UP News: कानपुर में सस्ता सरकारी राशन ले रहे 33000 अपात्र लोग, आधार वैरिफिकेशन से खुलासा… अब कटेंगे नाम – INA

UP News: कानपुर में सस्ता सरकारी राशन ले रहे 33000 अपात्र लोग, आधार वैरिफिकेशन से खुलासा… अब कटेंगे नाम – INA

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चलाए जा रहे आधार आधारित सत्यापन अभियान में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं. जांच के दौरान यह सामने आया है कि हजारों ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं लेकिन सालों से गरीबों के लिए मिलने वाला सस्ता सरकारी राशन लेते आ रहे हैं. पूर्ति विभाग ने ऐसे 32,941 लाभार्थियों की पहचान कर ली है जिनके नाम अब राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि जिले के सभी राशन कार्डधारकों का आधार कार्ड के आधार पर वेरिफिकेशन करवाया गया है. इस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांच में पता चला कि कुछ लाभार्थी महंगे वाहनों के मालिक हैं. इनमें दो लोग ऐसे मिले जिनके पास मीडियम मोटर व्हीकल हैं जबकि 14,520 लाभार्थियों के पास कारें यानी लाइट मोटर व्हीकल हैं. इसके अलावा 3,048 किसान ऐसे चिन्हित हुए जिनके पास पांच एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि है.

सत्यापन में यह भी सामने आया कि 3,036 लाभार्थी विभिन्न कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. वहीं 267 ऐसे लोग भी पाए गए जिनका वार्षिक कारोबार जीएसटी रिकॉर्ड के अनुसार 25 लाख रुपये से अधिक है. इसके बावजूद ये सभी लोग गरीबों के लिए तय सरकारी राशन का लाभ उठा रहे थे.

जरूरतमंद लोगों का हक मार रहे अपात्र

पूर्ति विभाग का कहना है कि ऐसे अपात्र लाभार्थियों के कारण वास्तव में जरूरतमंद लोगों का हक प्रभावित हो रहा था. जांच पूरी होने के बाद इन सभी के नाम चिन्हित कर लिए गए हैं और अब इन्हें राशन कार्ड सूची से हटाया जाएगा. इससे भविष्य में केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों को ही सरकारी सब्सिडी वाला राशन मिल सकेगा. जिला पूर्ति अधिकारी ने अपात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अपना नाम राशन कार्ड से हटवा लें, ताकि बाद में किसी तरह की कानूनी या विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके. विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है.

व्यापक स्तर पर हो रहा राशन वितरण

कानपुर जिले में राशन वितरण की व्यवस्था काफी व्यापक है. शहरी इलाकों में 4 लाख 56 हजार से अधिक राशन कार्डों के जरिए करीब 16 लाख 49 हजार लोग लाभ ले रहे हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 3 लाख 34 हजार से ज्यादा कार्डों से लगभग 11 लाख 84 हजार लाभार्थी जुड़े हुए हैं. कुल मिलाकर जिले में 28 लाख से अधिक लोग राशन योजना का लाभ पा रहे हैं.

यह अभियान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केंद्र सरकार की उस पहल का हिस्सा है जिसका मकसद अपात्र लोगों को योजना से बाहर कर वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना है. प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी ऐसे सत्यापन अभियान जारी रहेंगे और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

कानपुर में सस्ता सरकारी राशन ले रहे 33000 अपात्र लोग, आधार वैरिफिकेशन से खुलासा… अब कटेंगे नाम




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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चलाए जा रहे आधार आधारित सत्यापन अभियान में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं. जांच के दौरान यह सामने आया है कि हजारों ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं लेकिन सालों से गरीबों के लिए मिलने वाला सस्ता सरकारी राशन लेते आ रहे हैं. पूर्ति विभाग ने ऐसे 32,941 लाभार्थियों की पहचान कर ली है जिनके नाम अब राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि जिले के सभी राशन कार्डधारकों का आधार कार्ड के आधार पर वेरिफिकेशन करवाया गया है. इस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांच में पता चला कि कुछ लाभार्थी महंगे वाहनों के मालिक हैं. इनमें दो लोग ऐसे मिले जिनके पास मीडियम मोटर व्हीकल हैं जबकि 14,520 लाभार्थियों के पास कारें यानी लाइट मोटर व्हीकल हैं. इसके अलावा 3,048 किसान ऐसे चिन्हित हुए जिनके पास पांच एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि है.

सत्यापन में यह भी सामने आया कि 3,036 लाभार्थी विभिन्न कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. वहीं 267 ऐसे लोग भी पाए गए जिनका वार्षिक कारोबार जीएसटी रिकॉर्ड के अनुसार 25 लाख रुपये से अधिक है. इसके बावजूद ये सभी लोग गरीबों के लिए तय सरकारी राशन का लाभ उठा रहे थे.

जरूरतमंद लोगों का हक मार रहे अपात्र

पूर्ति विभाग का कहना है कि ऐसे अपात्र लाभार्थियों के कारण वास्तव में जरूरतमंद लोगों का हक प्रभावित हो रहा था. जांच पूरी होने के बाद इन सभी के नाम चिन्हित कर लिए गए हैं और अब इन्हें राशन कार्ड सूची से हटाया जाएगा. इससे भविष्य में केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों को ही सरकारी सब्सिडी वाला राशन मिल सकेगा. जिला पूर्ति अधिकारी ने अपात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अपना नाम राशन कार्ड से हटवा लें, ताकि बाद में किसी तरह की कानूनी या विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके. विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है.

व्यापक स्तर पर हो रहा राशन वितरण

कानपुर जिले में राशन वितरण की व्यवस्था काफी व्यापक है. शहरी इलाकों में 4 लाख 56 हजार से अधिक राशन कार्डों के जरिए करीब 16 लाख 49 हजार लोग लाभ ले रहे हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 3 लाख 34 हजार से ज्यादा कार्डों से लगभग 11 लाख 84 हजार लाभार्थी जुड़े हुए हैं. कुल मिलाकर जिले में 28 लाख से अधिक लोग राशन योजना का लाभ पा रहे हैं.

यह अभियान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केंद्र सरकार की उस पहल का हिस्सा है जिसका मकसद अपात्र लोगों को योजना से बाहर कर वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना है. प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी ऐसे सत्यापन अभियान जारी रहेंगे और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

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