अपने पिता की मौत पर मैय्यत में नहीं गया था ये एक्टर, फिर कब्र पर जाकर किया था ये काम
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Birthday Special: हम जिस एक्टर की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं, बल्कि नसीरुद्दीन शाह हैं. बता दें, नसीरुद्दीन शाह का जन्म 20 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुआ था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी की, जिसके बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया. हालांकि, अभिनय की दुनिया तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था, और इस राह में सबसे बड़ी रुकावट उनके अपने पिता अली मोहम्मद शाह थे, जो पेशे से तहसीलदार थे.
पारिवारिक बैकग्राउंड और संघर्ष
भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय नसीरुद्दीन शाह के दादा और चाचा पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन उनके पिता ने भारत में ही रहने का फैसला किया. वो चाहते थे कि नसीरुद्दीन भी उनके बाकी बेटों की तरह पढ़-लिखकर अफसर बने. एक भाई आर्मी ऑफिसर बने और दूसरा इंजीनियर, लेकिन नसीर का झुकाव क्रिकेट, थिएटर और फिल्मों की ओर था.
8वीं कॉल्स तक पहुंचते-पहुंचते नसीर क्लास के सबसे कमजोर छात्रों में शामिल हो गए थे. उनके पिता उनकी पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते, जबकि नसीर का ध्यान क्रिकेट स्कोर बोर्ड पर रहता था. एक बार इसी बात पर घर में बड़ा विवाद हो गया था.
अभिनय की ओर पहला कदम और पिता से दूरी
जब नसीर ने NSD में दाखिला लिया, तो उनके पिता ने उनसे रिश्ता तोड़ लिया. हालांकि, उनके भाइयों ने उन्हें थोड़ा-बहुत सहारा दिया. एक बार उन्हें 600 रुपये की जरूरत पड़ी, तो उन्होंने उम्मीद के बिना पिता को एक पत्र लिखा. हैरानी की बात ये रही कि अगली ही सुबह उन्हें पैसे मिल गए. ये उनके रिश्ते में नरमी की एक झलक थी.
फिल्मी सफर और सफलता
वहीं नसीरुद्दीन शाह की पहली फिल्म ‘निशांत’ (1975) थी. इसके बाद उन्होंने ‘मंथन’, ‘गोधूलि’, ‘भूमिका’, ‘जुनून’ जैसी कई शानदार फिल्मों में काम किया. साल 1980 में ‘स्पर्श’ फिल्म आई, जिसमें उन्होंने और शबाना आजमी ने अंधे पात्रों की भूमिका निभाई. इस फिल्म के लिए नसीरुद्दीन शाह को नेशनल फिल्म अवार्ड मिला. वहीं साल 2006 में ‘इकबाल’ फिल्म के लिए भी उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवार्ड मिला, जिसमें उन्होंने एक गूंगे-बहरों कोच की भूमिका निभाकर दिल जीत लिया.
पिता के साथ अधूरी कहानी
नसीरुद्दीन शाह के पिता को बेटे की सफलता पर गर्व हुआ, लेकिन इसके कुछ समय बाद उनका निधन हो गया. नसीरुद्दीन को ये दुख खलता रहा कि वो अपने पिता के साथ उस रिश्ते को पूरी तरह जी नहीं पाए. यहां तक कि वो उनके जनाज़े में भी शामिल नहीं हुए. बाद में वो पिता की कब्र पर गए और घंटों तक उनसे मन की बातें करते रहे. वो बातें जो वो जीते-जी कह न सके.
व्यक्तिगत जीवन
वहीं बता दें कि नसीरुद्दीन शाह ने पहली शादी मनारा सीकरी से की थी, जिनसे उन्हें एक बेटी हीबा शाह हैं. मनारा, फेमस एक्ट्रेस सुरेखा सीकरी की बहन थीं. साल 1970 में नसीरुद्दीन की मुलाकात एक्ट्रेस रत्ना पाठक से हुई और साल 1982 में दोनों ने शादी कर ली. रत्ना और नसीरुद्दीन के दो बेटे हैं इमाद शाह और विवान शाह, जो खुद भी एक्टिंग के क्षेत्र में एक्टिव हैं.
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