UP News: 3 IPS ने पकड़ा ठगी का खेल… वाराणसी में बंद कंप्यूटर सेंटर से हो रहा था ऑपरेट, मास्टरमाइंड सहित 32 गिरफ्तार – INA


उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रोहनिया के अमरा चौराहे स्थित एक बंद कंप्यूटर सेंटर पर पिछले कई दिनों से कई लोग शाम सात बजे से तड़के चार बजे तक गाड़ियों से आते और जाते थे. दर्जनों की संख्या में ये लोग देखने में भी बाहरी लगते थे. इन लोगों में कुछ पूर्वोत्तर राज्यों के दिखते थे. स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना और लोगों ने पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा ऑपरेशन किया. तीन आईपीएस के नेतृत्व में बीते बुधवार रात को कंप्यूटर सेंटर पर छापेमारी हुई तो सनसनीखेज खेल उजागर हुआ. मौके से गिरफ्तार 32 युवकों ने बताया कि कॉल सेंटर से पूरे देश में ठगी की जा रही थी.
पुलिस की छापेमारी में आरोपियों के पास से लाखों रुपये, 40 लैपटाप-डेस्कटॉप आदि बरामद हुए. बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों के साक्ष्यों से छेड़छ़ाड़ न हो जाए, इसके लिए साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम देर रात तक ऑपरेशन में जुटी रही. इस पूरे गिरोह का संचालक और मास्टर माइंड पंजाब के मोहाली का रहने वाला कौशलेंद्र तिवारी निकला.
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि यहां से निवेश और लोन के नाम पर कस्टमर को फोन कर उनके साथ धोखाधड़ी की जाती है. कुछ कॉल पार्सल के नाम पर करके लोगों को ब्लैकमेल कर उनसे रुपये ऐंठे जाते थे. मुख्य आरोपी और गिरोह का सरगना कौशलेंद्र तिवारी ने बताया कि हम लोगों एक बाहरी कंपनी से कॉलिंग पोर्टल खरीद लेते थे. जिस पर लॉगिन करके हमें विदेशी नागरिकों के मोबाइल नंबर प्राप्त हो जाते थे. फिर इस पोर्टल के माध्यम से हम लोग विदेशी नागरिकों के मोबाइल नंबरों पर आईवीआर कॉल जनरेट करते हैं जो की अमेजॉन फ्लिपकार्ट आदि प्लेटफार्म पर की गई परचेसिंग और उसके डिलीवरी के कंफर्मेशन से संबंधित होती है. यह आईवीआर कॉल फर्जी होती है.
विदेशी नागरिकों को बनाते थे शिकार
विदेशी नागरिक इन प्रोडक्ट को लेने से पहले इनकार कर देते हैं फिर हमारे ऑफिस में बैठे डीलर द्वारा इसे फोन पर वार्ता कर तमाम प्रकार का झांसा जैसे पार्सल में ड्रग्स, चाइल्ड पोर्नोग्राफी कंटेंट आदि दिया जाता है. तब जाकर यह लोग हम लोगों के झांसे में आ जाते हैं. फिर डीलर द्वारा यह कॉल हमारे ऑफिस में बैठे एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया जाता है. और उसके द्वारा इन विदेशी नागरिकों के बैंक से संबंधित सभी अकाउंट आदि की जानकारी ले ली जाती है. उसे व्यक्ति द्वारा या कॉल हमारे ही ऑफिस में बैठे तथा कथित लीगल अथॉरिटी के पास ट्रांसफर की जाती है.
पूछताछ में बताया सच
इस क्लोजर के द्वारा विदेशी नागरिकों से पुलिस बनकर बात की जाती है, और तमाम बातों का हवाला देते हुए उनका पैसा बिटक्वॉइन मशीन व तमाम प्रकार के गिफ्ट कार्ड आदि के माध्यम से पैसों को ले लिया जाता है. इन प्राप्त पैसों को विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से हमारे द्वारा अपने पास मंगा लिया जाता है. डीलर को उनके दिए गए लैपटॉप में जो स्क्रिप्ट लिखी होती है. वह उसी को पढ़कर इन विदेशी नागरिकों से बात करते हैं. हम सभी लोग अपनी पहचान छिपाने हेतु फर्जी और कूट रचित आधार कार्ड भी बना रखे हैं, जिससे कोई हम लोगों की सही पहचान ना कर सके.
गिरफ्तार लोगों में पंजाब, गुजरात, मेघालय और नगालैंड के निवासी हैं जो कि 20 से 35 साल के बीच के हैं. इनका सरगना मोहाली का कौशलेंद्र है जिसकी उम्र 25 साल है.
3 IPS ने पकड़ा ठगी का खेल… वाराणसी में बंद कंप्यूटर सेंटर से हो रहा था ऑपरेट, मास्टरमाइंड सहित 32 गिरफ्तार
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