शादी से नौ दिन पूर्व में गांव मीतई निवासी राहुल राठौर की सड़क हादसे में मौत के बाद 2 दिसंबर को परिजन शव को पैतृक कस्बा एटा के अलीगंज ले गए। इसके चलते गांव मीतई में घर पर ताला लटका रहा। इधर, लड़की पक्ष के घर पर भी शोक का माहौल रहा। इसके चलते मीतई और रामचंद्र कॉलोनी की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
उल्लेखनीय है कि गांव मीतई निवासी राहुल (24) पुत्र रविंद्र सिंह की 10 दिसंबर को शादी होनी थी। उनकी शादी मेंडू रोड स्थित रामचंद्र कॉलोनी निवासी राजवीर सिंह चौहान की पुत्री के साथ तय हुई थी। राहुल बाइक से अपने दोस्त राघवेंद्र पुत्र संतोष सिंह और नितिन पुत्र धर्मेंद्र सिंह के साथ शादी के लिए कपड़े व अन्य सामान की खरीदारी करने बाइक से आगरा जा रहे थे। बाइक को राघवेंद्र चला रहे थे, जबकि वह बाइक पर सबसे पीछे बैठे थे। बीच में नितिन बैठे थे।
जब यह तीनों सादाबाद के बढ़ार चौराहे के निकट पहुंचे तो यहां एक असंतुलित मैक्स वाहन ने सड़क किनारे बाइक में टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर पीछे बैठे राहुल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राघवेंद्र और नितिन घायल हो गए। हादसे के बाद परिजन राहुल के शव को लेकर अलीगंज एटा लेकर चले गए। इसके चलते गांव में घर पर ताला लटका रहा। गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
शादी से नौ दिन पूर्व में गांव मीतई निवासी राहुल राठौर की सड़क हादसे में मौत के बाद 2 दिसंबर को परिजन शव को पैतृक कस्बा एटा के अलीगंज ले गए। इसके चलते गांव मीतई में घर पर ताला लटका रहा। इधर, लड़की पक्ष के घर पर भी शोक का माहौल रहा। इसके चलते मीतई और रामचंद्र कॉलोनी की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
उल्लेखनीय है कि गांव मीतई निवासी राहुल (24) पुत्र रविंद्र सिंह की 10 दिसंबर को शादी होनी थी। उनकी शादी मेंडू रोड स्थित रामचंद्र कॉलोनी निवासी राजवीर सिंह चौहान की पुत्री के साथ तय हुई थी। राहुल बाइक से अपने दोस्त राघवेंद्र पुत्र संतोष सिंह और नितिन पुत्र धर्मेंद्र सिंह के साथ शादी के लिए कपड़े व अन्य सामान की खरीदारी करने बाइक से आगरा जा रहे थे। बाइक को राघवेंद्र चला रहे थे, जबकि वह बाइक पर सबसे पीछे बैठे थे। बीच में नितिन बैठे थे।
जब यह तीनों सादाबाद के बढ़ार चौराहे के निकट पहुंचे तो यहां एक असंतुलित मैक्स वाहन ने सड़क किनारे बाइक में टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर पीछे बैठे राहुल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राघवेंद्र और नितिन घायल हो गए। हादसे के बाद परिजन राहुल के शव को लेकर अलीगंज एटा लेकर चले गए। इसके चलते गांव में घर पर ताला लटका रहा। गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।