UP News: देश में सबसे ज्यादा यूपी के इस जिले में किसान बने करोड़पति, आखिर क्या है इसके पीछे की कहानी? – INA

UP News: देश में सबसे ज्यादा यूपी के इस जिले में किसान बने करोड़पति, आखिर क्या है इसके पीछे की कहानी? – INA

उत्तर प्रदेश का गौतमबुद्ध नगर जिला इन दिनों सुर्खियों में है और वजह है यहां के 800 से ज्यादा किसानों का करोड़पति बनना. मर्सडीज-बेंज और हुरुन इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नोएडा और इसके आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास ने इन किसानों को रातोंरात धन्नासेठ बना दिया. लेकिन आखिर इनके पीछे की कहानी क्या है?

रेवेन्यू सरप्लस राज्यों में पहले नंबर पर काबिज गौतमबुद्ध नगर का योगदान किसी से छिपा नहीं है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के तहत हुए बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण ने इस क्षेत्र को निवेश का हब बना दिया है. जेवर एयरपोर्ट जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स और औद्योगिक विकास ने जमीनों की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है. इसकी वजह से पिछले पांच सालों में जमीनों के दाम तीन से चार गुना बढ़ गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, गौतमबुद्ध नगर में पांच साल पहले सिर्फ 5 अरबपति थे, जो अब बढ़कर 11 हो गए हैं. इसके अलावा, जिले में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति वाले करीब 2500 लोग हैं, जिनमें 800 किसान शामिल है. ये किसान वे हैं, जिनकी जमीनें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी ने अधिग्रहित कीं और बदले में उन्हें सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मिला.

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कैसे ये किसान खेतों से करोड़ों की संपत्ति तक पहुंचे? आइए, जानते हैं इस साइड स्टोरी को…

नोएडा और आसपास के इलाकों में तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगिक विकास ने जमीनों की कीमतों में जबरदस्त उछाल ला दिया है. खासकर जेवर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने इस क्षेत्र को निवेशकों का पसंदीदा ठिकाना बना दिया है. इसके चलते जमीनों का अधिग्रहण बड़े पैमाने पर हुआ. प्राधिकरणों ने किसानों को उनकी जमीनों के बदले सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दिया, जिसने कई किसानों को रातोंरात करोड़पति बना दिया. उदाहरण के लिए, एक किसान जिसकी जमीन का सर्किल रेट 2 करोड़ रुपये था, उसे 8 करोड़ रुपये तक का मुआवजा मिला. इसके अलावा, कुछ किसानों ने अपनी जमीनों को डेवलपर्स को बेचकर या रियल एस्टेट में निवेश करके अपनी संपत्ति को और बढ़ा दिया.

लखनऊ भी इस कामयाबी में पीछे नहीं

गौतमबुद्ध नगर के बाद लखनऊ भी करोड़पतियों की लिस्ट में टॉप पर है. यहां 2,900 करोड़पति हैं, जो देश में 14वें स्थान पर है. लेकिन नोएडा की खासियत यह है कि यहां के करोड़पतियों में किसानों की संख्या उल्लेखनीय है. मर्सडीज-बेंज और हुरुन की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कुल 57,700 करोड़पति हैं, जो देश में छठवां सबसे बड़ा आंकड़ा है.

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नोएडा के टॉप अरबपति में किनका नाम

सर्वे में नोएडा के कुछ बड़े नाम भी सामने आए हैं, जो अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हैं. इनमें हितेश ओबेराय (7600 करोड़), दिनेश चंद्र अग्रवाल (5400 करोड़), याशीष दहिया (4100 करोड़), बृजेश अग्रवाल (3700 करोड़) और रोहित गंगवाल (3200 करोड़) जैसे उद्योगपति शामिल हैं. ये नाम नोएडा की आर्थिक ताकत को और उजागर करते हैं.

एक किसान की कहानी से समझिए गणित

गौतमबुद्ध नगर के एक किसान रामपाल सिंह (बदला हुआ नाम) की कहानी इस बदलाव का जीता-जागता उदाहरण है. रामपाल की 5 एकड़ जमीन 2018 में यमुना अथॉरिटी ने अधिग्रहित की थी. उन्हें सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मिला, जो करीब 10 करोड़ रुपये था. इस राशि का कुछ हिस्सा उन्होंने रियल एस्टेट में निवेश किया और बाकी से अपने बच्चों की पढ़ाई और कारोबार शुरू किया. आज रामपाल न सिर्फ करोड़पति हैं, बल्कि उनका परिवार नोएडा में एक आलीशान जिंदगी जी रहे हैं.

यूपी का तेजी से बढ़ता कद

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 36 अरबपति हैं, जिनमें सबसे ज्यादा गौतमबुद्ध नगर से हैं. इसके बाद लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और आगरा का नंबर आता है. यूपी में पिछले पांच सालों में करोड़पतियों की संख्या दोगुनी हो गई है, जो राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रतीक है.

नोएडा और गौतमबुद्ध नगर की यह कहानी विकास, अवसर और आर्थिक उन्नति की कहानी है. किसानों से लेकर उद्योगपतियों तक, यह जिला भारत के आर्थिक नक्शे पर अपनी मजबूत छाप छोड़ रहा है. जेवर एयरपोर्ट और अन्य मेगा प्रोजेक्ट्स के साथ, यह सिलसिला अभी और तेज होने की उम्मीद है. नोएडा न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में करोड़पतियों का नया गढ़ बन चुका है.

देश में सबसे ज्यादा यूपी के इस जिले में किसान बने करोड़पति, आखिर क्या है इसके पीछे की कहानी?




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