UP News: लखनऊ: मंदिर में पानी पीने पर लगाया पेशाब करने का आरोप, फिर दलित से चटवाई वही जमीन – INA


उत्तर प्रदेश के काकेरी में एक दलित बुजुर्ग के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि पहले बुजुर्ग पर मंदिर में पेशाब करने का आरोप लगाया गया, जबकि उनके हाथ से पानी का लोटा छूट गया था और वहां पानी गिरा था. इसके बाद उनसे जमीन पर पड़े पानी को चटवाया गया. यही नहीं आरोप है कि बुजुर्ग को गालियां दी गईं और उनसे मंदिर की सफाई भी कराई गई. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
दरअसल, ये मामला काकोरी के शीतला माता मंदिर से सामने आया है, जहां पर सोमवार को 60 साल के बुजुर्ग रामपाल मंदिर परिसर में बैठे हुए थे. वह पानी पी रहे थे कि तभी उनके हाथ से लोटा छूट गया और पानी गिर गया. उसी दौरान वहां से पम्मू उर्फ स्वामी कांत गुजर रहे थे. उन्होंने बुजुर्ग पर मंदिर में पेशाब करने का आरोप लगाया और उनसे जमीन चटवाई.
मंदिर में पेशाब करने का लगाया आरोप
इसके बाद घटना की शिकायत दर्ज कराई कराई गई. रामपाल रावत ने शिकायत में कहा कि सोमवर शाम, मैं लखनऊ के काकोरी इलाके में शीतला माता मंदिर में पानी पी रहा था. तभी स्वामी कांत ने मुझ पर पेशाब करने का आरोप लगाया. मैंने कहा कि मैंने पेशाब नहीं किया है और वहां पानी गिर गया है, लेकिन पम्मू नहीं माना और मुझे जातिवादी गालियां दीं. उसने मुझे धमकाया और मुझे जमीन चाटने पर मजबूर किया.
बुजुर्ग के पोते मुकेश कुमार ने दावा किया है कि उसके दादा को सांस लेने में तकलीफ है और खांसते हुए उन्होंने गलती से पेशाब कर दिया होगा. इसके बाद, पम्मू वहां आया और मेरे दादा को जातिवादी शब्द कहने लगा. उन्होंने दादा को जमीन चाटने के लिए मजबूर किया तो डर के मारे रामपाल ने पेशाब चाट लिया और फिर पानी से उस जगह को धोया.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
मुकेश ने आगे कहा कि दादा ने आज घटना के बारे में बताया. इसके बाद, हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मुकेश कुमार ने यह भी बताया कि मुख्य मंदिर उस जगह से कम से कम 40 मीटर की दूरी पर था, जहां उनके दादा ने गलती से पेशाब कर दिया था. अब स्वामी कांत के खिलाफ केस दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं आरोपी का कहना है कि उसे जमीन चाटने के लिए नहीं, बल्कि जमीन छूने के लिए कहा गया था.
इस घटना पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के विपक्षी दलों ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और इस घटना को “मानवता पर कलंक” बताया.समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, किसी की गलती का मतलब यह नहीं है कि उसे अपमानजनक, अमानवीय सजा दी जाए. बदलाव ही बदलाव लाएगा. कांग्रेस ने पोस्ट करते हुए लिखा, “लखनऊ में, एक आरएसएस कार्यकर्ता ने एक बुजुर्ग दलित व्यक्ति को अपना पेशाब चाटने के लिए मजबूर किया. बुजुर्ग व्यक्ति एक मंदिर प्रांगण में बैठा था. जब बीमारी के कारण उसने गलती से पेशाब कर दिया.” हालांकि, पुलिस ने कहा कि आरोपी का आरएसएस से कोई संबंध नहीं है.
लखनऊ: मंदिर में पानी पीने पर लगाया पेशाब करने का आरोप, फिर दलित से चटवाई वही जमीन
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