दुनियां – राष्ट्रपति अध्यादेश के खिलाफ सुलग उठा POK, पुलिस के हाथों से निकल रहे हालात, सेना बुलाने की तैयारी – #INA

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में गुरुवार को एक बार फिर विवादित राष्ट्रपति अध्यादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए, इस अध्यादेश को जनता की असहमति को दबाने की कोशिश माना जा रहा है. प्रदर्शनों को देखते हुए अधिकारियों ने क्षेत्र में एंट्री के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं. प्रदर्शनकारियों के बड़े काफिले पुंछ डिवीजन से पाटन ब्रिज, बाराकोट से मुजफ्फराबाद, कोहाला ब्रिज से बाग, कोटली से सहंसा होलार्ड ब्रिज, ददयाल से धंगली ब्रिज और मीरपुर से मंगला ब्रिज तक मार्च करते हुए दिखाई दिए.
भांभर के काफिले भी भांभर एंट्री पॉइंट पर एकत्र हुए, प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगे पूरी होने तक ब्रिज और रास्तों को बंद करने और अपने आंदोलन को तेज करने की कसम खाई.

PoK में बगावत की आग… हर घर से उठी आवाज #Pakistan #PoK #Protest | @RAVIMISHRA_TV pic.twitter.com/YLfzwYxWcZ
— TV9 Bharatvarsh (@TV9Bharatvarsh) December 7, 2024

POK के बाग का ग्यारी चौक में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़पें भी हुई, यहां एसपी बाग, डीसी बाग और एसी बाग सहित पुलिस की भारी तैनाती ने बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की. कोहाला में भी इसी तरह के हालात देखने मिले, जहां पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है.

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In #POJK #Police is trying to push people towards violence. We strongly condemn such tactics by the Establishment and warn the government and rulers not to play with the fire. We request the public to stay calm and peaceful. #Peace is your most powerful weapon in our hands. pic.twitter.com/En4VnhVccr
— Professor Sajjad Raja (@NEP_JKGBL) December 6, 2024

बुलाई जा सकती है सेना
पाक शासन के खिलाफ POK में गुस्सा इस कदर बढ़ गया है कि पुलिस के काबू में हालात नहीं आ रहे हैं. अधिकारी पुलिस की तैनात और बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं, रिपोर्टों के मुताबिक अगर स्थिति बिगड़ती है तो आपातकालीन बल या सेना को तैनात किया जा सकता है.
POK की भारत में विलय की मांग!
इस साल की शुरुआत में POK में नागरिकों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी और 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे. अशांति के बीच POK के भारत में विलय की वकालत करने वाले पोस्टर सामने आए थे, जो प्रशासन के प्रति लोगों के असंतोष को दिखा रहे हैं. POK में खास तौर पर मुजफ्फराबाद और रावलकोट में, खाद्य पदार्थों, बिजली और अन्य जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों के की वजह से व्यापक प्रदर्शन हुए हैं. स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस ने क्षेत्र-व्यापी चक्का जाम और शटर डाउन हड़ताल के दौरान स्थानीय अधिकार आंदोलन के कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया.

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सौजन्य से टीवी9 हिंदी डॉट कॉम

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