UP News: कुशाग्र के हत्यारों को सजा कब? मां-बाप ने कानपुर छोड़ा, चाचा लड़ रहे केस, ट्यूशन टीचर ने पैसों के लिए मारा था – INA

UP News: कुशाग्र के हत्यारों को सजा कब? मां-बाप ने कानपुर छोड़ा, चाचा लड़ रहे केस, ट्यूशन टीचर ने पैसों के लिए मारा था – INA

हमारे अपने जब हमें छोड़कर इस दुनिया से चले जाते हैं तो उनकी यादों से परिवार कभी उबर नहीं पाता है. ऐसा ही एक परिवार कानपुर के कुशाग्र का है, जिसकी मौत के बाद परिवार बिखर सा गया. माता-पिता उस घर में नहीं रह पाए, जहां कुशाग्र के साथ रहते थे. वह उस घर को बंद करके दूसरे शहर चले गए. अपने भतीजे से बेहद प्यार करने वाले चाचा भी रात-दिन भतीजे को याद करते हैं. उनका एक ही मकसद है, भतीजे के कातिलों को फांसी की सजा दिलाना.

बात करीब दो साल पहले अक्टूबर 2023 की है. कानपुर के कारोबारी मनीष कनोड़िया का 16 वर्षीय बेटा कुशाग्र कनोड़िया ट्यूशन पढ़ने गया था. उसी दिन का उसका अपहरण कर लिया गया और हत्या कर दी गई. पुलिस जांच में पता चला कि कुशाग्र की पुरानी टीचर रचिता, उसके प्रेमी प्रभात और साथी आर्यन ने कुशाग्र के पैसों के लिए पहले उसका अपहरण किया, फिर हत्या कर दी. अपने बेटे की मौत से कनोड़िया परिवार पूरी तरह से टूट गया. बेटे की यादें इस कदर पीछा करती थीं कि आखिरकार 2024 में परिवार ने कानपुर छोड़ दिया और सूरत शिफ्ट हो गए. अभी भी यह मामला कोर्ट में चल रहा है. परिवार को सूरत से आकर मुश्किलों में पैरवी करनी पड़ती है.

Kanpur Kushagra Murder Case

सबसे मार्मिक गवाही मां की

इस मामले में सबसे मार्मिक गवाही कुशाग्र की मां सोनिया कनोड़िया की थी. कुछ दिन बचाव पक्ष के सवाल और आरोपियों को सामने देखकर कुशाग्र की मां कई-कई बार कोर्ट के अंदर फफक-फफक कर रो पड़ीं. उन्होंने कोर्ट के सामने न सिर्फ कुशाग्र के कपड़ों की शिनाख्त की बल्कि, यह भी बताया कि कुशाग्र की पूर्व ट्यूशन टीचर आरोपी रचिता अपने प्रेमी के साथ उसी घर से बाहर आई थी, जहां कुशाग्र का शव मिला था. गवाही के दौरान कुशाग्र की मां की तबीयत कई बार खराब हुई और यह गवाही कई दिनों तक चली. इसके बावजूद उन्होंने कोर्ट से कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए.

मुख्य गवाह चाचा की भी हुई गवाही

इस मामले में कुशाग्र के चाचा सुमित कनोड़िया मुख्य गवाह हैं. उनकी गवाही बुधवार यानी आज कोर्ट में हुई. कुशाग्र के चाचा लखनऊ में कारोबार करते हैं और कुशाग्र की हत्या की खबर सुनकर तुरंत ही कानपुर आ गए थे. जब कुशाग्र का शव बरामद हुआ तो सबसे पहले उन्होंने ही घटनास्थल पर जाकर शव की शिनाख्त की थी. इसके अलावा पुलिस को मिले CCTV फुटेज देखकर उन्होंने ही सबसे पहले पहचान की थी. बुधवार को कोर्ट में भी सुमित कनोड़िया ने फोटो की पहचान की.

Kushagra Murder Case

चाचा के साथ था कुशाग्र का खास रिश्ता

कुशाग्र के चाचा सुमित कनोड़िया ने बताया कि उनका भतीजा कुशाग्र बहुत ही सीधा था. वो जब भी उनसे मिलने लखनऊ आता था तो वो कुशाग्र को थोड़ा दुनियादारी समझने की सलाह देते थे. सुमित अपने भाई-भाभी को भी बोलते थे कि कुशाग्र को ‘पैंपर’ करके मत रखो, बल्कि उसको थोड़ा तेज बनाओ. सुमित ने बताया कि कुशाग्र का सीधापन ही उसकी मौत का कारण बन गया. सुमित ने बताया कि कुशाग्र लखनऊ आकर रहना चाहता था, क्योंकि उस समय सुमित के कोई औलाद नहीं थी. ऐसे में कुशाग्र उनसे बोलता था कि मैं आपके साथ रहूंगा. मौत के कुछ दिन पहले ही सुमित ने कुशाग्र को ड्राइविंग सिखवाई थी.

धार्मिक था कुशाग्र, पूजा-पाठ में थी खास दिलचस्पी

नम आंखों से सुमित कनोड़िया ने बताया कि कुशाग्र को भगवान ने इतनी कम उम्र में अपने पास बुलवा लिया, जबकि कुशाग्र पूजा-पाठ में बहुत तल्लीन रहता था. वो रोज 108 की माला का जाप करता था और इस्कॉन मंदिर जरूर जाता था. इसके अलावा ‘हरे रामा, हरे कृष्णा’ उसकी जबान पर हमेशा रहता था. भागवत के कई श्लोक भी कुशाग्र को मुंहजबानी याद थे.

Kanpur News

फांसी की हो सजा, फिर किसी का बेटा ऐसे न जाए

गवाही के बाद सुमित कनोड़िया ने कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए, जिससे कि फिर कोई ऐसी घटना को अंजाम देने का दुस्साहस न कर सकें. उन्होंने बताया कि कुशाग्र के जाने के बाद पूरा परिवार बिखर गया है. आंसू आज भी नहीं रुकते हैं. वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप अवस्थी और सरकारी अधिवक्ता भास्कर मिश्रा ने बताया कि यह मामला ऑपरेशन कनविक्शन के तहत आता है. उनको पूरी उम्मीद है कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी. फिलहाल तीनों आरोपी जेल में हैं. अब सभी को इंतजार है कि कोर्ट का इस मामले में कब और क्या फैसला आता है?

कुशाग्र के हत्यारों को सजा कब? मां-बाप ने कानपुर छोड़ा, चाचा लड़ रहे केस, ट्यूशन टीचर ने पैसों के लिए मारा था




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