UP News: आगरा की जाबांज रीमा…बेटी को बचाने के लिए खूंखार जानवर से भिड़ गई, हार मानकर जंगल में भागा ‘आदमखोर’ – INA


मां अपने बच्चों के लिए हर हद पार कर सकती है. जब संतान पर संकट आता है, तो वही सबसे बड़ी ढाल बनकर खड़ी हो जाती है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से सामने आया है. यहां जैतपुर (बाह) क्षेत्र के नौगवां गांव में एक साहसी मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना तीन साल की मासूम बेटी को जंगली जानवर के हमले से बचा लिया. महिला का नाम रीमा है.
घटना मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है, जब किसान आशीष कुमार की पत्नी रीमा अपने घर के आंगन में बर्तन धो रही थी. पास ही उनकी नन्ही बेटी अर्पिता खेल रही थी. अचानक मकान की दीवार फांदकर एक जंगली जानवर भीतर घुस आया और सीधे बच्ची पर झपट पड़ा.
बेटी को बचाने के लिए शेरनी की तरह भिड़ गई
जानवर ने अर्पिता को पकड़कर खींचना शुरू कर दिया. बेटी की चीख सुनते ही मां रीमा शेरनी की तरह उसकी ढाल बन गई. निहत्थी होने के बावजूद उसने पूरी ताकत से उस जंगली जानवर से मुकाबला किया. करीब तीन से चार मिनट तक संघर्ष चला. इस दौरान जानवर ने मां और बेटी दोनों को घायल कर दिया. लेकिन रीमा ने हार नहीं मानी और लगातार उससे भिड़ गई. आखिरकार हिम्मत और संघर्ष के आगे जानवर घबरा गया और मौके से भाग निकला.
रीमा और अर्पिता की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़कर आ गए. ग्रामीणों ने शोर मचाया जिससे जंगली जानवर दूर जंगल की ओर भाग गया. चश्मदीदों में से कुछ ने उसे तेंदुआ बताया, जबकि अन्य ने दावा किया कि वह सियार था. वहीं, वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जैतपुर इलाके में अब तक तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है. संभावना है कि यह कोई और वन्यजीव रहा हो.
हमले में दोनों जख्मी
हमले में तीन साल की अर्पिता के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि रीमा को सिर और हाथों पर गहरे घाव लगे. तुरंत दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. मेडिकल कॉलेज में दोनों का इलाज जारी है और चिकित्सकों के अनुसार अब उनकी हालत स्थिर है.
इस घटना ने पूरे गांव को दहला दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और जंगल के करीब होने के कारण आए दिन जंगली जानवर इधर-उधर घूमते रहते हैं, लेकिन इस तरह घर के आंगन में आकर हमला कर देना चौंकाने वाला है. गांव के लोगों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा इंतज़ाम मजबूत करने की मांग की है. रीमा के साहस की हर कोई तारीफ कर रहा है. लोग कह रहे हैं कि अगर मां ने हिम्मत न दिखाई होती तो मासूम अर्पिता की जान बचाना मुश्किल हो जाता.
आगरा की जाबांज रीमा…बेटी को बचाने के लिए खूंखार जानवर से भिड़ गई, हार मानकर जंगल में भागा ‘आदमखोर’
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