UP News: 22 लाख तक छूट, 10 साल की किस्त… लखनऊ के अवध विहार और वृंदावन योजना में ऑफर की बरसात – INA


राजधानी में अपना घर खरीदने की चाह रखने वालों के लिए ये दिवाली किसी तोहफे से कम नहीं है. उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने उन परिवारों को राहत की सौगात दी है, जो वर्षों से घर लेने का सपना तो देख रहे थे, लेकिन बढ़ती कीमतों और कड़े भुगतान नियमों के कारण पीछे हट जाते थे. अब परिषद ने अवध विहार और वृंदावन योजना समेत प्रदेश की कई प्रमुख हाउसिंग स्कीमों में 22 लाख रुपये तक की छूट देने का बड़ा ऐलान किया है.
इसके साथ ही खरीदारों के लिए एक और बड़ी राहत यह है कि अब उन्हें पूरी राशि एक साथ चुकाने की ज़रूरत नहीं होगी. ग्राहकों को पहली बार 10 साल तक की आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई है. इतना ही नहीं, खरीदार अगर कुल कीमत का 50 प्रतिशत हिस्सा जमा कर देते हैं, तो उन्हें फ्लैट का तुरंत कब्ज़ा भी मिल जाएगा. यह योजना फिलहाल पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही है और राजधानी लखनऊ इसका सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है.
पहले आओ, पहले पाओ- ऑनलाइन बुकिंग की तैयारी
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की नई नीति के मुताबिक, इन फ्लैटों की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन और पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी. यानी जो खरीदार जल्दी आवेदन करेंगे, उनके लिए मौके अधिक होंगे. वर्तमान में यूपी आवास विकास की विभिन्न परियोजनाओं में 10,059 फ्लैट खाली पड़े हैं, जिनमें अकेले लखनऊ में 3,110 यूनिट्स उपलब्ध हैं. इनमें अवध विहार योजना के 1,623, बीबी खेड़ा-मुन्नू खेड़ा के 916 और वृंदावन योजना के 571 फ्लैट शामिल हैं. लखनऊ के अलावा आगरा, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर और कानपुर में भी यह छूट लागू होगी. परिषद को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल पुराने प्रोजेक्ट्स में फिर से रौनक लौटेगी, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों को भी सस्ती दर पर मकान मिल सकेंगे.
किस्तों में भुगतान, ब्याज दर कम
खरीदारों के लिए भुगतान का तरीका अब पहले से कहीं आसान बना दिया गया है. उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने 10 साल की लंबी किस्तों में भुगतान की सुविधा दी है. परिषद की उप आवास आयुक्त पल्लवी मिश्रा ने बताया कि जो खरीदार तय समय के भीतर भुगतान करेंगे, उन्हें विशेष रियायत दी जाएगी. अगर कोई खरीदार 60 दिनों के भीतर पूरा पैसा जमा करता है, तो उसे 15 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी. वहीं, जो लोग किस्तों में भुगतान कर रहे हैं और बीच में पूरा पैसा जमा कर देंगे, उन्हें अतिरिक्त 2 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी. इतना ही नहीं, फ्लैट का कब्ज़ा लेने के लिए अब पूरी राशि देने की आवश्यकता नहीं है. खरीदार कुल कीमत का आधा हिस्सा जमा करके ही घर का स्वामित्व प्राप्त कर सकते हैं.
बैंक लोन पर भी लागू होगी विशेष छूट
पहली बार परिषद ने यह व्यवस्था की है कि बैंक लोन से भुगतान करने वाले खरीदारों को भी छूट का पूरा लाभ मिलेगा. यानी अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी या निजी बैंक से हाउसिंग लोन लेकर फ्लैट खरीदता है तो उसे भी वही रियायतें दी जाएंगी जो नकद भुगतान करने वालों को मिलेंगी.
लखनऊ बना ऑफर का सबसे बड़ा केंद्र
- राजधानी लखनऊ इस योजना का केंद्र बिंदु है. यहां अवध विहार और वृंदावन योजना लंबे समय से लोगों के बीच लोकप्रिय रही हैं. अवध विहार योजना, जो शहीद पथ के पास फैली है. ये योजना उच्च वर्ग से लेकर मध्यम वर्ग तक को अपनी ओर आकर्षित करती है. चौड़ी सड़कें, आधुनिक सुविधाएं, स्कूल, पार्क और अस्पताल की सुविधा इस योजना को और बेहतर बनाती है.
- वृंदावन योजना, जो कानपुर रोड के किनारे विकसित है, युवाओं और नौकरीपेशा लोगों में खासा पसंदीदा बन चुकी है. एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और मेट्रो कनेक्टिविटी इसकी सबसे बड़ी ताकत है. अब जब इन योजनाओं में इतने बड़े डिस्काउंट और लचीले भुगतान विकल्प दिए जा रहे हैं, तो उम्मीद है कि खाली पड़े फ्लैटों की बिक्री तेज़ी से बढ़ेगी.
प्रदेश में हाउसिंग बाजार को मिलेगी नई गति
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि परिषद की यह योजना न केवल सरकारी आवासीय योजनाओं को पुनर्जीवित करेगी बल्कि हाउसिंग सेक्टर में भी नई उम्मीदें जगाएगी. पिछले कुछ वर्षों में निर्माण लागत बढ़ने और ब्याज दरों के ऊंचे स्तर ने लोगों की खरीद क्षमता घटा दी थी. अब इतनी बड़ी छूट और लंबी किस्तों की सुविधा मिलने से आम आदमी के लिए घर खरीदना फिर संभव हो पाएगा. परिषद को उम्मीद है कि इस योजना से प्रदेश के 10,000 से अधिक खाली फ्लैटों की बिक्री जल्द पूरी हो जाएगी, जिससे विभाग को राजस्व भी मिलेगा और शहरों की अधूरी कॉलोनियां भी बस जाएंगी.
22 लाख तक छूट, 10 साल की किस्त… लखनऊ के अवध विहार और वृंदावन योजना में ऑफर की बरसात
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