला दिया था.
फीफा ने असली ट्रॉफी को लेकर बनाया सख्त नियम
इसके बाद साल 1974 में फीफा ने असली ट्रॉफी के नियम को बदल दिया. फीफा ने नया नियम बनाया कि कोई देश स्थायी रूप से असली ट्रॉफी को अपने पास नहीं रख सकता. इसके बाद साल 2005 में फीफा ने इस नियम को और भी सख्त बना दिया. इस नियम के तहत फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी को हमेशा के लिए स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में स्थित फीफा हेडक्वार्टर (FIFA Museum) में सुरक्षित रखा जाता है. इसे किसी देश को नहीं सौंपा जाता है.
करोड़ों में ही फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी की कीमत
फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी काफी महंगी है. असली फीफा ट्रॉफी 18-कैरेट ठोस सोनेसे बनी है, जिसका वजन लगभग 6.175 किलोग्राम है और इसकी कीमत करोंड़ों में है. यही सब वजह है कि फीफा वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी चैंपियन बनने वाली टीम को नहीं दी जाती है. उसकी जगह डुप्लिकेट ट्रॉफी दी जाती है.
11 जून से होगा फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज
फीफा वर्ल्ड कप 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 11 जून से होगी. वहीं 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम (MetLife Stadium) में फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मैच खेला जाएगा. इस बार फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी 3 देश अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा कर रहे हैं. ये फीफा के इतिहास में पहली बार हो रहा है. इतना ही नहीं इस बार 32 की जगह 48 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनके बीच कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे. पहले 32 टीमों के बीच 64 मुकाबले खेले जाते थे, लेकिन इस बार टीमों की संख्या बढ़ने से मैचों के नंबर भी बढ़ा दिए गए हैं. अब देखने वाली बात होगी कि अर्जेंटीना ट्रॉफी को डिफेंड करने में कामयाब होती है या फिर कोई और बाजी मारता है.
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