Sport : दूध-सब्जी बेचने से लेकर कारपेंटर तक, जानिए क्या करता हैं भारत की चैंपियन बेटियों के पिता #INA

Women Cricket Team Father Struggle: हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने महिला वर्ल्डकप 2025 की ट्रॉफी अपने अपने नाम कर करोड़ों भारतीयों के दिल में अपनी जगह बना ली है. यह जीत भारत में महिला क्रिकेट को देखने के नजरिए की टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है. साथ ही आगे आने वाली पीढ़ी इससे प्रेरणा लेकर भविष्य में भारत को और ज्यादा गौरवान्वित करेगी.

वर्ल्ड चैंपियन बनी खिलाड़ियों के लिए यह राह इतनी आसान नहीं रही है. लेकिन उनके पिता ने हार नहीं मानी, जिसका नतीजा ये है कि आज उनकी बेटियां वर्ल्ड चैंपियन बन गई है. उनके त्याग और तपस्या के कारण यह संभव हो पाया है. आइए जानते हैं विश्व विजेता टीम इंडिया के खिलाड़ियों के पिता क्या करते हैं. 

अमनजोत कौर के पिता हैं कारपेंटर 

अमनजोत कौर ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वुल्फार्ट का कैच पकड़ा था. लौरा अकेले ही दक्षिण अफ्रीका को 299 के लक्ष्य के करीब लेकर जा रही थीं. अमनजोत के कैच ने टीम इंडिया की जीत सुनिश्चित कर दी थी. उनके पिता पेशे से कारपेंटर हैं, बचपन में उन्होंने अपनी बेटी को बैट भी बनाकर दिया था. जब अमानजोत 15 साल की थी तो वह स्कूटर पर बैठाकर उन्हें प्रैक्टिस करवाने ले जाते थे. 

राधा यादव के पिता बचते हैं दूध-सब्जी 

जानकारी के अनुसार भारतीय ऑलराउंडर राधा यादव की पिता मुंबई के कांदिवली में दूध और सब्जी के ठेला लगाते हैं. ओमप्रकाश यादव ने राधा यादव को शुरुआत से ही क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया. तमाम आर्थिक संकटों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी के भीतर के क्रिकेटर को मरने नहीं दिया. बचपन में राधा लड़कों के साथ खेलने की जिद्द करती थीं, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया जाता था. यहां भी राधा के पिता ने उनका साथ दिया. 

हरमनप्रीत कौर के पिता थे क्लर्क 

भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के पिता क्लर्क की नौकरी करते थे. उनका नाम हर्मिन्दर सिंह भुल्लर है, वह खुद भी क्रिकेटर बनना चाहते थे लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें नौकरी करनी पड़ी. हर्मिन्दर सिंह के खुद के सपने पूरे नहीं हुए, लेकिन उन्होंने हरमन को क्रिकेटर बनाने के लिए अपनी जान झोंक दी.

इन खिलाड़ियों ने भी किया संघर्ष 

टीम इंडिया की अन्य खिलाड़ियों के पिता ने भी संघर्ष कर अपनी बेटियों को विश्व चैंपियन बनाया है. दीप्ति शर्मा के पिता का कानपुर में बिजनेस है. शेफाली वर्मा के पिता की ज्वेलरी शॉप है. उमा छेत्री के पिता किसानी करते हैं, तो जेमिमा रोड्रिग्स के पिता कोच हैं.

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