UP News: 15 साल से लापता थी ‘भारतम्मा’, डॉक्टर की मदद से पहुंची घर; 1300KM दूर से आया बेटा मां को देखकर फूट-फूटकर रोया – INA

UP News: 15 साल से लापता थी ‘भारतम्मा’, डॉक्टर की मदद से पहुंची घर; 1300KM दूर से आया बेटा मां को देखकर फूट-फूटकर रोया – INA

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के एक अस्पताल से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां 15 साल से लापता महिला को डॉक्टर की मदद से अपने परिवार दोबारा मिल गया. दरअसल, साल 2010 से लापता तेलुगू भाषा बोलने वाली महिला ‘भारतम्मा’ को साल 2023 में कानपुर के उर्सुला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महिला की भाषा समझने में लोगों को कठिनाई हो रही थी.

साल 2010 में तेलंगाना की रहने वाली भारतम्मा नाम की महिला मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण लापता हो गई. भटकते-भटकते वह कैसे कानपुर पहुंची उसे भी कुछ याद नहीं है. हाथ में फ्रैक्चर और दिमागी हालात ठीक न होने कारण उसे साल 2023 में कानपुर की रेल बाजार पुलिस ने उर्सुला अस्पताल में भर्ती कराया. यहां अस्पताल में उसका इलाज तो ठीक ढंग से चल रहा था, लेकिन कोई भी तेलुगू बोलने के कारण उसकी बातों को समझ नहीं पा रहा था.

पुलिस से किया गया संपर्क

इस बीच एक दिन तेलंगाना के ही रहने वाले उर्सुला में रेजीडेंट डॉक्टर भारद्वाज राउंड पर निकले. उन्होंने लापता महिला को कुछ बुदबुदाते हुए सुना. महिला की बातें सुनते ही पहचान गए कि वह तेलुगू भाषा बोल रही है. उन्होंने महिला से उसका नाम और वह कहां की रहने वाली है पूछा. महिला ने अपना मान भारतम्मा बताया. साथ ही परिवार की भी जानकारी दी. डॉक्टर और स्टाफ के प्रयासों के बाद आखिरकार तेलंगाना के महबूबनगर जिले के संबंधित थाने से संपर्क किया गया.

फूट-फूटकर रोए मां-बेटे

वहां की पुलिस भी सक्रिय हुई और महिला की फोटो के आधार पर उसके परिजनों को खोज निकाला. इसके बाद तेलंगाना से 1300 किलोमीटर का सफर तय कर पुलिस के साथ महबूबनगर से महिला के बेटे तिरुमल यादव और उनकी बेटी कानपुर के उर्सुला अस्पताल पहुंचे. मां को देखते ही दोनों बच्चों की आंखें नम हो गईं. मां-बेटे लिपट गए और फूट-फूटकर रोने लगे. यह नजारा देखकर अस्पताल के स्टाफ की भी आंखें आंसुओं से भरी आईं.

माला पहनाकर किया गया विदा

सभी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद प्रशासन ने भारतम्मा को बेटे के साथ रवाना कर दिया. आपको बता दें 2010 के बाद से मानसिक कमजोरी की वजह से महिला घर से भटककर ट्रेन में बैठ गई थी. कई सालों तक रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगकर अपना जीवन यापन करती रही. अस्पताल प्रशासन ने माला पहनाकर महिला को विदा किया. इस मौके पर बेटे तिरुमल ने भी सभी के प्रयासों का शुक्रिया अदा किया.

15 साल से लापता थी ‘भारतम्मा’, डॉक्टर की मदद से पहुंची घर; 1300KM दूर से आया बेटा मां को देखकर फूट-फूटकर रोया




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