UP News: ग्रेनो में डॉक्टरों की लापरवाही, ऑपरेशन के बाद पेट में छोड़ा कपड़ा, डेढ़ साल तक दर्द से कराहती रही महिला – INA


ग्रेटर नोएडा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला करीब डेढ़ से साल से दर्द बर्दास्त कर रही है. मामला ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के वेक्सन हॉस्पिटल में 14 नवंबर 2023 को महिला का डिलीवरी के दौरान ऑपरेशन में आधा मीटर कपड़ा छूट जाने का सामने आया है. डॉक्टरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और महिला की दर्ज सहने के लिए छोड़ दिया.
मामला को लेकर ग्रेटर नोएडा के डेल्टा 1 में रहने वाली पीड़िता अंशुल वर्मा के पति विकास वर्मा ने बताया की पत्नी का 14 नवंबर 2023 को वेक्शन हॉस्पिटल जो की तुगलपुर में है ,डिलीवरी के लिए भर्ती किया गया था. महिला की डिलीवरी ऑपरेशन डॉक्टर अंजना अग्रवाल ने किया था. डॉक्टर अंजना अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने ऑपरेशन के दौरान लापरवाही करते हुए पीड़िता अंशुल वर्मा के पेट में कपड़ा छोड़ दिया.
ऐसे सामने आया सच
महिला के पति विकास वर्मा ने बताया कि 22 मार्च 2025 को उनकी पत्नी अंशुल वर्मा को तेज बुखार और असहनीय पेट में दर्द उठा. इसके बाद यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और जेम्स हॉस्पिटल में MRI कराई गई जहां रिपोर्ट सामान्य बताई गई.कैलाश हॉस्पिटल में डॉक्टर संचिता विश्वास की सलाह पर 14 अप्रैल 2025 को कैलाश हॉस्पिटल में पेट की गांठ के आधार पर ऑपरेशन की सलाह दी गई. 22 अप्रैल 2025 को डॉक्टर संचिता विश्वास ने ऑपरेशन किया. डॉक्टर संचित विश्वास ने ऑपरेशन के दौरान वीडियो भी बनाया जिसमें महिला के पेट से कपड़ा निकालते हुए दिख रहा है.
पुलिस कर रही थी लापरवाही
ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट से आधा मीटर कपड़ा निकला जिससे डॉक्टर भी हैरान रह गए .मामले को काफी दबाने की कोशिश की गई पीड़िता के पति विकास वर्मा ने सीएमओ गौतमबुद्धनगर से लिखित शिकायत की. नॉलेज पार्क थाने में भी शिकायत दी थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया. पीड़ित ने आखिरकार कोर्ट की शरण ली और कोर्ट के आदेश के बाद नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर अंजना अग्रवाल, डॉक्टर मनीष गोयल, सीएमओ डॉक्टर नरेंद्र मोहन और स्वास्थ्य विभाग के दो जांच अधिकारियों समेत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने के आदेश दिए.
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
सीएमओ की तरफ से नियुक्त किए गए जांच अधिकारियों ने भी पूरे मामलों को पहले लटकाया और कपड़े की एफएसएल जांच भी नहीं कराई, बल्कि वेक्शन हॉस्पिटल को क्लीन चिट देते हुए अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा कि पीड़िता डिलीवरी के ऑपरेशन के बाद दोबारा कभी वेक्शन हॉस्पिटल में दिखाने नहीं आई. हालांकि, इस पूरे मामले पर पुलिस विभाग की तरफ से अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं.
वेक्शन हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमारे पास महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन करने के लिए ऑपरेशन थिएटर की मांग की थी. पीड़िता अंशुल वर्मा का ऑपरेशन डॉक्टर अंजना अग्रवाल द्वारा किया गया था. वेक्शन हॉस्पिटल ने सिर्फ उनको सुविधा उपलब्ध कराई थी. ऑपरेशन के बाद ना कभी अंशुल वर्मा हॉस्पिटल आई थीं. जांच कराने और ना ही उसके बाद संजना अग्रवाल यहां आई थीं.
ग्रेनो में डॉक्टरों की लापरवाही, ऑपरेशन के बाद पेट में छोड़ा कपड़ा, डेढ़ साल तक दर्द से कराहती रही महिला
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
[ad_1] #INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,





















