UP News: लोकसभा में गूंजेगा कोडिन युक्त कफ सिरप मामला, सपा शीतकालीन सत्र में उठाएगी ये मुद्दा – INA


उत्तर प्रदेश के कोडिन युक्त कफ सिरप मामले की गूंज अब लोकसभा में सुनाई देगी. समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने नियम 377 के तहत लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया था. जिसे स्पीकर ने स्वीकार कर लिया है. सपा सांसद वीरेंद्र ने टीवी 9 डिजिटल को बताया कि चूंकि ये मामला लोकहित से जुड़ा है लिहाजा उन्होंने नियम 377 के तहत लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस देकर इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने की अनुमति मांगी थी. स्पीकर की तरफ से अनुमति मिल गई है.मंगलवार या बुधवार को ये मुद्दा सदन में उठेगा.
वहीं, इसी बीच कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी मामले में सिंडिकेट के फरार मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के करीबी अमित सिंह टाटा को लखनऊ की एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को गोमती नगर थाना क्षेत्र के ग्वारी चौराहा के निकट से गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए आरोपी से अभी पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि आरोपी के पिता अशोक सिंह पर भी एफआईआर दर्ज है. सिरपकांड में एसटीएफ लगातार कार्रवाई कर रही है. ये कफ सिरप मामले में पहली गिरफ्तारी है.
शुभम ने खुलवाई कई फर्म
एसटीएफ की पूछताछ में अमित सिंह टाटा ने स्वीकार किया है कि वो शुभम जायसवाल का करीबी है. शुभम ने ही उसे इस बिजनेस में जोड़ा था. उसे पता था कि फेंसेडिल कफ सिरप नशे के तौर पर इस्तेमाल होता है. शुभम जायसवाल ने देवकृपा नाम से धनबाद में एक फर्म बनवा दी. वहां उसने ज्यादा लालच में आकर शुभम जायसवाल के कहने पर 5 लाख रुपये का निवेश कर दिया. इसके बाद शुभम ने वाराणसी में भी श्री मेडिकल के नाम से एक फर्म खुलवाई थी. इस व्यापार में जो भी फायदा होता था वो पैसा वह अपनी पत्नी साक्षी के अकाउंट में डाल देता था.
तस्करी के तहत बेच दिए थे सिरप
अमित सिंह टाटा ने एसटीएफ को बताया कि शुभम और उसके पार्टनरों ने एबॉट कम्पनी के अधिकारियों के साथ मिलकर 100 करोड़ का सिरप खरीदा था. ज्यादातर खरीद फर्जी बिल के तहत हुआ था और तस्करी के जरिए ये सिरप बेच दिए गए. शुभम जायसवाल फेसटाइम ऐप के जरिए हम लोगों से बात करता था. इस सिरप की सबसे ज्यादा मांग पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में थी. अमित सिंह टाटा को सुशांत गोल्फ सिटी, कमिश्नरेट लखनऊ में दर्ज 420,467,468,471,34,120 बी और 201 आईपीसी के तहत गिरफ्तार किया गया है.
विपक्ष ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए
समाजवादी पार्टी के नेता वीरेंद्र सिंह ने इस गिरफ्तारी को डैमेज कंट्रोल की असफल कोशिश बताया है. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मोहरों को उठाने से कोई फायदा नही होगा. इस मामले में कई सफेद पोश लोग शामिल हैं. उनको बचाने के लिए ऐसे मोहरे गिरफ्तार किए जा रहे हैं. जैसे ही ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी अधिकारी नरेश मोहन का नाम आया तुरंत एक गिरफ्तारी हो गई! तो ये गुमराह करने की चाल है हम इस मुद्दे को संसद में उठाने जा रहे हैं. इस सिंडिकेट में ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारी,पुलिस के लोग और कई नेता शामिल हैं. ये पीएम के संसदीय क्षेत्र में ऐसा अवैध धंधा है जिसकी वजह से लोगों की जान पर खतरा बना हुआ है.
ड्रग डिपार्टमेंट की कार्रवाई जारी, 11 नई फर्मों को नोटिस भेजा
वाराणसी के ड्रग डिपार्टमेंट के सहायक आयुक्त प्रबुद्ध रस्तोगी ने बताया कि अभी तक सौ फर्मों की जांच हो चुकी है. गुरुवार को 11 नई फर्मों को नोटिस भेजा गया है. जांच करने पर ज्यादातर फर्म बंद मिली, उनको नोटिस देकर उनसे जवाब मांगा गया है. ये फेज वाइज कार्रवाई चल रही है. पहल चरण पूरा हो गया है. हम ये भी जांच कर रहे हैं कि फेंसेडिल कफ सिरप की खरीद बिक्री के बिल और उनकी संख्या का अनुपात क्या है. सहायक आयुक्त ने बताया कि फिलहाल फेंसेडिल कफ सिरप पर प्रतिबंध की कोई सूचना नहीं है.
लोकसभा में गूंजेगा कोडिन युक्त कफ सिरप मामला, सपा शीतकालीन सत्र में उठाएगी ये मुद्दा
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