UP News: ‘मैं अकेला पीड़ित नहीं…’, अब रेप केस में फंसे सिपाही ने खोली जालौन की महिला कांस्टेबल की कुंडली – INA

UP News: ‘मैं अकेला पीड़ित नहीं…’, अब रेप केस में फंसे सिपाही ने खोली जालौन की महिला कांस्टेबल की कुंडली – INA

उत्तर प्रदेश के जालौन के कुठौंद थाने के इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत के बाद आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की पुरानी गतिविधियों की परतें खुलने लगी हैं. मीनाक्षी 2019 में सिपाही के पद पर भर्ती हुई थी. जिसकी पीलीभीत जिले में पहली तैनाती पूरनपुर थाने में हुई थी. वहां मीनाक्षी ने एक सिपाही को अपने प्रेम जाल में फंसाया और और उससे शादी का दबाव बनाया.

मीनाक्षी का जाल काम नहीं आया और सिपाही उसके प्रेम जाल में नहीं फंसा. इसके बाद लेडी कांस्टेबल ने सिपाही के कुछ निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और 25 लाख रुपए मांगे. जब सिपाही ने अपने परिवार के लोगों को इस बारे में बताया तो परिवार ने सिपाही का साथ दिया और रुपए देने से मना कर दिया. जिसके बाद सिपाही मीनाक्षी ने उसके खिलाफ पीलीभीत कोतवाली में रेप का मुकदमा पंजीकृत कराया इस मामले में सिपाही दो माह तक जेल में रहा.

पुरानी ब्लैकमेलर है मीनाक्षी

पीलीभीत में तैनात रहे सिपाही मोहित खोखर ने चौकाने वाला दावा किया है. उनका कहना है कि मीनाक्षी ब्लैकमेलर है. उसने मुझे प्रेमजाल में फंसाया, फिर 25 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी. पैसे न देने पर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल किया और झूठा मुकदमा लिखवा दिया. सिपाही मोहित के मुताबिक मीनाक्षी केवल अकेले काम नहीं करती बल्कि उसके पिता और भाई भी इस कथित ब्लैकमेलिंग गैंग का हिस्सा हैं.

पीड़ित सिपाही ने क्या कहा?

मोहित ने बताया कि 2022 में पूरनपुर थाने में उसकी पोस्टिंग हुई थी. वहीं मीनाक्षी भी तैनात थी. पहले दोस्ती, फिर नजदीकियां, उसके बाद ब्लैकमेलिंग की शुरुआत की. कुछ महीनों बाद मीनाक्षी के पिता और भाई ने उससे 25 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी. मोहित के मुताबिक जैसे-जैसे मैं पैसे देने से मना करता गया वैसे-वैसे धमकियां बढ़ती गईं. मैंने परिवार को बताया, उन्होंने साफ मना कर दिया कि एक रुपया भी नहीं देना है.

पैसे न देने पर झूठा रेप केस?

सिपाही मोहित का दावा है कि पैसे देने से इनकार उसके लिए महंगा पड़ गया. 2022 में मीनाक्षी ने मेरे खिलाफ फर्जी रेप का केस दर्ज करा दिया. मैं दो महीने जेल में रहा. उस दौरान मेरी नौकरी और मेरी इज्जत, सब खत्म होने की कगार पर पहुंच गई थी. सिपाही के अनुसार यह मामला अभी कोर्ट में है लेकिन मीनाक्षी अब तक एक भी तारीख पर पेश नहीं हुई क्योंकि मामला झूठा था.

कई लोगों का बनाया शिकार

मोहित का दावा है कि वह अकेले पीड़ित नहीं है. उसने बताया कि अमरिया थाना क्षेत्र के एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) को भी इसी तरह प्रेमजाल में फंसाकर उससे भी लाख रुपये ऐंठे गए. यह भी आरोप है कि मीनाक्षी के पिता और भाई मिलकर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हैं.

ब्लैकमेलिंग से करोड़ों की संपत्ति?

सिपाही मोहित ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी और उसके परिवार ने ब्लैकमेलिंग के जरिए करोड़ों की अवैध संपत्ति इकट्ठी कर ली है. सिरोही के मुताबिक पूरी फैमिली एक गैंग की तरह काम करती है. जो पैसा ब्लैकमेल कर वसूला जाता है उससे प्रॉपर्टी खरीदी जाती है. इसकी भी जांच होनी चाहिए.

फर्जी केस का असर नौकरी पर भी पड़ा

मोहित ने बताया कि झूठे केस के बाद उसे विभागीय स्तर पर ताने झेलने पड़े. कई सहकर्मी उस पर उंगली उठाने लगे. आखिरकार उसे पीलीभीत से हटाकर दूसरे जिले में ट्रांसफर कर दिया गया. मीनाक्षी ने मेरी नौकरी, मान-सम्मान और जीवन सब बर्बाद करने की कोशिश की.

‘मैं अकेला पीड़ित नहीं…’, अब रेप केस में फंसे सिपाही ने खोली जालौन की महिला कांस्टेबल की कुंडली




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