UP News: 9000 मकान मालिक बने थे बेघर, PMAY-G को लगाया ₹1,08,00,00,000 का चूना – INA


एक तरफ पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार टेक्नोलॉजी का अधिक से अधिक उपयोग करने का अभियान चला रही है तो वहीं दूसरी तरफ इसी तकनीक के नीचे करोड़ों का खेल सरकारी कर्मचारियों और जन प्रतिनिधियों की मिली भगत से खेला जा रहा है.
सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना एक महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिसमें उन लोगों को घर मिलते आए हैं, जिनके सिर पर छत नहीं है. लेकिन प्रयागराज में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 9000 से अधिक लोग धोखाधड़ी करते हुए 1.20 लाख रुपये की राशि ले गए. ये वो लोग हैं जिनके पास पहले से अपना मकान था. इन लोगों ने कुल 108 करोड़ रुपए हड़प लिए.
स्थलीय भौतिक निरीक्षण करने पर यह खुलासा हुआ है. मामले की जांच में पता चला है कि इस योजना के तहत बांटी गई राशि का गलत इस्तेमाल हुआ है. जिला प्रशासन इन सभी लोगों से योजना का पैसा रिकवर करने की कोशिश कर रहा है. साथ ही दोषी लोगों पर कार्यवाही की बात कही जा रही है.
कैसे हुआ इतना बड़ा खेल?
इस घोटाले का खुलासा उस समय हुआ जब दूसरी किश्त जारी करने के पहले पहली किश्त के बाद स्थलीय निरीक्षण के लिए सरकारी अमला मौके पर पहुंचा. स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि अकेले जिले के शंकरगढ़ ब्लॉक में 3,127 लाभार्थियों ने पहली किश्त लेने के बाद एक भी ईंट नहीं रखी. सरकारी कर्मियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत की तो जांच करने पर पुष्टि हुई कि इन लोगों को नए घर की जरूरत ही नहीं थी. उनके घर तो पहले ही बने हुए हैं.
शक के दायरे में कई सरकारी अधिकारी
प्रयागराज की मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की अगुवाई में जांच शुरू हो गई. प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. सरकारी पैसे की रिकवरी के आदेश भी दिए जा रहे हैं. इतना ही नहीं जिन अधिकारियों ने इन आवेदनों को मंजूरी दी है उनकी भूमिका की जांच हो रही है. उन पर गाज गिरना तय है.
9000 मकान मालिक बने थे बेघर, PMAY-G को लगाया ₹1,08,00,00,000 का चूना
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