Tach – भविष्यवाणी: 5 साल बाद दुनिया में होगी उथल-पुथल, आएगी सबसे बड़ी तबाही, 99% लोगों के पास नहीं होगी नौकरी

पिछले 3-4 वर्षों से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बारे में बहुत अधिक चर्चा हो रही है. चर्चा इसलिए है क्योंकि एआई ने बहुत तेजी से तरक्की की है. ऐसे-ऐसे टूल्स आ गए हैं जो एक तस्वीर से पूरा वीडियो बना सकते हैं, कुछ सेकंड में गाने लिख सकते हैं, और यहां तक कि इंसानों जैसी आवाज में बात कर सकते हैं. चैटबॉट्स आपके सवालों के जवाब दे सकते हैं, कहानियां लिख सकते हैं और यहां तक कि कोडिंग भी कर सकते हैं. डिजाइन बनाने से लेकर बिजनेस प्लान बनाने तक, AI ने हर जगह अपनी मौजूदगी का अहसास करवा दिया है. AI की इसी तरक्की ने कई डर भी पैदा कर दिए हैं. सबसे बड़ा डर है बड़े स्तर पर बेरोजगारी का. डर एक ऐसी स्थिति का, जिस बारे में हमने कभी सोचा नहीं, कभी देखा नहीं, कभी सुना नहीं.

इसी मुद्दे के एक्सपर्ट डॉ. रोमन यम्पोल्स्की (Dr. Roman Yampolskiy) ने ‘डायरी ऑफ ए सीईओ’ के साथ एक पॉडकास्ट किया है. रोमन यम्पोल्स्की एक बड़े वैज्ञानिक हैं. उन्होंने AI पर बहुत अध्ययन किया है. वे कहते हैं कि AI हमारी जिंदगी बदल देगा. इसी पॉडकास्ट से हम कुछ चुनिंदा पॉइन्ट उठाकर आपके साथ शेयर कर रहे हैं.

पहले समझिए AI क्या है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एक कंप्यूटर जो किताबें पढ़ता है, सवालों के जवाब देता है और यहां तक कि कार चलाता है. लेकिन भविष्य में AI और ज्यादा ताकतवर बनेगा. डॉ. रोमन कहते हैं कि AI दो तरह का होता है. एक है नैरो AI, जो केवल एक काम में माहिर होता है, जैसे शतरंज खेलना. दूसरा है सामान्य AI, जो हर काम कर सकता है. और फिर सुपर AI, जो हर चीज में इंसानों से बेहतर होगा.

डॉ. रोमन की 2027 के लिए भविष्यवाणी

डॉ. रोमन का कहना है कि 2027 तक जनरल एआई (General AI) आ सकता है. इसका मतलब यह होगा कि मशीनें इंसानों जैसी सोचने और निर्णय लेने में सक्षम हो जाएंगी. आप कल्पना कीजिए कि एक ऐसा मशीन होगा जो डॉक्टर, वकील, ड्राइवर जैसे अलग-अलग पेशों का सारा काम अकेले कर लेगा. और यह सब काम वह बिल्कुल मुफ्त में कर पाएगा. जैसे आप 20 रुपये में कोई ऐप डाउनलोड करें और वह आपका पूरा काम संभाल ले.

डॉ. रोमन चेतावनी देते हैं कि इस बदलाव का सबसे बड़ा असर नौकरियों पर पड़ेगा. वे कहते हैं कि बेरोजगारी केवल 10 प्रतिशत नहीं बल्कि 99 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. यानी लगभग सभी लोग बिना काम के (Jobless) हो सकते हैं. सबसे पहले वे काम खत्म होंगे जो कंप्यूटर पर किए जाते हैं, जैसे आर्टिकल लिखना, डिजाइन बनाना, डेटा एंट्री करना. इसके बाद रोबोट्स शारीरिक कामों को भी संभाल लेंगे, जैसे घर की सफाई करना, फैक्ट्री में काम करना, और डिलीवरी करना.

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यह सब इसलिए होगा, क्योंकि AI तकनीक इंसानों से कहीं ज्यादा तेज और सस्ता होगा. उदाहरण के लिए, आज सेल्फ-ड्राइविंग कारें मौजूद हैं. वेमो जैसी कारें फोन से बुलाने पर खुद आती हैं, खुद चलती हैं और आपको आपके गंतव्य तक छोड़ देती हैं. इसमें ड्राइवर की कोई जरूरत नहीं होती. ड्राइविंग दुनिया की सबसे बड़ी नौकरियों में से एक है. अगर AI इस क्षेत्र पर पूरी तरह कब्जा कर लेगा, तो लाखों ड्राइवर बेरोजगार हो जाएंगे.

डॉ. रोमन का अनुमान है कि 2027 तक AI इतना स्मार्ट हो जाएगा कि लगभग हर नौकरी कर लेगा. हालांकि, यह तुरंत नहीं होगा. उन्हें लगता है कि इसमें कुछ समय लग सकता है. जैसे वीडियो फोन 1970 में बन गए थे, लेकिन उनका बड़े पैमाने पर उपयोग आईफोन आने के बाद ही शुरू हुआ.

तो ऐसे में कौन-सी नौकरियां बचेंगी?

डॉ. रोमन के अनुसार बहुत कम नौकरियां बचेंगी. केवल वे नौकरियां बच सकती हैं, जहां लोग मशीनों की बजाय इंसानों को पसंद करेंगे. जैसे कोई अमीर व्यक्ति पुराने तरीके से इंसान को अकाउंटेंट रखना चाहे. या फिर लोग हाथ से बने सामान खरीदना पसंद करें, जो मशीनों से न बने हों. लेकिन यह बहुत छोटा बाजार होगा, कुछ वैसा जैसे आज लोग ‘मेड इन इंडिया’ या ‘हैंडमेड’ प्रोडक्ट्स महंगे दामों पर भी शौक से खरीदते हैं.

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AI हर क्षेत्र में इंसानों से बेहतर होगा. उदाहरण के लिए, पॉडकास्टिंग के काम में AI सारी किताबें पढ़ सकता है, सवाल तैयार कर सकता है और पूरा वीडियो बना सकता है. इंसान के पास योगदान देने के लिए लगभग कुछ नहीं बचेगा.

कई लोग मानते हैं कि AI क्रिएटिव नहीं हो सकता, लेकिन डॉ. रोमन इससे असहमत हैं. वे बताते हैं कि AI पहले से ही गाने बना रहा है, पेंटिंग्स बना रहा है और कहानियां लिख रहा है. उदाहरण के लिए, एक उबर ड्राइवर कह सकता है कि वह सड़कों को बेहतर जानता है, लेकिन AI के पास पूरे शहर के मैप्स की जानकारी होती है और वह कहीं ज्यादा सटीक नेविगेट कर सकता है.

इसी तरह, एक प्रोफेसर कह सकता है कि उसका लेक्चर स्पेशल है, लेकिन AI उसके सारे लेक्चर देखकर उससे बेहतर सिखा सकता है. पहले लोग कहते थे कि कोडिंग सीखो, भविष्य सुरक्षित होगा. लेकिन अब AI कोडिंग में भी इंसानों से बेहतर है. यहां तक कि नई नौकरियां जैसे ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ भी AI खुद कर सकेगा.

डॉ. रोमन कहते हैं कि यह बदलाव पिछली क्रांतियों से अलग होगा. औद्योगिक क्रांति में मशीनें आईं, कुछ नौकरियां खत्म हुईं, लेकिन नई नौकरियां भी बनीं. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा, क्योंकि AI नई नौकरियां खुद ही कर लेगा. इसे वे ‘आखिरी आविष्कार’ कहते हैं.

जब सभी नौकरियां खत्म होंगी, तब क्या होगा?

इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. रोमन पहले अच्छी खबर बताते हैं. AI की वजह से हर चीज सस्ती हो जाएगी, जैसे खाना, घर, कपड़े सब आसानी से उपलब्ध होंगे. सरकारें सबको बुनियादी जरूरतें मुफ्त में दे पाएंगी और हर किसी को एक अच्छा जीवन मिल सकता है. यह एक अच्छी संभावना है. लेकिन समस्या यह होगी कि लोग तब अपना समय कैसे बिताएंगे. आज लोग हफ्ते में 60 से 80 घंटे काम करते हैं. अगर उनके पास काम नहीं होगा, तो वे खोए-खोए से रह सकते हैं. काम है तो जीवन का कोई अर्थ है. ऐसे में अपराध बढ़ सकते हैं, समाज में अव्यवस्था आ सकती है, और बच्चों की संख्या बढ़ सकती है.

डॉ. रोमन चेतावनी देते हैं कि सरकारों के पास अभी इस भविष्य के लिए कोई योजना नहीं है. साथ ही, AI इतनी तेजी से आगे बढ़ेगा कि इंसान समझ भी नहीं पाएंगे. इसे ‘सिंगुलैरिटी’ कहा जाता है. इसका मतलब है कि AI हर घंटे नई-नई चीजें बना रहा होगा और हम उसके पीछे रह जाएंगे.

2030 और उसके आगे का भविष्य

डॉ. रोमन का कहना है कि 2030 तक ह्यूमनॉइड रोबोट्स आ जाएंगे. ये बिल्कुल इंसानों जैसे दिखेंगे और ये अपने हाथों और पैरों से काम करेंगे. जैसे प्लंबर का काम, बिजली का काम, खाना बनाना, घर बनाना. ये रोबोट्स सोचेंगे, बोलेंगे, चलेंगे और पूरी तरह AI से जुड़े होंगे. इसका मतलब है कि शारीरिक श्रम वाली नौकरियां भी पूरी तरह खत्म हो जाएंगी और दुनिया पूरी तरह बदल जाएगी.

क्या यह सब रोका जा सकता है?

डॉ. रोमन कहते हैं कि यह सब अपरिहार्य नहीं है. हम चाहें तो ‘सुपर AI’ बनाने से रुक सकते हैं. हम केवल ‘नैरो AI’ पर ध्यान दें, जो खास काम करे, जैसे कैंसर का इलाज या वैज्ञानिक रिसर्च. लोग सोचते हैं कि अगर खतरा हुआ तो AI को बंद कर देंगे. लेकिन डॉ. रोमन चेतावनी देते हैं कि AI वायरस की तरह है, एक बार फैलने के बाद इसे रोकना मुश्किल होगा. चीन और अमेरिका जैसी बड़ी ताकतें इस दौड़ में लगी हैं. अगर सभी देश इस बात को समझें कि यह मानवता के लिए खतरा बन सकता है, तभी इसे रोकने की संभावना है.

हमें क्या करना चाहिए?

डॉ. रोमन का सुझाव है कि सबसे पहले लोगों को जागरूक होना चाहिए. AI से जुड़े एक्सपर्ट्स की बातें सुननी चाहिए और Pause AI जैसे ग्रुप्स का समर्थन करना चाहिए. बच्चों को इस तरह शिक्षित करना चाहिए कि वे AI के साथ काम करना सीखें. लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि हमें सुपर AI बनाने से बचना होगा.

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अगर हम सही दिशा में आगे बढ़े, तो जलवायु परिवर्तन से लड़ने में, युद्ध रोकने में और जीवन को बेहतर बनाने में AI हमारी मदद कर सकता है. लेकिन अगर हमने गलत रास्ता चुना, तो यह मानव सभ्यता के अंत का कारण बन सकता है.

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