UP News: बड़े-बड़े सेमिनार, लग्जरी गाड़ियां-ऑफिस…महाठग कन्हैया गुलाटी ने लोगों को कैसे फंसाया? 3000 करोड़ रुपये के ठगी की पूरी कहानी – INA


उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में इन दिनों निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की हुई ठगी की चर्चा पूरे देश में है. आरोपी ठग का नाम कन्हैया गुलाटी है. कन्हैया और उसके साथियों ने मल्टी लेवल मार्केटिंग और निवेश योजनाओं के नाम पर देशभर के बीस लाखों लोगों से तीन हजार करोड़ रुपये ठग लिए. बरेली पुलिस की जांच में यह मामला अब तक का सबसे बड़ा निवेश फ्रॉड माना जा रहा है. आरोपी पर बरेली जिले में 17 मुकदमे दर्ज किए गए हैं. वहीं पूरे देश में इस पर 35 मुकदमे दर्ज हैं. आरोपी कन्हैया गुलाटी फरार है. बरेली पुलिस ने अब लुक आउट जारी किया है.
दरअसल, कन्हैया गुलाटी ने करीब 2016-17 के आसपास कैनविज कंपनी की शुरुआत की थी. शुरुआत में कंपनी ने खुद को रियल एस्टेट, एफडी, प्लॉट, होटल और बिजनेस इन्वेस्टमेंट से जुड़ा बताया. लोगों को भरोसा दिलाया गया कि अगर वे पैसा लगाते हैं तो हर महीने तय मुनाफा मिलेगा और कुछ साल में रकम दोगुनी-तिगुनी हो जाएगी.
शुरुआती दिनों में कुछ लोगों को थोड़ा-बहुत पैसा लौटाया भी गया, ताकि भरोसा बने. यही भरोसा बाद में लोगों को भारी पड़ा. एजेंटों के जरिए गांव-गांव, कस्बों और पूरे देश के कई राज्यों व शहरों में लोगों को जोड़ा गया. देखते ही देखते कैनविज कंपनी का नेटवर्क बरेली से निकलकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और दूसरे राज्यों तक फैल गया.
कितने लोगों से और कितने रुपये की ठगी?
जांच एजेंसियों और पीड़ितों के बयानों के मुताबिक, इस घोटाले में करीब 20 लाख लोग फंसे हुए हैं. अलग-अलग लोगों ने 50 हजार, 1 लाख, 5 लाख से लेकर करोड़ों रुपये तक निवेश किए. अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, यह ठगी करीब तीन हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है.
बरेली और आसपास के जिलों में ही सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिनकी जिंदगी की जमा-पूंजी इस कंपनी में डूब गई. कई लोगों ने बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी और घर बनाने के लिए रखा पैसा इसमें लगा दिया. जब लोगों ने पैसा वापस मांगा तो कंपनी के दफ्तर बंद मिलने लगे और फोन उठने बंद हो गए.
कन्हैया गुलाटी कोई नया अपराधी नहीं है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले से ही 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. इनमें धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी और निवेश फ्रॉड जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. बताया जा रहा है कि कन्हैया पहले भी अलग-अलग नामों से कंपनियां बनाकर लोगों से पैसा इकट्ठा करता रहा है. जैसे ही एक कंपनी पर सवाल उठते थे, वह नई कंपनी खोल देता था. इस पूरे खेल में उसके परिवार के लोगों और खास एजेंटों की भी भूमिका सामने आई है. उसकी पत्नी और बेटे के नाम भी कुछ मामलों में जांच के घेरे में आए हैं.
जानिए ठगी का तरीका क्या था?
कैनविज कंपनी का तरीका बेहद शातिर था. पहले बड़े-बड़े सेमिनार कराए जाते थे, लग्जरी गाड़ियों और शानदार ऑफिस दिखाए जाते थे. लोगों को बताया जाता था कि कंपनी बहुत मजबूत है और पैसा पूरी तरह सुरक्षित है. इसके बाद निवेश कराने के लिए एजेंटों को मोटा कमीशन दिया जाता था. एजेंट अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और जान-पहचान वालों को जोड़ते थे. जब लोग पैसा वापस मांगते थे तो कभी चेक दिए जाते, कभी तारीख बढ़ाई जाती. आखिर में दफ्तर बंद और मोबाइल बंद.
क्या है पुलिस कार्रवाई?
मामला सामने आने के बाद बरेली पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा हरकत में आई. कन्हैया गुलाटी के खिलाफ लुकआउट नोटिस,जारी किया गया, ताकि वह देश से बाहर न भाग सके. उसकी संपत्तियों की जांच की जा रही है और कुर्की की तैयारी भी चल रही है. बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है, जिसमें कई एजेंट और पार्टनर शामिल हैं. सभी की भूमिका की जांच की जा रही है. पीड़ितों से अपील की गई है कि वे आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं.
बड़े-बड़े सेमिनार, लग्जरी गाड़ियां-ऑफिस…महाठग कन्हैया गुलाटी ने लोगों को कैसे फंसाया? 3000 करोड़ रुपये के ठगी की पूरी कहानी
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