Tach – old iphone vs new Androids smartphone – Apple भारत में बेच रहा है पुराने iPhones, नए Androids की बजाय लोग इन्हें क्यों चुन रहे?

नई द‍िल्‍ली. अगर आप भारतीय बाजार में विभिन्न फोन की लोकप्रियता का अंदाजा सिर्फ स्पेक शीट्स के आधार पर लगाएं, तो आप मानेंगे कि नवीनतम एंड्रॉइड फोन सबसे ऊपर होंगे. एंड्रॉइड फ्लैगशिप हर कुछ महीनों में बड़े सेंसर, तेज चार्जिंग, फोल्डिंग डिस्प्ले और लंबी फीचर लिस्ट के साथ आते हैं. फिर भी, अगर आप उन सेगमेंट्स में बिक्री डेटा देखें जहां आईफोन उपलब्ध है, तो लोग आईफोन ही चुन रहे हैं, भले ही वह पुराना आईफोन हो. वे लेटेस्‍ट एंड्रॉइड को नजरअंदाज कर रहे हैं और अगर कीमत समान है तो वे 2023, 2022, या यहां तक कि 2021 में लॉन्च हुए आईफोन को ही खरीद रहे हैं. उदाहरण के लिए, डेटा देखें. IDC के अनुसार, iPhone 16 और iPhone 15 देश में 2025 की पहली छमाही में सबसे ज्यादा शिप किए गए स्मार्टफोन मॉडल थे, जो कुल शिपमेंट का 4 प्रतिशत योगदान देते हैं. iPhone 16 पिछले साल सितंबर में लॉन्च हुआ था. iPhone 15 लगभग उसी समय 2023 में लॉन्च हुआ था. और इन दोनों के अलावा, पुराने मॉडल जैसे iPhone 14 और यहां तक कि iPhone 13 भी ऑफलाइन और ऑनलाइन दुकानों में स्टॉक में बने हुए हैं.

यही पुरानी आईफोन्स की लोकप्रियता और उपलब्धता है, जो भारत में Apple को बढ़ने में मदद कर रही है. IDC के अनुसार, भारत में Apple के कुल iPhone वॉल्यूम्स 2025 की पहली छमाही में साल-दर-साल 21.5 प्रतिशत बढ़कर 5.9 मिलियन यूनिट्स हो गए हैं. तो, ऐसा क्या है जो पुराने iPhone को यूजर्स के लिए अधिक आकर्षक बनाता है, जबकि एक सप्ताह या महीनों पुराना Android फोन, जिसमें बेहतर स्पेस शीट और अधिक फीचर्स होते हैं? अगर आप इसे सामान्य रूप से देखें, तो आपको लगेगा कि यह सिर्फ ब्रांड का आकर्षण है और ब्रांड का आकर्षण वास्तव में है. लेकिन अगर आप ध्यान से देखें, तो हम समझ सकते हैं कि उपभोक्ता क्यों 2 साल पुराने iPhone को लेटेस्‍ट Android के ऊपर चुनते हैं.

1. परफॉर्मेंस सबसे बड़ी वजह:
ये सबसे बड़ी वजह है. Apple के बायोन‍िक च‍िपसेट के कारण आईफोन पुराने होने के बावजूद कई साल तक नए रहते हैं. 2 से 3 साल पुराने बायोन‍िक च‍िप अब भी नए जैसा फील देते हैं. आपको इसे इस्‍तेमाल करते हुए इसके फास्‍टनेस का एहसास होगा. A16 या A17 न केवल बेंचमार्क में अधिकांश मौजूदा मिड-रेंज प्रीमियम एंड्रॉइड चिपसेट्स की तुलना में तेज हैं, बल्कि उपयोग में भी तेज महसूस होते हैं. ऐप्स जल्दी खुलते हैं, कैमरे तुरंत लॉन्च होते हैं और बैकग्राउंड प्रोसेस फोन को धीमा नहीं करते.

2. लंबे समय तक सॉफ्टवेयर सपोर्ट म‍िलता है:
लंबे समय तक OS और सुरक्षा सपोर्ट एक और कारण है कि पुराने iPhones बिकते रहते हैं. Apple नियमित रूप से पांच या उससे अधिक वर्षों के लिए प्रमुख iOS अपडेट जारी करता है और ये अपडेट सभी योग्य मॉडलों पर एक ही दिन में रोल आउट होते हैं. जैसे क‍ि अगर कोई खरीदार दो पीढ़ी पुराना iPhone खरीदता है तो उसे भी वही अपडेट म‍िलेगा जो लेटेस्‍ट आईफोन को म‍िलता है. इससे लंबे समय तक आईफोन नया बन रहता है.

3. इकोसिस्टम का असर भी वास्तविक है
सेवाओं और एक्सेसरीज का लॉक-इन बहुत चर्चा में रहता है, लेकिन यह सिर्फ ब्लू बबल्स से अधिक है. AirPods के साथ आसान पेयरिंग, Apple Watch के साथ सटीक स्वास्थ्य ट्रैकिंग, AirDrop के साथ फास्‍ट फाइल ट्रांसफर, Face ID सपोर्ट और iPad और Mac के साथ सुविधाएं एक पुराने iPhone को बेहतर अनुभव देने के ल‍िए तैयार करते हैं.

4. कैमरा का परफॉर्मेंस 
Apple के आईफोन का कैमरा साल दर साल एक जैसा है. पुराने iPhone भी बेहतरीन क्‍वाल‍िटी के फोटो और वीड‍ियो लेते हैं और इसके HDR पर आप भरोसा कर सकते हैं.

5. लंबी चलने वाली बैटरी 
आपने पुराने हैंडसेट में अक्‍सर बैटरी की परेशानी देखी होगी. लेक‍िन आईफोन में ऐसा नहीं है. आईफोन पुराना होने के बावजूद इसमें बैटरी की परेशानी नहीं देखने को म‍िलती. बहुत से आईफोन यूजर्स हर साल नए हैंडसेट नहीं खरीदते. वो नया मोबाइल खरीदने के ल‍िए 3 से 4 साल का समय लेते हैं.

6. पुराने आईफोन पर ऑफर: 
वैसे देखा जाए तो नए आईफोन के लॉन्‍च के बावजूद कंपनी अपने पुराने आईफोन के दाम में कोई खास कटौती नहीं करती है. लेक‍िन इन पर बैंक ऑफर, ड‍िस्‍काउंट और एक्‍सचेंज ऑफर के साथ कीमतों में अच्‍छी खासी कटौती हो जाती है.

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