UP News: बरेली बवाल के लिए मौलाना तौकीर रजा ने रची थी साजिश! चार्जशीट लिखी पूरी कहानी, क्या हुआ था उस दिन? – INA


उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल की जांच में बड़ी कार्रवाई हुई है. बारादरी पुलिस ने इस मामले में अपनी पहली चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है. पुलिस ने इस चार्जशीट में राजनीतिक दल इत्तेहाद-ए-मिल्लत परिषद (IEMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को बवाल की साजिश रचने का जिम्मेदार माना है. चार्जशीट में कुल 38 आरोपी शामिल हैं, जिन्हें पहले ही जेल भेजा जा चुका है.
इस बवाल को लेकर शहर में दर्जनभर से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए थे. हालांकि, ये चार्जशीट श्यामगंज चौराहे के पास हुए हंगामे और पथराव के मामले से जुड़ी है. पुलिस का कहना है कि अभी 32 और लोगों की तलाश की जा रही है, जिनके खिलाफ आगे अलग चार्जशीट दाखिल की जाएगी.
कैसे भड़का था बवाल?
26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा ने अपने समर्थकों से इस्लामिया कॉलेज मैदान में जुटने की अपील की थी. जुमे की नमाज़ के बाद भीड़ अचानक उग्र हो गई और कई इलाकों में माहौल बिगड़ गया. स्थिति काबू में लाने के लिए पुलिस को कई जगहों पर सख्ती करनी पड़ी और लाठीचार्ज आंसू गैस के गोले भी चलाने पड़े.
जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन शहर के पांच थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई थीं. बारादरी थाने में दो मुकदमे दर्ज हुए थे. मौलाना तौकीर रजा समेत 105 लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है मौलाना तौकीर राजा को फतेहगढ़ की जेल में रखा गया है. श्यामगंज चौकी प्रभारी अखिलेश उपाध्याय ने हंगामे और पथराव की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. बाद में इस मामले की विवेचना एसएसआई पुष्पेंद्र सिंह ने की और पूरी जांच सीओ तृतीय के कार्यालय भेजने के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई.
चार्जशीट में क्या-क्या कहा गया?
पुलिस की पहली चार्जशीट में मौलाना तौकीर रजा को बवाल की साजिश रचने वाला बताया गया है. पुलिस के अनुसार जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जो मौलाना की भूमिका को षड्यंत्रकारी बताते हैं.
चार्जशीट में शामिल 38 आरोपियों में मौलाना तौकीर के अलावा डॉ. नफ़ीस, फरहान रजा खान, पार्षद अनीस सकलैनी, कलीम, मोबीन, मोईन सिद्दीकी, फैजुल नवी खान, फरहत खान, अरबाज, नाजिम रज़ा, फैसल, शमशाद, रिजवान, अमान हुसैन, इदरीश, इकबाल समेत कई नाम शामिल हैं. इसके साथ ही पुलिस ने 15 साल के एक किशोर को भी आरोपी माना है.
पुलिस का कहना है कि इन सभी को विभिन्न कोर्टों से जेल भेजा जा चुका है. अब कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुकदमे की आगे की कार्रवाई शुरू होगी.
जांच क्राइम ब्रांच को सौंपा
26 सितंबर को हुए बरेली बवाल के दो प्रमुख केस एक कोतवाली और दूसरा बारादरी थाने में दर्ज हुआ था. इन दोनों की जांच अब क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर संजय धीर को दी गई है. पुलिस को अंदेशा है कि आरोपपत्र के खिलाफ आगे हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक चुनौती दी जा सकती है, इसलिए पूरी जांच का रिकॉर्ड बेहद सावधानी से तैयार किया जा रहा है.
नए विवेचक संजय धीर पूर्व विवेचकों से पूरा रिकॉर्ड ले चुके हैं और यह भी पता लगा रहे हैं कि कौन-कौन आरोपी या पक्षकार पहले से अदालतों में याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं.
‘किसी निर्दोष को नहीं सताया जाएगा’
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि चार्जशीट में जिन 38 आरोपियों के नाम हैं, उन्हें पहले ही जेल भेजा जा चुका है. सभी सबूतों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया गया है. उन्होंने बताया कि बाकी मामलों में भी जांच तेजी से चल रही है. अज्ञात लोगों को चिह्नित कर उनके नाम भी सामने लाए जा रहे हैं. सभी दोषियों को जेल भेजा जाएगा, लेकिन किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा.
बरेली बवाल के लिए मौलाना तौकीर रजा ने रची थी साजिश! चार्जशीट लिखी पूरी कहानी, क्या हुआ था उस दिन?
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