UP News: पिता नौसेना से रिटायर, खुद SDM… कौन हैं PCS अधिकारी संगीता राघव, जिन्हें मिला वायुसेना का सम्मान? – INA


लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओएसडी और पीसीएस अधिकारी संगीता राघव की कहानी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है. हाल ही में भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान द्वारा उन्हें ऑन-द-स्पॉट प्रशंसा पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उनके असाधारण समर्पण, साहस और सहयोगात्मक भावना का प्रतीक है, जो उन्होंने सहारनपुर में एसडीएम के रूप में कार्य करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एएफएस सरसावा के साथ मिलकर प्रदर्शित किया. यह सम्मान एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, एवीएसएम, वीएसएम, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी वायु कमान द्वारा प्रदान किया गया, लेकिन संगीता की यह उपलब्धि केवल एक मील का पत्थर नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत, लगन और देश सेवा के प्रति अटूट जुनून की कहानी है. आइए, उनकी इस प्रेरणादायक यात्रा को करीब से जानते हैं.
संगीता राघव का जन्म हरियाणा के गुरुग्राम में हुआ. उनके पिता एक रिटायर्ड भारतीय नौसेना अधिकारी हैं, जिनसे उन्हें अनुशासन और देशभक्ति की भावना विरासत में मिली, जबकि उनकी मां एक गृहिणी हैं, जिन्होंने उन्हें हमेशा सपनों को पंख देने की प्रेरणा दी. संगीता ने अपनी स्कूली शिक्षा और स्नातक की पढ़ाई गुरुग्राम से पूरी की. इसके बाद, उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री हासिल की. उनकी शैक्षणिक यात्रा यहीं नहीं रुकी. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पीएचडी के लिए दाखिला लिया, जो उनकी बौद्धिक जिज्ञासा और ज्ञान के प्रति समर्पण को दर्शाता है.
विश्व बैंक से सिविल सेवा का सपना
मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद संगीता ने दक्षिण एशियाई संस्थान के सहयोग से विश्व बैंक के लिए एक प्रोजेक्ट पर काम किया. इस दौरान उन्होंने नेपाल और हिमाचल प्रदेश जैसे क्षेत्रों में यात्राएं कीं और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर गहन अनुभव प्राप्त किया. यह अनुभव उनके लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. विश्व बैंक जैसे प्रतिष्ठित संगठन में काम करने के बावजूद, उनके मन में समाज के लिए कुछ बड़ा और प्रत्यक्ष करने की इच्छा जागी. यहीं से उनके मन में प्रशासनिक अधिकारी बनकर लोगों की सेवा करने का सपना पनपने लगा.
संगीता की यह यात्रा आसान नहीं थी. विश्व बैंक जैसे करियर को छोड़कर सिविल सेवा की राह चुनना एक साहसिक फैसला था. यूपी पीसीएस जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने दिन-रात एक कर दिया. वह रोजाना 12 से 13 घंटे पढ़ाई करती थीं और अपने सीनियर्स से मार्गदर्शन लेती थीं. उनकी मेहनत और रणनीति का असर 2017 में तो नहीं दिखा, जब वह यूपी पीसीएस परीक्षा में सफल नहीं हो सकीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. असफलता को उन्होंने सीखने का अवसर बनाया और अगले साल 2018 में यूपी पीसीएस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरी रैंक हासिल की.
सहारनपुर में एसडीएम के रूप में योगदान
सहारनपुर में एसडीएम के रूप में कार्य करते हुए संगीता ने अपनी नेतृत्व क्षमता और सेवा के प्रति समर्पण का परिचय दिया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना के साथ उनके सहयोग ने न केवल उनकी कार्यक्षमता को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि वह कितनी प्रभावी ढंग से विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर जटिल परिस्थितियों में काम कर सकती हैं. उनकी इस उपलब्धि के लिए भारतीय वायुसेना ने उन्हें सम्मानित किया, जो उनके लिए एक गौरवपूर्ण क्षण था.
लखनऊ विकास प्राधिकरण में ओएसडी के रूप में भूमिका
वर्तमान में संगीता राघव लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में ओएसडी के रूप में कार्यरत हैं. इस भूमिका में भी वह अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं. उनकी कार्यशैली में अनुशासन, पारदर्शिता और समाज के प्रति जवाबदेही स्पष्ट रूप से झलकती है.
संगीता राघव की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं. विश्व बैंक जैसे प्रतिष्ठित करियर को छोड़कर देश सेवा की राह चुनना, असफलता के बाद भी हिम्मत न हारना और कड़ी मेहनत से अपने लक्ष्य को हासिल करना- यह सब उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण का परिचय देता है. संगीता की यात्रा सिखाती है कि अगर मन में जुनून और मेहनत करने की लगन हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है.
पिता नौसेना से रिटायर, खुद SDM… कौन हैं PCS अधिकारी संगीता राघव, जिन्हें मिला वायुसेना का सम्मान?
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
[ad_1] #INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,










