UP News: गाजियाबाद में सबसे ज्यादा सड़क हादसों की ये एक वजह, 5 महीनों में 4 लाख चालान, 64 मौतें – INA


उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ट्रैफिक पुलिस ने वाहन-दोष विश्लेषण (vehicle fault analysis) किया. इस एनालिसिस में सामने आया कि गाजियाबाद में इस साल के शुरुआती पांच महीनों में जितने भी सड़क हादसे हुए हैं. उनमें से 80 प्रतिशत से ज़्यादा हादसों में दोपहिया वाहन शामिल थे. इनमें मोटरसाइकिल और स्कूटर 195 दुर्घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार थे, जिसकी वजह से 64 मौतें हुईं और करीब 159 लोग घायल हुए. वहीं चार पहिया वाहनों की वजह से 48 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 13 लोगों की मौत हो गई.
विश्लेषण में सामने आया कि मई महीने में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 49 दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं हुईं. इन हादसों में 13 लोगों की जान चली गई और 40 लोग घायल हो गए. अप्रैल में 48 सड़क हादसे हुए और 17 लोगों की मौत हुई, 42 लोग घायल हुए. वहीं जनवरी में सबसे कम 25 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई. ऐसे में अब तक इस साल जनवरी में सबसे कम 25 दुर्घटनाएं हुईं.
चार पहिया वाहनों से कितने हादसे?
चार पहिया वाहनों के हादसों की बात करें तो मई में इनसे 16 हादसे हुए, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए. पहले चार महीनों के मुकाबले में कम एक्सीडेंट हुए. जनवरी और फरवरी में 9-9 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि मार्च और अप्रैल में 7-7 हादसे हुए. ट्रैफिक पुलिस की ओर से कहा गया कि दोपहिया वाहन सवार लोग अक्सर शहर में ही नहीं बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर में चुनौतियों का सामना करते हैं.
4 लाख से ज्यादा लोगों ने ट्रैफिक नियम तोड़े?
जनवरी से मई के बीच गाजियाबाद में लगभग 4 लाख दोपहिया वाहन सवार लोगों ने ट्रैफिक नियमों को तोड़ा. जबकि नोएडा में 7.5 लाख से ज्यादा ऐसे मामले दर्ज किए गए. इन महीनों के दौरान नोएडा में चार पहिया वाहन सवार 3 लाख से ज्यादा मामलों में शामिल थे. जबकि पड़ोसी शहर में एक लाख कम था. एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने कहा, ‘बाइक सवार यातायात के बीच से गुजरते हैं और शॉर्टकट लेने के लिए अपनी मर्जी से नियम तोड़ते हैं. वह न सिर्फ अपने लिए बल्कि सड़क पर अन्य मोटर चालकों और पैदल चलने वालों के लिए भी खतरा पैदा करते हैं.’
बाइक सवार करते हैं स्पीड लिमिट का उल्लंघन
पुलिस ने कहा कि मॉडिफाई इंजन के साथ हाई पावर मोटर साइकिलों ने जोखिम को और भी बढ़ा दिया. पावर इंजन से लैस मॉडर्न बाइक कुछ ही सेकंड में हाई स्पीड पकड़ लेती हैं. एसीपी ट्रैफिक जियाउद्दीन अहमद ने कहा कि मोटरसाइकिल सवार भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी बिना इंडिकेटर के लेन बदलते हैं. ये बाइक सवार स्पीड की लिमिट का उल्लंघन करते हैं, जिससे पैदल चलने वालों और अन्य वाहनों के लिए काफी खतरा पैदा होता है. जब वाहन 50 किमी प्रति घंटे से ज्यादा तेज रफ्तार से चलते हैं, तो पैदल चलने वालों से जुड़ी दुर्घटनाओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है.’
बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, हाई स्पीड, लापरवाही
जनवरी से मई के बीच अधिकारियों ने बिना हेलमेट और हाई स्पीड के साथ लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले 4,02,061 दोपहिया वाहन चालकों के चालान काटे. वहीं इस दौरान चार पहिया वाहनों सवारों में ये संख्या 99, 464 थी, जिनके चालान काटे गए. 11 अप्रैल को साहिबाबाद में आईएएफ गोल चक्कर के पास एक ट्रक से बाइक टकराने से दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. दो दिन पहले ही सिद्धार्थ विहार ट्रैफिक सिग्नल के पास एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिसमें 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी और उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया था.
यातायात नियमों को लेकर कर रहे जागरूक
पुलिस इस बात पर सहमत थी कि दुर्घटनाओं को कम करने का सिर्फ एक तरीका है कि चालकों में सड़क अनुशासन पैदा करना. एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने कहा, “हम दोपहिया वाहन चालकों और अन्य अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. सड़क पर अनुशासन बहुत जरूरी है. अगर लोग यातायात नियमों का पालन करते हैं, तो इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है. हम स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों और अन्य लोगों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं. हम बच्चों से अपील करते हैं कि वह अपने परिवार के सदस्यों से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए कहें.”
गाजियाबाद में सबसे ज्यादा सड़क हादसों की ये एक वजह, 5 महीनों में 4 लाख चालान, 64 मौतें
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