UP News: ‘बिल्डर से मेरी जान को खतरा’… बोला नोएडा हादसे का चश्मदीद मनिंदर, पूछा- कौन होगा इसका जिम्मेदार? – INA

UP News: ‘बिल्डर से मेरी जान को खतरा’… बोला नोएडा हादसे का चश्मदीद मनिंदर, पूछा- कौन होगा इसका जिम्मेदार? – INA

नोएडा के सेक्टर-150 में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में चश्मदीद मनिंदर ने अपनी जान को खतरा बताया है. मनिंदर ने कहा कि मेरे सच बोलने की वजह से बिल्डर जेल में पहुंच गया. वह लाखों-करोड़ों का मालिक है. वह कुछ भी करवा सकता है. पुलिस ने पांच घंटे तक उससे पूछताछ की थी. मामले में नोएडा प्राधिकरण और NDRF की लापरवाही देखी जा रही है. घटना को 4 दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक गाड़ी नहीं निकली है. मनिंदर ने कहा कि अगर पुलिस चाहे तो कुछ ही घंटे में गाड़ी निकल सकती है, लेकिन इसके पीछे की क्या वजह है, यह मुझे समझ नहीं आ रहा है.

मनिंदर ने टीवी9 डिजिटल से बातचीत में कहा कि मैंने घटनास्थल पर जो देखा, वही बताया. मनिंदर ने बताया कि घटना के 10 मिनट बाद मैं मौके पर पहुंच गया था. वहां पर रेस्क्यू टीम के जवान छोटी सी रस्सी लेकर बार-बार पानी में फेंक रहे थे और मृतक युवराज मेहता गाड़ी की छत पर खड़ा होकर बार-बार यह गुहार लगा रहा था कि, “मुझे बचाओ-मुझे बचाओ”. उसके पिता भी मेरे सामने ही मौजूद थे. वह भी बार-बार पुलिस-प्रशासन से यही कह रहे थे कि मेरे बेटे को बचा लो.

घटनास्थल पर 2 घंटे बाद पहुंची थी NDRF-SDRF

फिर मैंने पुलिसकर्मियों से कहा कि मुझे तैरना आता है. मुझे पानी में जाने दो. इसके बाद मैंने रस्सी ली और पानी में कूद गया. करीब आधे घंटे तक मैंने पानी में रहकर युवराज को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया. करीब 2 घंटे के बाद NDRF और SDRF की टीम मौके पर पहुंची. स्थानीय गोताखोरों ने सीढ़ी लगाकर पानी में उतरने का प्रयास किया, लेकिन पानी ठंडा होने के चलते किसी ने आगे जाने की हिम्मत नहीं जुटाई.

घटना के चश्मदीद मनिंदर ने यह भी कहा कि मेरी जगह अगर कोई और होता तो वह भी यही करता. किसी की मदद करना क्या गुनाह है? अगर पुलिस या बिल्डर मेरे ऊपर किसी तरह का दबाव डालते हैं तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो आगे कोई भी किसी की मदद करने के लिए तैयार नहीं होगा. मनिंदर ने कहा कि मीडिया में बयान देने के बाद अब मुझे डर लगने लगा है. डर इस बात का है कि कहीं मेरे साथ या मेरे परिवार के साथ कोई घटना न घट जाए.

युवराज मेहता की मौत से टूट गए पिता

मृतक युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहात और अन्य परिजन उनकी अस्थियों को लेकर मंगलवार सुबह करीब 10:00 बजे बृजघाट पहुंचे. अस्थियों का विसर्जन कर शाम को वापस लौटे. इस बीच मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं.

SIT का गठन, CM योगी ने लिया संज्ञान

घटना के 3 दिन बाद जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लिया और तीन सदस्यीय SIT टीम का गठन किया तो एक बार फिर इस मामले में हलचल तेज हो गई. आज युवराज मेहता के पिता से BJP के कई विधायक और सांसद मिलने पहुंचे. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कहने पर समाजवादी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी मृतक के पिता और परिवार से मिलने पहुंचा.

गौतम बुद्ध नगर सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने बताया कि इस घटना में पुलिस-प्रशासन और प्राधिकरण तीनों की जिम्मेदारी तय है. कहीं न कहीं लापरवाही एक बड़े लेवल पर बरती गई है. इतनी हाईटेक पुलिस और हाईटेक प्राधिकरण के अधिकारी आखिर कैसे उसे बचाने में असमर्थ रहे. खाली बिल्डर पर कार्रवाई और अथॉरिटी के सीईओ को हटाने से काम नहीं चलेगा. दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजना चाहिए.

SIT टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे SIT की टीम नोएडा प्राधिकरण दफ्तर पहुंची. यहां पर अधिकारियों से टीम ने वार्ता की. सबसे पहले सेफ्टी ऑडिट सिस्टम को लेकर भी चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर एक जांच रिपोर्ट भी तैयार की गई. इसके बाद SIT की टीम घटनास्थल पर पहुंची और वहां पर भी बारीकी से निरीक्षण किया. यही नहीं वहां पर मौजूद पुलिस के अधिकारी और NDRF की टीम को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

क्या बोले SIT चीफ ADG भानु भास्कर

SIT चीफ व मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस मामले में जांच जारी है. एक बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया गया है. दूसरे बिल्डर की तलाश जारी है. लापरवाह और दोषी अधिकारियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती नहीं जाएगी. जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कड़ी और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. उन्होंने बताया कि मृदक युवराज मेहता के पिता से मिलने के बाद उन्हें भी आश्वासन दिलाया है कि जो भी इस मामले में मदद होगी, वह की जाएगी.

‘बिल्डर से मेरी जान को खतरा’… बोला नोएडा हादसे का चश्मदीद मनिंदर, पूछा- कौन होगा इसका जिम्मेदार?




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