UP News: पहलवानी का शौक, नीतीश कटारा हत्याकांड में 20 साल जेल में बिताए; अब सड़क हादसे में मौत… कौन था कुशीनगर का सुखदेव यादव? – INA

UP News: पहलवानी का शौक, नीतीश कटारा हत्याकांड में 20 साल जेल में बिताए; अब सड़क हादसे में मौत… कौन था कुशीनगर का सुखदेव यादव? – INA

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में तरुवनवा गांव है. इस गांव में गहरी खामोशी छाई हुई है. इसी गांव के सुखदेव यादव उर्फ पहलवान की एक सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. सुखदेव ने अपने जिंदगी के 20 साल जेल में बिता दिए. वह एक मर्डर केस में जेल गया था. 4 महीने पहले ही वह जेल से सजा काटकर गांव आया था. उसकी मौत से घरवाले सदमे में हैं.

मंगलवार रात करीब 10 बजे कुशीनगर जिले के फाजिलनगर कस्बे के बघौचघाट मोड़ के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ. सुखदेव अपने दो साथियों विजय गुप्ता और भागवत सिंह के साथ किसी रिश्तेदार के घर से लौट रहा था. तीनों एक ही बाइक पर सवार थे. तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों सड़क पर जा गिरे.

मौके पर ही सुखदेव यादव की मौत हो गई, जबकि उसके दोनों साथी गंभीर रूप से घायल हुए. हादसे के बाद स्कॉर्पियो डिवाइडर से जा टकराई. सूचना पर पहुंची फाजिलनगर पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया.

सुखदेव को पहलवानी का बहुत शौक था

गांववालों के मुताबिक, सुखदेव यादव बेहद हंसमुख शख्स था. उसे पहलवानी का बहुत शौक था. गांव के अखाड़े में जब भी उतरता तो वह पलभर में विरोधी पहलवान को चित कर देता था. ऐसा इसलिए भी, क्योंकि उसने पहलवानी का दांव-पेंच बचपन से सीखा था. उसके पिता विश्वनाथ यादव भी एक नामी पहलवान थे. हालांकि, सुखदेव यादव की बाद में गलत लोगों से संगत हो गई. वह गांव छोड़कर गाजियाबाद चला गया था.

नीतीश कटारा हत्याकांड में 20 साल की सजा

2002 के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में सुखदेव यादव सह-आरोपी रहा है. 16-17 फरवरी 2002 की रात गाजियाबाद में हुए इस मर्डर ने पूरे देश को हिला दिया था. नीतीश कटारा को एक विवाह समारोह से डीपी यादव के बेटे विकास यादव और रिश्ते के भाई विशाल यादव ने अगवा कर लिया था, क्योंकि दोनों अपनी बहन भारती यादव और नीतीश के कथित संबंध से नाराज थे. इसके बाद नीतीश की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में विकास और विशाल यादव के साथ सुखदेव यादव को भी दोषी ठहराया गया था. 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने विकास और विशाल को 25 साल की सजा सुनाई, जबकि सुखदेव को 20 साल की सजा दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट की फटकार

सुखदेव यादव ने जेल में रहते हुए अपनी 20 साल की सजा लगभग पूरी कर ली थी. मार्च 2024 में उसकी सजा पूरी हो गई थी, लेकिन उसे समय पर रिहा नहीं किया गया. दिल्ली हाई कोर्ट ने उसकी फरलो की याचिका खारिज कर दी थी, जिसे उसने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. 29 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि जिसने अपनी पूरी सजा काट ली है, उसे जेल में नहीं रोका जा सकता. कोर्ट ने आदेश दिया कि सुखदेव यादव को तत्काल रिहा किया जाए.

55 वर्षीय सुखदेव यादव, जिसने अपने जीवन का 20 साल जेल में काट दिया, अब रिहाई के कुछ ही महीनों बाद सड़क हादसे में जान गंवा बैठा. उसे पहलवानी का शौक था. परिजनों का कहना है कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिली आज़ादी का सुख उसने शायद ठीक से महसूस भी नहीं किया था. न्यायालय ने उसे नया जीवन दिया था. वह अब एक सामान्य जीवन जीना चाहता था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. रिहाई के 4 महीने बाद ही सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई.

पहलवानी का शौक, नीतीश कटारा हत्याकांड में 20 साल जेल में बिताए; अब सड़क हादसे में मौत… कौन था कुशीनगर का सुखदेव यादव?




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