Tach – How did DeepSeek become so cheap Suspicions arose Bernstein doubts price tag | इतना सस्ता कैसे बन गया DeepSeek? उठने लगी शक की निगाहें, रिपोर्ट में कहा गया- गुमराह कर रहा | Hindi news, tech news

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दावा किया जा रहा है कि DeepSeek को बनाने में ChatGPT के मुकाबले कम खर्च हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया है कि डीपसीक एआई असिस्टेंट को 5 मिलियन डॉलर में बनाया गया है, जो भ्रामक लग रहा है.
deepseek को बनाने में आए खर्च को लेकर शक की निगाह से देख रहे एक्सपर्ट
नई दिल्ली. आपको याद होगा कि जब ओपनएआई की ChatGPT आई थी तब पूरी दुनिया में तहलका सा मच गया था. अब कुछ ऐसी ही हलचल चीन में तैयार हुआ नया AI DeepSeek भी मचा रहा है. ये एआई असिस्टेंट, तकनीकी दुनिया में तूफान की तरह आया है और दुनिया भर के बाजारों में हंगामा सा मच गया है. DeepSeek के बारे में कहा जा रहा है कि इसे बहुत कम खर्च में तैयार किया गया है. इस दावे ने दुनियाभर के टेक विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है. लोग अब इसकी काबिलियत के साथ इसे बनाने में आए खर्च पर सवाल उठने लगे हैं.
बर्नस्टीन ने एक रिपोर्ट में कहा है कि डीपसीक देखने में शानदार है, लेकिन यह कोई चमत्कार नहीं है और इसे 5 मिलियन डॉलर में नहीं बनाया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस AI का निर्माण 5 मिलियन डॉलर में किया गया है, जो बहुत ही भ्रामक है और इससे पूरी तस्वीर साफ नहीं होती है.
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क्या कहती है रिपोर्ट
बर्नस्टीन की रिपोर्ट में कहा गया है कि हमारा मानना है कि डीपसीक ने इसका निर्माण 5 मिलियन डॉलर में नहीं किया है. ये AI मॉडल शानदार दिख रहा है, लेकिन हमें नहीं लगता कि वे चमत्कार हैं. वीकएंड में ट्विटर पर इसे लेकर जो पैनिक हुआ वह जरूरत से ज्यादा या गैरजरूरी लगती है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि डीपसीक ने एआई मॉडल की दो फैमिली बनाई है- एक डीपसीक-वी3 और दूसरी डीपसीक आर1. वी3 मॉडल एक बड़ा लैंग्वेज मॉडल है जो मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स (एमओई) आर्किटेक्चर को यूज करता है. वी3 मॉडल को ट्रेंड करने के लिए, डीपसीक ने लगभग दो महीने तक 2,048 एनवीडिया एच800 जीपीयू के क्लस्टर का उपयोग किया, जिसमें प्री-ट्रेनिंग के लिए लगभग 2.7 मिलियन GPU घंटे और प्रशिक्षण के बाद 2.8 मिलियन GPU घंटे शामिल थे. जिन्हें नहीं पता है, उन्हें बता दें कि GPU घंटे वो टोटल टाइम होता है जो प्रोसेसिंग टास्क को करने के लिए ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लेता है.
बता दें कि डीपसीक के लॉन्च के साथ ही एआई चिप लीडर एनवीडिया को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ और 27 जनवरी को मार्केट वैल्यू में करीब 593 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ है, जो किसी भी कंपनी के लिए एक दिन का रिकॉर्ड घाटा है. हालांकि बर्नस्टीन ने जो अपना निष्कर्ष निकाला उसमें उसने माना है कि हालांकि डीपसीक की उपलब्धियां शानदार हैं, वह बहुत ही जोरदार है. लेकिन सिर्फ 5 मिलियन डॉलर में ओपनएआई का प्रतिस्पर्धी बनाने का उनका दावा अतिशयोक्तिपूर्ण लग रहा है.
New Delhi,Delhi
January 29, 2025, 15:11 IST
इतना सस्ता कैसे बन गया DeepSeek? उठने लगी शक की निगाहें
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