UP News: 31 साल बाद शुरू होगी गाजियाबाद की अजंतापुरम योजना, तीन दशक बाद 4 हजार लोगों के सपने होंगे पूरे – INA

UP News: 31 साल बाद शुरू होगी गाजियाबाद की अजंतापुरम योजना, तीन दशक बाद 4 हजार लोगों के सपने होंगे पूरे – INA

गाजियाबाद की अजंतापुरम आवासीय योजना, जिसका नाम बीते तीस साल से सिर्फ फाइलों, कागजों और अधूरे वादों में सुनाई देता था, अब एक बार फिर सच होने की कगार पर है. आवास एवं विकास परिषद ने आखिरकार इस योजना के ले-आउट प्लान पर आधिकारिक स्वीकृति दे दी है. यह फैसला 4 हजार लोगों के सपनों के सच होने जैसा है. कई परिवारों ने ये सपना साल 1994 में देखा था, लेकिन यह सपना समय के साथ धुंधला होता गया. कई सदस्यों ने उम्र के साथ आशा खो दी और कई इस इंतजार को पूरा होते देखने से पहले दुनिया ही छोड़ गए. फिर भी लोगों ने योजना की उम्मीद नहीं छोड़ी. अब तीन दशक के बाद उनका सपना पूरा होने जा रहा है.

अजंतापुरम योजना की कल्पना उस समय की गई थी जब गाजियाबाद का विस्तार तेजी से हो रहा था और हिंडन एयरपोर्ट के आसपास का इलाका नए विकास की संभावनाओं से भर रहा था. परिषद ने सिकंदरपुर, निस्तौली, भोपुरा, बेहटा हाजीपुर और पसौंडा गांवों की जमीन लेकर एक ऐसी कॉलोनी बसाने का वादा किया था जो मध्यमवर्गीय नागरिकों के लिए अपने घर का सपना साकार कर सके. उस समय कहा गया था कि योजना को विकसित करके विकास शुल्क लेकर भूमि का 80 प्रतिशत हिस्सा समितियों को वापस दे दिया जाएगा, ताकि लोग अपने घर बना सकें. पर वादा कागज पर कुछ और था और जमीन की सच्चाई कुछ और. स्वामित्व, सीमांकन, विभागों के हस्तांतरण और कागजी प्रक्रियाओं में योजना उलझती चली गई. दो साल का वादा पहले पांच साल में बदला, फिर दस, फिर बीस और देखते-देखते ये इंतजार पूरे इकतीस साल लंबा हो गया.

कोर्ट के सवाल के बाद हरकत में आई परिषद

इस बीच समिति सदस्यों की पीढ़ी ही बदल गई. कुछ ने उम्मीद छोड़ दी, कुछ ने कोर्ट का सहारा लिया. इसी वर्ष सहकारी समितियां हाईकोर्ट पहुंचीं और योजना की प्रगति पर जवाब मांगा गया. न्यायपालिका द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण ने परिषद को तेज गति से काम आगे बढ़ाने के लिए बाध्य किया. इसके बाद हुई बैठकों और संशोधनों के बाद योजना का ले-आउट अंततः अंतिम रूप ले सका. यह भी सच है कि योजना के अटकने की वजह केवल कागजी देरी नहीं थी. इस भूखंड में सिर्फ सहकारी समितियों की ही जमीन नहीं थी. गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम, ग्राम सभा और लोक निर्माण विभाग की जमीन भी इस क्षेत्र में शामिल थी. स्वामित्व का निर्धारण करने में वर्षों लग गए.

हिंडन एयरपोर्ट के चलते कई बार बदली योजना

यहां की स्थिति तब और चुनौतीपूर्ण हो गई जब हिंडन एयरपोर्ट शुरू हुआ और उसकी ओर जाने वाले मार्गों के व्यावसायिक उपयोग की योजना बनानी पड़ी. एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में होटल, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, रेस्टोरेंट और बिजनेस प्रतिष्ठानों की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए ले-आउट को फिर से संशोधित करना पड़ा. इस वजह से योजना बार-बार समीक्षा के लिए वापस भेजी जाती रही.

इस योजना को शहरनुमा स्वरूप देने की है तैयारी

अब जब योजना को मंजूरी मिल चुकी है, पहला काम समिति पदाधिकारियों और परिषद के अधिकारियों के बीच संवाद और सहमति का होगा. इसके बाद मूलभूत संरचनात्मक विकास शुरू होगा. सड़कें, सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन, विद्युत वितरण, पार्क, सामुदायिक केंद्र और सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण. इसके बाद समितियां अपने सदस्यों को भूखंड आवंटित कर सकेंगी और असल अर्थों में घर बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी. इस पूरी कॉलोनी को एक संतुलित और व्यवस्थित शहरनुमा स्वरूप देने की तैयारी है, जिसमें आवासों के साथ स्कूल, अस्पताल, बाज़ार, हरित क्षेत्र और मनोरंजन स्थल भी होंगे.

अजंतापुरम योजना से एयरपोर्ट के यात्रियों को होगा फायदा

अजंतापुरम का स्थान भी इसे अत्यंत विशेष बनाता है. हिंडन एयरपोर्ट के पास विकसित होने वाला यह क्षेत्र भविष्य में गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के लिए एक प्रमुख आवासीय और कॉमर्शियल केंद्र बन सकता है. अभी एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों और कर्मियों को होटल और अन्य सुविधाओं के लिए दिल्ली या गाजियाबाद शहर के अंदर जाना पड़ता है. योजना लागू होते ही यह स्थिति बदल जाएगी. एयरपोर्ट से ही सटे क्षेत्र में रहने, ठहरने और व्यवसाय चलाने की जगह उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार दोनों को गति मिलेगी.

सहकारी समितियों के पदाधिकारी इस स्वीकृति को एक नई शुरुआत की तरह देख रहे हैं. 31 साल से जिस कागज़ पर लोग अपनी उंगलियां रखकर घर का सपना गिनते थे, अब वही कागज जमीन का नक्शा बन चुका है. यह सिर्फ एक परियोजना का पुनर्जीवन नहीं है, यह उन हजारों परिवारों के विश्वास की वापसी है, जिन्होंने अपना सपना खत्म होने का नाम नहीं लिया.

31 साल बाद शुरू होगी गाजियाबाद की अजंतापुरम योजना, तीन दशक बाद 4 हजार लोगों के सपने होंगे पूरे




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