UP News: BA पास 25 साल की कनिष्का कैसे बनी OTT ठगी की मास्टरमाइंड; विदेश में बैठे भारतीयों से ऐसे करते थे ठगी – INA


नोएडा पुलिस ने गुरुवार को OTT के जरिये ठगी करने वाली गैंग भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से लैपटाॅप सहित कई सामान बरामद किए हैं. नोएडा फेस-1 थाने की पुलिस और साइबर क्राइम पुलिस की जांच में इस OTT ठगी गैंग को लेकर कई हैरान करने वाली बातें सामने आई है. जानकारी देते हुए फेस- 1 थाना साइबर प्रभारी हरवीर सिंह ने बताया की यह गैंग विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को अपना निशाना बनाते थे.
यह गैंग OTT प्लेटफॉर्म के सस्ते सब्सक्रिप्शन का लालच देकर विदेश में बैठे भारतीय नागरिकों से ठगी करते थे. इन लोगों ने 2 साल के अंतराल में करोड़ों रुपए की ठगी की है. चौंकाने वाली बात यह कि इस गैंग की मास्टरमाइंड 25 साल की BA पास कनिष्का है, जिसने कोविड़ काल में इग्नू से BA पास की थी. उसने कई IT जॉब सेक्टरों में काम किया. इस दौरान उसकी मुलाकात अनिल बघेल से हुई, जो कि खुद बीटेक पास है.दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी.
सेक्टर-2 में था आलीशान ऑफिस
इन्होंने टेक्निकल कंपनियों में काम किया और फिर इस OTT प्लेटफॉर्म के सब्सक्रिप्शन को कैसे एक सब्सक्रिप्शन लेकर हजारों को बेचना है इसकी बारीकियां सीखी. इसके बाद दोनों दोस्तों ने मिलकर WEBBIZ SERVICES LLC नाम की एक कंपनी खोली और फिर एक आलीशान ऑफिस नोएडा सेक्टर-2 में खोल दिया. कंपनी में नौकरी के लिए उन लोगों को प्राथमिकता दी गई, जो कि फर्राटेदार इंग्लिश बोल सके.
100-300 डॉलर में बेचते थे OTT सब्सक्रिप्शन
इसके बाद उन्होंने काॅल सेंटर के जरिए ठगी का असली खेल शुरू कर दिया. काॅल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी विदेश में मौजूद भारतीय को फोन कर 100-300 डॉलर यानी 9000 से लेकर करीब 27000 रुपए तक में OTT सब्सक्रिप्शन जैसे नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, अमेजॉन की मेम्बरशिप बेचते थे. ज्यादातर लोग 24 महीने का सब्सक्रिप्शन लेते थे, लेकिन ठग उसे 4 महीने में ही बंद कर देते थे. इसके बाद जब पीड़ित फोन कर सब्सक्रिप्शन खत्म होने के बारे में पूछते थे, तो वह उन्हें पेड वीडियो देखने की बात कहकर मामले को टाल दिया करते थे और फिर दोबारा नए सिरे से सब्सक्रिप्शन लेने के लिए भारतीय ग्राहकों को मनाते थे.
6 बैंक खाते सीज
साइबर सेल प्रभारी हरवीर सिंह ने बताया कि ठगों का नोएडा सेक्टर-2 में आलीशान ऑफिस चल रहा था. उसका तकरीबन डेढ़ लाख रुपया रेंट था. साथ ही सभी वर्करों की कुल सैलरी 3 लाख रुपए सहित गाड़ियों का खर्चा कनिष्का ही मैनेज करती थी. पुलिस की जांच में करीब 6 अकाउंट्स की जानकारी सामने आई है, जिसमें लाखों रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है. पुलिस इन खातों की डिटेल्स मंगा रही है. सभी खातों को फ्रीज कर दिया गया है.
अंग्रेजी बोलने में माहिर थे ठग
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए सभी आरोपी सामान्य बैकग्राउंड से थे, लेकिन अंग्रेजी बोलने और कंप्यूटर चलाने में माहिर थे. इन सभी ने मिलकर एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया, जिसमें पाकिस्तान, भारत और अन्य देशों के OTT प्लेटफॉर्म की पेड स्ट्रीमिंग को हैक करके बेचने का खेल चल रहा था. ठग अनिल बघेल (28 ) टेक्निकल हैकर था,जिसके पास IPTV बॉक्स सेटअप, लाइव चैनल कैप्चर करना और सर्वर बदलकर OTT को अनलॉक करने जैसी जिम्मेदारी थी.
मनीष त्रिपाठी (32) डेटा मैनेजर का काम देख रही थी, जो कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों का डेटा इकट्ठा करना, सब्सक्रिप्शन हिस्ट्री बनाना, पेमेंट ट्रेल छिपाने काम देख रही थी. आरोपी गौरव बघेल (23)ऑपरेशन्स टीम की जिम्मेदारी संभाल रहा था. मॉनिटरिंग सब्सक्रिप्शन कटने पर ग्राहकों को कॉल करना इसका मुख्य काम था. राधा बल्लभ (30) सॉफ्टवेयर ऑपरेटर है, कस्टम पैनल बनाना और फर्जी OTT ऐप चलाना इसका काम था.
योगेश बघेल (20) नए ग्राहकों को फंसाने का काम करता था. यह फेसबुक, इंस्टा और टेलीग्राम पर विज्ञापन चलाना था और सस्ता सब्सक्रिप्शन के नाम पर लोगों को जोड़ता था. इसके अलावा कनिष्का (25) इस गैंग की मास्टरमाइंड थी, जो कि पैसा से जुड़ा सभी काम देखती थी.
BA पास 25 साल की कनिष्का कैसे बनी OTT ठगी की मास्टरमाइंड; विदेश में बैठे भारतीयों से ऐसे करते थे ठगी
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