UP News: ग्रेटर नोएडा: हिम्मत नहीं हारा, जिंदगी की जंग हार गया युवराज… पिता बोले- तड़प-तड़प के मर गया मेरा इकलौता ‘चिराग’ – INA

UP News: ग्रेटर नोएडा: हिम्मत नहीं हारा, जिंदगी की जंग हार गया युवराज… पिता बोले- तड़प-तड़प के मर गया मेरा इकलौता ‘चिराग’ – INA

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर 150 में स्थित एक बिल्डर की साइट पर पानी से 30 फिट गहरे गड्ढे में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत हो गई थी. मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने कहा कि युवराज उनका बड़ा ही होनहार मेहनती और इकलौता बेटा था. उनकी एक बेटी भी है जो यूके में रहकर पढ़ाई कर रही है. जल्द ही मृतक युवराज की शादियों की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही उनका बेटा उनकी आंखों के सामने तड़प-तड़प कर मर गया. किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की. उनके पिता ने प्राधिकरण पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जिस बिल्डर की ये निर्माणधीन साइट है उसका काम कोरोना काल के समय से बंद है.

बिल्डर ने इस प्रोजेक्ट को बनाने के लिए इसमें करीब 30 फिट का गड्ढा खुदवाया था, लेकिन कोरोना के समय जब सब कुछ बंद हो गया था तो उसी दौरान इस साइट का काम भी बंद हो गया. बिल्डर ने इसकी कोई सुध नहीं ली आसपास के इलाकों में बने घरों का पानी भी यहीं जमा होता है. उनका कहना है कि प्राधिकरण के दावे तो बड़े-बड़े होते हैं क्योंकि जब यहां से सैकड़ों निवासी निकलते हैं. उन्हें कई बार हादसे का अंदेशा हुआ तो इसकी शिकायत भी की गई लेकिन प्राधिकरण ने इस पर कोई सुनवाई नहीं की जिसके कारण यह हादसा हुआ और उनके बेटे की लापरवाही के चलते मौत हो गई.

हिम्मत हार गया था डिलीवरी बॉय

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक ऑनलाइन कंपनी के डिलीवरी बॉय जब वहां से गुजर रहा था तब युवराज गाड़ी की छत पर खड़े होकर मोबाइल पर टॉर्च जलाकर जोर-जोर से चिल्ला रहा था कि ‘मुझे बचाओ- मुझे बचाओ’ मैं पानी में फंसा हुआ हूं. मेरी गाड़ी डूब रही है, लेकिन आसपास खड़े लोगों में से किसी ने हिम्मत नहीं जुटाई तो डिलीवरी बॉय ने बिना कुछ सोचे समझे रस्सी लेकर पानी में कूद गया, लेकिन पानी गहरा होने के चलते और उसमें मोटे मोटे सरिया लगे होने की वजह से वह भी वापस लौट गया.

खुले नालों ने खोली दावों की पोल

सेक्टर 150 नहीं बल्कि ग्रेटर नोएडा- दिल्ली एक्सप्रेसवे की अगर दोनों साइड सर्विस रोड की बात करें तो वहां कई जगहों पर नाले खुले हुए हैं, जिससे प्राधिकरण की लापरवाही सामने आती है. अब से पहले भी इस तरह के वहां पर कई हादसे हो चुके हैं और कई जान भी जा चुकी है लेकिन आज तक भी प्राधिकरण ने इस पर ना तो कोई संज्ञान लिया और ना ही उन नालों को ढकने की सुध ली. इतना ही नहीं सर्दी और कोहरा शुरू होने से पहले ना तो प्राधिकरण की कोई ऐसी तैयारी थी और ना ही सड़कों पर कोई रिफ्लेक्टर या कोई साइन बोर्ड लगाया गया था. घने कोहरे के बाद सड़कों पर हुए हादसों को लेकर TV9 ने इस पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सड़कों की मौजूदा हालातों को जायजा लिया था, जिसमें करीब नोएडा और ग्रेटर नोएडा को मिलाकर सड़कों की कुल लंबाई 3251 किलोमीटर है जिसमें करीब 1200 किलोमीटर सड़कों पर मार्किंग नहीं की गई थी. यानी की मार्किंग कोहरे में वाहन चालकों को चलने की सही दिशा बताती और ऐसा ही उस दिन भी हुआ, क्योंकि कोहरा घना ज्यादा था सड़कों पर कोई रिफ्लेक्टर या मार्किंग नहीं होने के चलते गाड़ी नाले की दीवार को तोड़ते हुए गहरे पानी में जा गिरी.

कैसे पीछे रह गया हाईटेक शहर?

हादसे के बाद अब आखिरकार सबसे बड़ा सवाल यह है खड़ा होता है कि उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला हाईटेक शहर कहा जाने वाला नोएडा आखिर सुरक्षा उपकरणों में कैसे पीछे रह गया. ना तो तीन अपराधिकरणों पर कोई ऐसी सुरक्षा के प्रमुख इंतजाम थे और ना ही पुलिस के पास कोई ऐसी मजबूत टीम. उस दिन 1 घंटे गाड़ी पर खड़ा होकर अपनी जिंदगी की भीख मांगते युवक को बचा सकती. उसे बचाने कोई नहीं आया जब तक एनडीआरएफ और गाजियाबाद से गोताखोर नोएडा पहुंचे तो बहुत देर हो चुकी थी. करीब 2 घंटे के बाद राहत बचाव कार्य शुरू किया गया. इस पूरे मामले में अभी तक ना तो किसी राजनेता का बयान सामने आया है और ना ही किसी बड़े अधिकारी का. बेबस पिता की आंखों में आंसू हैं और वह अपने बेटे का इंतजार देख रहा है कि अब वह वापस लौट के कब आएगा. राजकुमार मेहता की पत्नी का भी कुछ साल पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था. उसकी बेटी विदेश में पढ़ाई कर रही है और बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर था जो कि गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था.

नहीं कराया गया सेफ्टी ऑडिट

मृतक युवराज के पिता राजकुमार मेहता और समिति के निवासियों ने प्राधिकरण की लापरवाही के चलते कल हंगामा किया उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के द्वारा ना तो कोई साइन बोर्ड लगाया गया था और ना ही सड़कों पर कोई मार्किंग की गई थी हादसे के बाद प्राधिकरण नींद से जागा है और कल शाम ही प्राधिकरण ने कई टन मालवा लॉट्स बिल्डर की साइट पर डलवाया जिसमे पानी भरा हुआ था।हादसे के बाद आननफानन में अब प्राधिकरण के अधिकारियों ने उस जगह पर लोहे के बड़े बड़े बोर्ड लगवा दिये है लेकिन राजकुमार मेहता का कहना है कि वह अपने बेटे की मौत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लड़ेंगे।

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

नोएडा पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर राजीव नारायण मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया है कि मृतक के परिजनों से वार्ता हुई है. थाने पर अभी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है जो भी शिकायत उनके परिजन देंगे उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. दोषियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा, जिस किसी की बीच में लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

ग्रेटर नोएडा: हिम्मत नहीं हारा, जिंदगी की जंग हार गया युवराज… पिता बोले- तड़प-तड़प के मर गया मेरा इकलौता ‘चिराग’




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