Tach – गोली से गाली तक की आवाज पकड़ लेता है ये सेंसर, पर्यावरण से सड़क तक देता है सुरक्षा, कैमरे की जरूरत नहीं

मोटोरोला के ‘हैलो स्मार्ट सेंसर’ हाईटेक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित स्मार्ट निगरानी सिस्टम पेश करता है. भारत में इसका डिस्ट्रीब्यूशन आर्या ओम्निटॉक को दिया गया है. पारंपरिक तरीकों से अलग हैलो स्मार्ट सेंसर ऐसे डिजाइन किए गए हैं, जो गोपनीयता से समझौता किए बिना सटीक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं. इन सेंसरों में अत्याधुनिक तकनीक लगी है, जो ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग के बिना निगरानी करने में सक्षम हैं.
बिना कैमरे की सुरक्षा पुख्ता करने की खूबी की वजह से यह सेंसर स्कूलों के शौचालयों, अस्पतालों के वार्ड, हॉस्टल, होटल के कमरे और उत्पादन इकाइयों जैसे स्थानों पर काफी उपयोगी साबित होते हैं.
नवीनतम तकनीक पर आधारित यह छोटा-सा उपकरण 16 तरह के सेंसरों से युक्त है, जो इसे काफी खास और उपयोगी बनाता है. ये सभी सेंसर अलग-अलग चीजों के लिए संवेदनशील होते हैं, जो रिएक्शन के तहत तत्काल जानकारियां देते हैं.
क्या काम करते हैं ये सेंसर
इन सेंसरों की मदद से वायु गुणवत्ता से संबंधित संकेत जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कुल ज्वलनशील कार्बनिक पदार्थ और आर्द्रता जैसी चीजें मापी जा सकती हैं. साथ ही गोली चलने की आवाज, आक्रामक बातचीत, पैनिक कीवर्ड, स्पीड, उपस्थिति में बदलाव, वेपिंग (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) और टीएचसी जैसे सुरक्षा संबंधी संकेत भी यह आसानी से दे सकता है. यह शक्तिशाली सेंसर ‘पावर ओवर ईथरनेट’ (पीओई) पर काम करते हैं, जिससे इनकी कार्यक्षमता और विस्तार की क्षमता और अधिक बढ़ जाती है. इसके सेंसर क्लाउड और एज प्रोसेसिंग के लिए उपयुक्त हैं और इन्हें एक सुरक्षित ब्राउज़र आधारित इंटरफेस के जरिये ऑपरेट किया जा सकता है.
हैलो स्मार्ट सेंसर का डिज़ाइन भारत में बदलते संस्थागत विनियमों के अनुकूल है. ये सेंसर नैक (एनएएसी) द्वारा निर्धारित सुरक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और स्वच्छता से संबंधित मानदंडों का पालन करते हैं. डिजिटल रूप से सशक्त ये सेंसर नई शिक्षा नीति के भी अनुरूप है. आर्या ओम्निटॉक के सीईओ परेश शेट्टी का कहना है कि स्मार्ट और गोपनीय सुरक्षा के लिए यह सेंसर एक उपयुक्त उपकरण है.
कहां हो सकता है उपयोग
इन सेंसर्स का उपयोग शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं, निर्माण इकाइयों, हॉस्पिटैलिटी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ ही सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किया जा सकता है. इसके जरिए कंपनी सुरक्षा, गोपनीयता और दक्षता का संतुलन बना सकती है. इसका इस्तेमाल राजमार्गों पर वाहनों की गति मापने के लिए भी किया जा सकता है.
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