TRF: लश्कर-ए-तैयबा का नया मुखौटा TRF भी अब प्रतिबंधों के दायरे में, अमेरिका के फैसले से बेनकाब हुआ पाकिस्तान

TRF: जम्मू-कश्मीर में आतंक का नया नाम बनकर उभरा The Resistance Front (TRF), असल में पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी ISI द्वारा संचालित एक आतंकवादी संगठन है. TRF को घरेलू उग्रवाद का चेहरा बताकर पेश किया गया, लेकिन हकीकत में यह लश्कर-ए-तैयबा का ही नया संस्करण है. अमेरिका ने TRF को विदेशी आतंकवादी संगठन और वैश्विक आतंकी इकाई घोषित करते हुए भारत की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी है.

लश्कर का ही नया मुखौटा

TRF का गठन अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हुआ. पाकिस्तान ने इसे ‘स्थानीय प्रतिरोध’ के रूप में प्रचारित किया, जबकि यह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी ढांचे का ही हिस्सा है. हथियारों की सप्लाई, प्रशिक्षण शिविर, नेतृत्व, फंडिंग और लॉजिस्टिक्स सबकुछ लश्कर की तरह ही हैं. सिर्फ नाम बदला गया है ताकि FATF और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचा जा सके.

पहलगाम हमला: पाकिस्तानी सेना का निर्देशित आतंक

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में TRF ने एक भीषण आतंकी हमला किया, जिसमें हिंदुओ को धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया. भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार इस हमले के पीछे पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की सीधी भूमिका थी. डिजिटल फॉरेंसिक सबूतों, ह्यूमन इंटेलिजेंस और इंटरसेप्ट्स से यह स्पष्ट हुआ कि यह हमला पाकिस्तान में लोकतंत्र विरोधी गतिविधियों और आंतरिक अस्थिरता से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी साजिश थी.

जनरल असीम मुनीर का एजेंडा

TRF द्वारा किए गए इस हमले के समय को लेकर भी रणनीतिक साजिश दिखाई देती है. पाकिस्तान में PTI के नेताओं को गैरकानूनी तरीके से जेल में डालने और लोकतंत्र विरोधी कार्रवाइयों से उत्पन्न आलोचना को दबाने के लिए मुनीर ने बाहरी संकट गढ़ा. साथ ही इस आतंकवादी कार्रवाई के जरिए उन्होंने Field Marshal के रूप में अपनी नियुक्ति को सही ठहराने की कोशिश की. इस घटना के बाद खुद पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार TrF का बचाव करते हुए संसद पटल पर दिखे थे.

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की जवाबी कार्रवाई

पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सीमापार स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और वैध कार्रवाई की. अमेरिका ने न केवल TRF को आतंकी संगठन माना बल्कि भारत की इस सैन्य प्रतिक्रिया को भी न्यायोचित और सटीक करार दिया.

रणनीतिक मायने और वैश्विक संदेश

  1. TRF के नाम पर चल रहा धोखा अब उजागर हो चुका है.
  2. पाकिस्तान की सेना वैश्विक आतंकवाद की योजनाकार बन चुकी है.
  3. भारत आतंकवाद के हर चेहरे को बेनकाब करने और उसे नेस्तनाबूद करने के लिए कूटनीतिक, सैन्य और वैचारिक मोर्चों पर प्रतिबद्ध है.
  4. अमेरिका द्वारा TRF को आतंकवादी घोषित करना भारत की कूटनीतिक जीत है और पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलगाव का संकेत माना जा सकता है.

 

TRF: लश्कर-ए-तैयबा का नया मुखौटा TRF भी अब प्रतिबंधों के दायरे में, अमेरिका के फैसले से बेनकाब हुआ पाकिस्तान




[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1] #INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on newsnationtv.com, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button